India-US Trade Deal: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आश्वस्त किया कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में पर्याप्त सुरक्षा उपाय शामिल हैं, जो आयात बढ़ने की स्थिति में घरेलू उद्योग और किसानों की रक्षा करेंगे.
India-US Trade Deal: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आश्वस्त किया कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में पर्याप्त सुरक्षा उपाय शामिल हैं, जो आयात बढ़ने की स्थिति में घरेलू उद्योग और किसानों की रक्षा करेंगे.वर्तमान में भारत 50-55 अरब मूल्य के कृषि व मत्स्य उत्पादों का निर्यात कर रहा है, जिसमें इस समझौते से और बढ़ोतरी होगी. कहा कि अमेरिका द्वारा अन्य देशों जैसे चीन पर 35% के मुकाबले भारतीय वस्तुओं पर कम टैरिफ 18% लगाने से भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में बढ़त मिलेगी. यह कदम भारतीय अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.मंत्री गोयल ने भारत-अमेरिका संयुक्त बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि यह वर्तमान में एक दो पन्नों का दस्तावेज है और अभी यह एक ‘वर्क इन प्रोग्रेस’ (जारी कार्य) है. PTI को दिए साक्षात्कार में उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यापार वार्ता में सुरक्षा उपाय हमेशा मौजूद रहते हैं, भले ही वे शुरुआती संक्षिप्त दस्तावेजों में न दिखें.
कृषि और मत्स्य निर्यात में आएगा उछाल
यूरोपीय संघ (EU) के साथ व्यापार समझौते का उदाहरण देते हुए गोयल ने बताया कि विस्तृत समझौतों में दस्तावेजों का एक बड़ा सेट शामिल होता है. उन्होंने कहा कि यदि भारतीय सामान अमेरिकी बाजार में अत्यधिक मात्रा में जाता है, तो अमेरिका निश्चित रूप से सुरक्षात्मक कदम उठाना चाहेगा, जो बातचीत का एक सामान्य हिस्सा है. गोयल ने आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि जो लोग केवल दो पन्नों के आधार पर इसकी कमियां निकाल रहे हैं, वे भ्रम फैला रहे हैं. उन्होंने जोर दिया कि भविष्य में इसमें कई और चीजें जोड़ी जानी बाकी हैं और पूरी स्पष्टता के लिए अभी प्रक्रिया जारी है. उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों ही कुछ खास उत्पादों को लेकर संवेदनशील हैं और दोनों देशों ने उनके लिए सुरक्षा उपाय किए हैं. उन्होंने कहा कि हमने इन सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की है. बताया कि भारत ने डेयरी उत्पादों, मांस, मुर्गी पालन, सोया मील और मक्का पर कोई शुल्क रियायत नहीं दी है. लेकिन कुछ दालें और मसूर हैं जिनका भारत आयात करता है.
किसानों के लिए ‘सुरक्षा कवच’ का आश्वासन
उन्होंने कहा कि अंततः यह लेन-देन का मामला है. अगर मैं कुछ नहीं दूंगा, तो मैं अमेरिका में अपने किसानों के लिए बाजार कैसे खोलूंगा? मंत्री ने कहा कि भारत ने अपने क्षेत्रों को बहुत ही सुनियोजित तरीके से खोला है. उन्होंने कहा कि इनमें से हर एक योजना बहुत संतुलित और सोच-समझकर बनाई गई है और इससे भारत की विकास गाथा को बल मिलेगा और अंततः भारतीय किसानों को भी मदद मिलेगी, जो अपने उत्पादों, विशेष रूप से प्रसंस्कृत उत्पादों को दुनिया के अन्य हिस्सों में निर्यात करना चाहते हैं. इसलिए यह एक सुनियोजित शुरुआत है. सूखे मेवों के बारे में उन्होंने कहा कि भारत लगभग साढ़े तीन अरब डॉलर के सूखे मेवे आयात करता है और इसमें से एक अरब डॉलर पहले से ही अमेरिका से आता है. उन्होंने कहा कि मुझे कोई आपत्ति नहीं है अगर यह अमेरिका से आता है तो इससे उपभोक्ताओं को फायदा होगा.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
