Students Protest: इंडोनेशिया में बढ़ती महंगाई के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. हजारों छात्र शुक्रवार को राजधानी जकार्ता की सड़कों पर उतर आए. छात्रों ने ईंधन और खाने-पीने की चीजों की कीमतें कम करने और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से महंगे सरकारी खर्च वाले प्रोग्राम बंद करने की मांग की, क्योंकि देश पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है. लगभग 2,500 प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार की नमाज़ के बाद शहर के एक अहम लैंडमार्क ‘होटल इंडोनेशिया ट्रैफिक सर्कल’ तक मार्च करने की कोशिश की.
राष्ट्रपति भवन जाने वाली सड़कें बंद
अधिकारियों ने मार्च को रोक दिया और राष्ट्रपति भवन की ओर जाने वाली सड़कों को बंद कर दिया. राष्ट्रपति भवन वाले रास्ते पर 6,000 से ज़्यादा पुलिसकर्मी और सैनिक तैनात किए गए थे. प्रदर्शनकारियों में बढ़ती महंगाई को लेकर काफी आक्रोश था. ईरान के खिलाफ अमेरिका की जंग शुरू होने के बाद ईंधन की कीमतें बढ़ने से महंगाई बढ़ी है. इंडोनेशिया की करेंसी ‘रुपिया’ पर दबाव बढ़ा है और इस महीने की शुरुआत में यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 18,000 रुपिया के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गई थी.
नागरिक मामलों में बंद हो सेना की दखलंदाजी
प्रदर्शनकारियों ने अपनी पांच मुख्य मांगें रखीं, जिनमें सरकारी खर्च में कटौती , ईंधन और जरूरी चीज़ों की कीमतें कम करना और बड़े सरकारी प्रोग्रामों को रोकना जैसे मुफ़्त पौष्टिक भोजन की पहल और ग्रामीण इलाकों को फिर से बेहतर बनाने की योजना. मुफ्त भोजन कार्यक्रम, जिस पर अकेले इस साल लगभग 268 ट्रिलियन रुपिया (15 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का खर्च आएगा, का मकसद गरीबी और कुपोषण को कम करना है. लेकिन हाल ही में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की जांच के बीच प्राबोवो ने इस कार्यक्रम के प्रमुख को हटा दिया. प्रदर्शनकारियों ने नागरिक मामलों में सेना की बढ़ती भूमिका को खत्म करने की भी मांग की, जिसे वे युवा लोकतंत्र के लिए खतरा मानते हैं.
मौजूदा हालात स्वीकार करें राष्ट्रपति
रैली आयोजित करने वाले छात्र संगठन के प्रमुख यातलाथोफ़ माशूम इमावान ने कहा कि सरकार मौजूदा स्थिति को मानने से इनकार कर रही है. हम राष्ट्रपति प्राबोवो से आग्रह करते हैं कि वे अपनी गलती स्वीकार करने का साहस दिखाएं और इसे नकारना बंद करें. शुक्रवार का प्रदर्शन पिछले साल अगस्त में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद से छात्रों के सबसे बड़े लामबंद होने का उदाहरण है, जब हजारों लोग सड़कों पर उतर आए थे और सुरक्षा बलों के साथ झड़पों में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई थी. इसी तरह के विरोध प्रदर्शन पश्चिमी जावा के बांडुंग शहर और बोर्नियो द्वीप के शहर पोंटियानाक में भी हुए.
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News Source: PTI
