India in CWG 2026: स्टॉटलैंड के ग्लासगो में राष्ट्रमंडल खेल 2026 का आयोजन किया गया है. इसमें भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है. इस बीच ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में देश की पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने इतिहास रच दिया है.
जी हां, शर्मिला धनखड़ कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा-एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं. वहीं, हाई जम्पर सर्वेश कुशारे और वेटलिफ्टर वल्लुरी अजय बाबू और ज्ञानेश्वरी यादव ने एक-एक सिल्वर मेडल जीता. इस मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में देश के लिए यह दिन बहुत अच्छा रहा.
20 साल का इंतजार खत्म
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को शर्मिला ने देर रात महिलाओं के शॉट पुट F57 इवेंट में 9.81 मीटर के अपने सीजन के बेस्ट प्रदर्शन के साथ गोल्ड मेडल जीता और पैरा-एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं. उनकी इस जीत के साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा-एथलेटिक्स मेडल के लिए भारत का 20 साल का इंतजार खत्म हो गया. इससे पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा-एथलेटिक्स मेडल 2006 में पुरुषों के सीटेड डिस्कस थ्रो इवेंट में रंजीत कुमार जयसीलन ने जीता था.
बता दें कि एफ57 कैटेगरी उन एथलीटों के लिए है जिनके निचले अंगों में विकार, अंगों की कमी या मांसपेशियों की शक्ति में कमी है.
सर्वेश कुशारे ने ऊंची कूद में जीता रजत पदक
शर्मिला के बाद राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक सर्वेश कुशारे खेलों में पुरुषों की ऊंची कूद में रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रच दिया. 31 वर्षीय खिलाड़ी कुशारे ने 2.25 मीटर की छलांग लगाई, लेकिन जमैका के रोमेन बेकफोर्ड से काउंटबैक के आधार पर स्वर्ण पदक से चूक गए, क्योंकि दोनों ही 2.28 मीटर की छलांग लगाने में असफल रहे. इंग्लैंड के जैक किमानी ने 2.20 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक जीता.

अजय बाबू ने भारोत्तोलन में जीता रजत
भारोत्तोलन (Weightlifting) भारत के लिए पदकों का सबसे समृद्ध स्रोत बना हुआ है, क्योंकि 21 वर्षीय वल्लूरी अजय बाबू ने मलेशिया के एरी हिदायत मुहम्मद के साथ एक रोमांचक मुकाबले के बाद पुरुषों के 79 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता. आंध्र प्रदेश के भारोत्तोलक ने कुल 330 किलोग्राम (149 किलोग्राम स्नैच और 181 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क) का भार उठाया और स्वर्ण पदक से सिर्फ एक किलोग्राम से चूक गए.
हिदायत ने 331 किलोग्राम (147 किलोग्राम और 184 किलोग्राम) का भार उठाकर खेलों का रिकॉर्ड बनाया. रोमांचक क्लीन एंड जर्क प्रतियोगिता के दौरान दोनों ने कई बार खेलों के रिकॉर्ड तोड़े, लेकिन अंत में मलेशियाई खिलाड़ी ने अपने अंतिम भारोत्तोलन से जीत हासिल कर ली. अजय बाबू के रजत पदक के साथ, खेलों में भारोत्तोलन में भारत के पदकों की संख्या छह हो गई.
ज्ञानेश्वरी यादव ने जीता सिल्वर
वहीं, ज्ञानेश्वरी ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल 199 किग्रा (88 किग्रा और 111 किग्रा) वजन उठाया. वे नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडिह के बाद दूसरे स्थान पर रहीं और सिल्वर मेडल जीता. ओनोमे ने कुल 206 किग्रा वजन उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स के रिकॉर्ड तोड़े.
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News Source: PTI
