Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के चार साल पूरे हो गए हैं. अभी तक दोनों देशों के बीच शांति का कोई रास्ता नहीं निकल पाया है. हालांकि, बीते कुछ महीनों पहले अमेरिका की मध्यस्थता में युद्ध को समाप्त करने के लिए कई मीटिंग हुई थीं. लेकिन उसमें कोई आम सहमति नहीं बन पाई. उसके बाद से अभी तक किसी भी स्तर पर बातचीत आगे नहीं बढ़ी. इसी बीच यूक्रेन को अमेरिका से लेकर यूरोप के कई देश आर्थिक और सैन्य सामान समेत हर तरह की मदद देने का काम कर रहे हैं. इसी कड़ी में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की को इंग्लैंड पहुंचेंगे और यहां पर वह ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम से मुलाकात करेंगे. इस मौके पर ब्रिटिश पीएम ने कहा कि इस दौरे का मकसद कीव के लिए देश का अटूट समर्थन का संकेत देना है. बता दें कि एक हफ्ते पहले बर्नहम के पद संभालने के बाद से किसी विदेशी नेता का यह पहला दौरा है. उनसे पहले कीर स्टारमर अपनी आखिरी विदेश यात्रा के दौरान कीव गए थे.
यूक्रेन को स्टोन क्लोक देगा ब्रिटेन
प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने कहा कि रूस को हमारे संकल्प के बारे में कोई शक नहीं होना चाहिए. जब तक हम यूक्रेन के लिए लंबे समय तक चलने वाली और न्यायपूर्ण शांति हासिल नहीं कर लेते, तब तक हम किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे. वहीं, जेलेंस्की की यह यात्रा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी संभावित मुलाकात से एक दिन पहले हो रही है. इसके अलावा इस यात्रा के दौरान ज़ेलेंस्की और बर्नहम 200 से ज़्यादा यूक्रेनी सैनिकों से मिलेंगे, जो बीते तीन हफ्तों से ब्रिटेन में मौजूद हैं. ब्रिटिश सरकार की माने तो दोनों देश लड़ने की क्षमता को मजबूत करने और काला सागर में बारूदी सुरंगों का मुकाबला करने के लिए एक एक्सरसाइज भी करेंगे. बर्नहम के ऑफिस ने बताया कि UK, यूक्रेन को अपने नए स्टोन क्लोक इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम की इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी देगा. यह सिस्टम रूसी एयर डिफेंस को जाम करने में सक्षम है, जिससे ड्रोन हमले के बारे में पता तक नहीं चल पाता है. यूक्रेन ने रूस के अंदर तक लगातार ड्रोन हमले करने का अपना अभियान तेज कर दिया है. इन हमलों में सैन्य फैक्टरियों और लॉजिस्टिकल सेंटरों को निशाना बनाया गया है. अब इस युद्ध का असर लाखों रूसियों पर पड़ रहा है और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर लगातार दबाव बढ़ रहा है. साथ ही इन हमलों ने पुतिन के उस नैरेटिव को भी तोड़ दिया है जिसमें कहा जाता था कि यह संघर्ष उनके देश के आम लोगों की जिंदगी पर असर नहीं डालता है.

रूस ने गिराई कई रिहायशी इमारतें
हाल ही में यूक्रेन की तरफ से किए गए हमलों के बाद रूस ने अपना हवाई अभियान तेज कर दिया है. वह लगातार यूक्रेन पर मिसाइलों और ड्रोनों से हमले कर रहा है. रूस और यूक्रेन के बीच सबसे ज्यादा ड्रोन से हमले किए जा रहे हैं. हालांकि, रूस ड्रोन के अलावा मिसाइल से भी ताबड़तोड़ हमला कर रहा है. दूसरी तरफ यूक्रेनी वायु सेना के अनुसार, रूस ने रात भर में 147 लंबी दूरी के ड्रोन से यूक्रेन पर फिर से हमला किया. साथ ही उसने इनमें से 123 ड्रोन को रोक दिया या जाम कर दिया. क्षेत्रीय प्रशासन के प्रमुख इवान फेडोरोव के अनुसार, ज़ापोरिज्जिया शहर पर हुए हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए. इन हमलों में रात भर में एक ऊंची रिहायशी इमारत और कई निजी घरों को नुकसान पहुंचा. शहर के सैन्य प्रशासन के प्रमुख विटाली काराबानोव का कहना है कि खार्किव क्षेत्र के बालाक्लिया शहर में रूसी हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और आठ लोग घायल हो गए. इसके अलावा निप्रॉपेट्रोव्स्क क्षेत्र के निकोपोल जिले में रूसी हमलों से एक किंडरगार्टन, रिहायशी इमारतों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है. इस दौरान एक महिला और 6 साल का बच्चा भी घायल हो गया. पूर्वी खार्किव क्षेत्र में क्षेत्रीय परिषद के एक सदस्य ने कहा कि रूसी सेना ने खार्किव और पोल्टावा के बीच हाईवे पर मौजूद सभी गैस स्टेशनों को नष्ट कर दिया है. इन दोनों शहरों के बीच की दूरी लगभग 150 किलोमीटर है. ओलेक्जेंडर स्कोरिक ने इस क्षेत्र में प्रतिदिन स्थिति गंभीर होती जा रही है, लेकिन अभी तक ईंधन और भोजन का कोई संकट देखने को नहीं मिला है.
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रूस ने चलाए कई बड़े अभियान
रूस ने इस साल यूक्रेन के लॉजिस्टिक्स और एनर्जी नेटवर्क पर दबाव डालने के लिए कई बड़े अभियान चलाए हैं. इसके तहत गैस स्टेशनों, बिजली संयंत्रों और अन्य बुनियादी ढांचों पर हमले तेज कर दिए हैं. रोमानिया के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने बताया कि एक ड्रोन कुछ देर के लिए उसके हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ और फिर नदी के रास्ते यूक्रेन की सीमा में चला गया. इसके कुछ देर बाद वहां से धमाकों की खबर मिली. मंत्रालय ने आगे कहा कि हवाई क्षेत्र की निगरानी के लिए दो F-16 लड़ाकू विमान तैनात किए गए थे. बताया जा रहा है कि रोमानियाई हवाई क्षेत्र में ड्रोन का घुसना पिछले कुछ दिनों में ये चौथी घटना थी. इससे पहले आए तीनों ड्रोन को NATO सदस्य देश ने मार गिराया था. मास्को स्थित रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि एयर डिफेंस सिस्टम ने रात भर में यूक्रेन के 276 ड्रोन मार गिराए. रोस्तोव क्षेत्र के गवर्नर यूरी स्ल्यूसार ने बताया कि रोस्तोव-ऑन-डॉन में एक अपार्टमेंट बिल्डिंग पर यूक्रेनी ड्रोन के हमले में एक बच्चे समेत पांच लोगों की मौत हो गई. रूस के ईंधन और सप्लाई डिपो पर भी हमले किए गए. क्षेत्रीय आपातकालीन अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन की सीमा के पास दक्षिण-पश्चिमी रूस के बेलगोरोद शहर में यूक्रेनी ड्रोन हमले में 12 लोग घायल हो गए, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं.

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ईरान के एक जहाज पर किया हमला
वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि यूक्रेन ने कैस्पियन सागर में ईरान के एक जहाज पर हमला किया है. इस हमले में एक नाविक की मौत हो गई. उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर इस हमले की निंदा करते हुए संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन बताया. उन्होंने आगे कहा कि यह हमला इजरायल के कहने पर यूरोप को अपनी लड़ाई में घसीटने के लिए किया गया था. अरागची ने कहा कि ईरान ने यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ बातचीत में यह स्पष्ट कर दिया था कि इस हमले का जवाब जरूर दिया जाएगा. दूसरी तरफ ज़ेलेंस्की ने कहा था कि सप्ताहांत में कैस्पियन सागर में यूक्रेन के लंबी दूरी के हमलों के शानदार नतीजे देखने को मिले हैं. उन्होंने बताया कि इन हमलों के लक्ष्यों में ईरान से जुड़े सैन्य सामान को ले जाने वाले जहाज और एक युद्धपोत को निशाना बनाया गया था. हालांकि, यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने ईरान की जवाबी कार्रवाई की धमकियों को अनुचित और बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि रूस को ईरान द्वारा हथियारों की आपूर्ति ने उसे मास्को की आक्रामकता में सीधे तौर पर भागीदार बना दिया है.

एंड्री सिबिहा ने एक्स हैंडल पर दावा किया कि ईरान के पास पीड़ित होने का दिखावा करने का कोई आधार नहीं है. साथ ही संयुक्त राष्ट्र चार्टर का जिक्र करने को बेतुका भी बताया. सिबिहा ने कहा कि ईरान का बयान काला सागर में आम नागरिकों के जहाजों पर रूस के हमलों से ध्यान भटकाने की कोशिश थी.
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क्या दोनों देशों के बीच होगा युद्ध खत्म?
बता दें कि पिछले हफ्ते अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फिलीपींस में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की थी. इस मुलाकात को लेकर बताया गया कि इन दोनों शीर्ष नेताओं के बीच एक बंद कमरे में हाई लेवल मीटिंग भी हो रही हुई थी, जिसमें रूस और यूक्रेन युद्ध को खत्म करने पर चर्चा की गई. वहीं, अमेरिका और रूस ने मनीला में दक्षिणपूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) के विदेश मंत्रियों की वार्षिक बैठक के दौरान हुई इस बैठक का विवरण तुरंत उपलब्ध नहीं कराया. रुबियो ने बुधवार को मनीला में पत्रकारों से कहा कि वह लावरोव के साथ यूक्रेन में चल रहे संघर्ष का मुद्दा उठाने की योजना बना रहे हैं. साथ ही अगर अवसर मिलता है तो अमेरिका इस संघर्ष को समाप्त करने में अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिछले कुछ महीनों में इन प्रयासों में थोड़ी कमी आई है, लेकिन उन्होंने कहा कि बैठक में इस बात पर विचार किया जाएगा कि क्या बातचीत को फिर से शुरू करने का कोई अवसर है.

रुबियो ने कहा कि हमें रूसी सरकार के साथ संबंध बनाए रखने होंगे, भले ही हमारे बीच कुछ क्षेत्रों में असहमति हो. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वे दो सबसे बड़े परमाणु-सशस्त्र देश हैं. इसके अलावा रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए नए सिरे से बातचीत शुरू होने की उम्मीदें ऐसे समय में जगी हैं जब यूक्रेन ने इस वर्ष महत्वपूर्ण प्रगति की है. रुबियो ने कहा कि वह इस बैठक का उपयोग अमेरिका और रूस के बीच सहयोग के अन्य संभावित क्षेत्रों को खोजने के लिए करेंगे. इसका एक व्यापक एजेंडा होगा जिस पर मंत्रियों ने आसियान बैठक के दौरान चर्चा की थी.
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