Home Latest News & Updates UN रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा: गाजा में हमास ने ही अपनों पर ढाए जुल्म, सैकड़ों को दी मौत की सजा

UN रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा: गाजा में हमास ने ही अपनों पर ढाए जुल्म, सैकड़ों को दी मौत की सजा

by Sanjay Kumar Srivastava 10 June 2026, 1:09 PM IST (Updated 10 June 2026, 1:10 PM IST)
10 June 2026, 1:09 PM IST (Updated 10 June 2026, 1:10 PM IST)
UN रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा: गाजा में हमास ने ही अपनों पर ढाए जुल्म

UN Report: संयुक्त राष्ट्र की हालिया रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. रिपोर्ट में कहा गया है कि गाजा में हमास के लड़ाकों और पुलिस द्वारा दर्जनों फिलिस्तीनियों के साथ गंभीर दुर्व्यवहार और उनकी हत्या के मामले सामने आए हैं. इन कृत्यों को युद्ध अपराध माना गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अगस्त 2024 और जनवरी 2026 के बीच बिना कानूनी प्रक्रिया के सजा देने की सैकड़ों घटनाएं दर्ज की गईं. रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 249 घटनाओं में से एक-चौथाई में हमास से जुड़ी ताकतें शामिल थीं, जिनमें 108 लोगों की मौत हुई. इन कार्रवाइयों का मकसद लोगों में डर पैदा करना था.

चोरी और जासूसी के नाम पर बर्बरता

हमास ने इन कदमों को कथित जासूसी, चोरी और राहत सामग्री की लूट के लिए सजा बताया है. संयुक्त राष्ट्र आयोग की एक रिपोर्ट के अनुसार, गाजा में हमास और अन्य सशस्त्र समूहों ने बिना किसी न्यायिक सुनवाई के अपनी सैन्य और पुलिस इकाइयों के ज़रिए लोगों को बेरहमी से सजा दी. हमास ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. हमास ने फिलिस्तीनी अथॉरिटी से सत्ता छीनने के बाद से दो दशकों तक गाजा पर शासन किया है. हाल ही में हुए संघर्ष विराम के बाद हमास ने प्रभावित इलाकों पर अपना नियंत्रण फिर से मजबूत कर लिया है.

अब तक लगभग 73,000 फिलिस्तीनी मारे जा चुके

आयोग के अध्यक्ष श्रीनिवासन मुरलीधर के अनुसार, इजरायली हमलों से पैदा हुए खालीपन का फायदा उठाकर ये अत्याचार किए जा रहे हैं. जिन लोगों को निशाना बनाया गया, उनमें हमास विरोधी एक्टिविस्ट और इज़राइल समर्थित गुटों व हथियारबंद समूहों के सदस्य शामिल थे. ये समूह उन इलाकों में उभरे थे जहां युद्ध के दौरान हमास की पकड़ कमजोर हो गई थी. इस युद्ध में अब तक लगभग 73,000 फ़िलिस्तीनी मारे जा चुके हैं. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में वीडियो में रिकॉर्ड की गई हत्याओं का ज़िक्र है. इनमें से एक घटना सितंबर 2025 की है, जब शिफ़ा अस्पताल के बाहर भीड़ के सामने नकाबपोश लोगों ने आंखों पर पट्टी बंधे तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का उल्लंघन

रिपोर्ट में एक महीने बाद हुई एक और सार्वजनिक हत्या का भी ज़िक्र है, जब गाज़ा शहर के एक सार्वजनिक चौक पर आठ लोगों को खींचकर लाया गया और गोली मार दी गई. रिपोर्ट के अनुसार, दोनों समूहों पर जासूस, गद्दार और दुश्मन का साथ देने वाले होने का आरोप था. आयोग ने कहा कि ये घटनाएं हत्या के युद्ध अपराध और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून व अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के उल्लंघन के बराबर है. इनमें जीवन के अधिकार, आज़ादी व सुरक्षा के अधिकार और निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन शामिल है. जिन अन्य लोगों को पीटा गया या सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा किया गया, जिनमें बच्चे भी शामिल थे, उन पर चोरी, ड्रग्स की तस्करी या गैर कानूनी तरीके से तंबाकू बेचने का आरोप था.

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News Source: PTI

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