Home Top News TMC का एक और विकेट गिरा, सुष्मिता देव ने राज्यसभा से दिया इस्तीफा, पार्टी भी छोड़ी

TMC का एक और विकेट गिरा, सुष्मिता देव ने राज्यसभा से दिया इस्तीफा, पार्टी भी छोड़ी

by Neha Singh 10 June 2026, 12:30 PM IST
10 June 2026, 12:30 PM IST
Sushmita Dev Resigned

Sushmita Dev Resigned: पश्चिम बंगाल में सियासी गरमाहट चरम पर है. टीएमसी को एक के बाद एक लगातार झटके लग रहे हैं. हर दिन एक नई बगावत देखने को मिल रही है. विधायकों और सांसदों के अलग होने के बाद अब टीएमसी का एक और विकेट गिर गया है. टीएमसी की सांसद सुष्मिता देव ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है. सुष्मिता ने राज्यसभा पद छोड़ने के साथ ही पार्टी भी छोड़ दी है. हालांकि इस्तीफे की वजह को लेकर अभी पुष्टी नहीं हुई है, लेकिन आशंंका है कि उन्होंने पार्टी में असंतोष और अंदरूनी कलह के कारण इस्तीफा दिया है.

कौन हैं सुष्मिता देव

सुष्मिता देव असम के सिलचर की रहने वाली हैं. उन्होंने 2021 में कांग्रेस पार्टी छोड़कर TMC जॉइन कर ली थी. वह 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर सिलचर से सांसद चुनी गई थीं. कांग्रेस ने उन्हें महिला कांग्रेस का प्रेसिडेंट भी बनाया था. सुष्मिता पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के पुराने नेता संतोष मोहन देव की बेटी हैं. 2021 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़कर ममता बनर्जी की TMC जॉइन कर ली थी, जिसके ठीक एक महीने बाद वह राज्यसभा के लिए चुनी गईं. उन्होंने कई अहम पार्लियामेंट्री कमेटियों में भी काम किया और महिलाओं के मुद्दों पर अपनी बात रखी.

लगातार इस्तीफा दे रहे नेता

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद टीएमसी के बुरे दिन शुरु हो गए हैं. पार्टी में अंदरूनी कलह के कारण लगातार बगावत देखने को मिल रही है और नेता इस्तीफा दे रहे हैं. इससे पहले राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया और पार्टी भी छोड़ दी. लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीकार ने भी पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया है. 28 में से 20 टीएमसी सांसदों ने काकोली घोष के साथ अलग गुट बना लिया है और घोषणा की है कि वे अब बीजेपी को अपना समर्थन देंगे.

सीबीआई जांच के दायरे में अभिषेक

वहीं कुछ दिनों पहले टीएमसी दो हिस्सों में बंट गई है. ऋतब्रत बनर्जी ने 59 बागी विधायकों के साथ अपना अलग पार्टी विंग बना लिया है, जिसे खुद विधानसभा स्पीकर ने भी मंजूरी दे दी है. ऐसे में अब ममता बनर्जी अकेली पड़ती जा रही हैं. बुरे समय में एक एक कर बागी नेता उनका साथ छोड़ रहे हैं. दूसरी ओर अभिषेक बनर्जी फर्जी हस्ताक्षर मामले में सीबीआई की जांच के दायरे में हैं. सीबीआई के लगातार समन भेजने के बाद भी उपस्थित न होने पर अब उनके ऊपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है.

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News Source: PTI

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