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ग्लोबल संकट के बीच भारत को आत्मनिर्भरता का साथ, एक्सपोर्ट रिकॉर्ड 863 अरब डॉलर के पार

by Amit Dubey 10 June 2026, 1:25 PM IST (Updated 10 June 2026, 1:26 PM IST)
10 June 2026, 1:25 PM IST (Updated 10 June 2026, 1:26 PM IST)
India Export

India Export: दुनिया इस समय कई मोर्चों पर चुनौतियों का सामना कर रही है. चाहें बीते चार साल से अधिक समय से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध हो या फिर पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका का संघर्ष हो. इन सभी भू-राजनीतिक तनावों ने दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचाया है. इस बीच भारत को आत्मनिर्भरता का मजबूत साथ मिला है.

जी हां, भारत सरकार के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में देश के एक्सपोर्ट में रिकॉर्ड बढ़त दर्ज की गई है. इस ग्लोबल संकट के बीच भारत में विभिन्न क्षेत्रों के मैन्यूफैक्चरिंग ने देश को और अधिक मजबूत बनाने में मदद की है. यही वजह है कि देश की जीडीपी भी 7 फीसदी से अधिक की गति दिखा रही है, जो दुनिया में संभवतः सबसे अधिक है.

वित्त वर्ष 25-26 में भारत का रिकॉर्ड एक्सपोर्ट

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने रिकॉर्ड स्तर पर अपना एक्सपोर्ट यानी कि निर्यात किया है. मंगलवार को वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि भारत का कुल निर्यात वित्त वर्ष 2014-15 में 468 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक के सबसे हाई लेवल 863 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया है. यह 5.7 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ा है.

चंडीगढ़ में केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव नितिन कुमार यादव ने निर्यातकों, उद्योग निकायों और किसान उत्पादक संगठनों के एक सम्मेलन में इन आंकड़ों का खुलासा किया. उन्होंने कहा, “इस अवधि के दौरान, माल निर्यात 310 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 442 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, सेवा निर्यात 9.3 प्रतिशत की सीएजीआर से बढ़कर 158 अरब अमेरिकी डॉलर से 421 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया और गैर-पेट्रोलियम निर्यात 387.9 अरब अमेरिकी डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो भारत के निर्यात आधार की गहराई और विविधता को रेखांकित करता है.”

भारत ने कई ऐतिहासिक व्यापार समझौते किए- नितिन कुमार

नितिन ने आगे बताया कि भारत ने कई ऐतिहासिक व्यापार समझौते किए हैं जो देश को ग्लोबल वैल्यू चैन के केंद्र में रखते हैं. उन्होंने कहा कि भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (टीईपीए, 2025), जिसे 100 अरब अमेरिकी डॉलर की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रतिबद्धता का समर्थन प्राप्त है, भारत के लगभग 98 प्रतिशत निर्यात के लिए शुल्क-मुक्त पहुंच प्रदान करता है.

उन्होंने कहा कि 27 उच्च आय वाली अर्थव्यवस्थाओं को शामिल करने वाले भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (2026) से मूल्य के हिसाब से द्विपक्षीय व्यापार के 99 प्रतिशत पर टैरिफ रियायतों के साथ 3.2 लाख करोड़ रुपये के भारतीय निर्यात को समर्थन मिलने की उम्मीद है.

यादव ने कहा कि भारत-मॉरीशस सीईसीपीए (2021) और भारत-यूएई सीईसीपीए मिलकर इन बाजारों में भारत के 99 प्रतिशत निर्यात पर शून्य शुल्क पहुंच प्रदान करते हैं और यूएई के साथ द्विपक्षीय व्यापार पहले ही 80 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो चुका है.

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News Source: PTI

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