US Space Weapons: अमेरिका ने पहली बार स्वीकार किया है कि उसने स्पेस में हथियार तैनात किए हैं. एयर फोर्स सेक्रेटरी ट्रॉय मींक ने सोमवार को कहा कि अमेरिका ने “ऑन-ऑर्बिट स्पेस कंट्रोल हथियार तैनात किए हैं जो जॉइंट फोर्स को दुश्मन की कार्रवाई से बचाने में सक्षम हैं.” मींक ने यह नहीं बताया कि ये हथियार कौन से हैं, वे कैसे काम करते हैं या क्या वे स्पेस या पृथ्वी पर दूसरी चीज़ों को टारगेट करेंगे. अमेरिका ने यह कदम रूस और चीन की बढ़ती अंतरिक्ष में सक्षम और संभावित खतरों के जवाब में उठाया है.
2032 तक बदल जाएगा युद्ध का तरीका
अमेरिका ने दो साल पहले चेतावनी दी थी कि रूस एक नया स्पेस-बेस्ड, एंटी-सैटेलाइट हथियार बना रहा है. यह देखते हुए कि अमेरिका का ज़्यादातर इंफ्रास्ट्रक्चर सैटेलाइट कम्युनिकेशन पर निर्भर है, अब अमरिका ने अंतरिक्ष में हथियार तैनात करना शुरू कर दिया है. अमेरिका ने पहले भी पृथ्वी से सैटेलाइट को मार गिराने की अपनी क्षमता दिखाई है. एयर एंड स्पेस फोर्सेस एसोसिएशन के एयर, स्पेस एंड साइबर कॉन्फ्रेंस में अपनी बात रखते हुए, मींक ने यह भी कहा कि एयर फोर्स अपनी क्षमताओं में और ऑटोनॉमस सिस्टम या रोबोटिक सिस्टम जोड़ रही है. उन्होंने अनुमान लगाया कि 2032 तक युद्ध का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा. उदाहरण के लिए, उन्होंने उम्मीद जताई कि एकतरफा अटैक ड्रोन आर्टिलरी की जगह “प्राइमरी किलर” बन जाएंगे. उन्होंने कहा “हम मौजूदा खतरों के खिलाफ तैयारी बढ़ा रहे हैं.”
स्पेस पर ट्रंप का फोकस
यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब ट्रंप प्रशासनॉ स्पेस पर ज़्यादा फोकस कर रहा है. 2019 में, अपने पहले टर्म के दौरान, ट्रंप ने एक अलग मिलिट्री ब्रांच के तौर पर स्पेस फोर्स बनाई थी. अपने दूसरे टर्म में, उन्होंने “गोल्डन डोम” मिसाइल डिफेंस सिस्टम की घोषणा की, जिसमें स्पेस में US हथियार भेजने का प्लान शामिल है. ट्रंप ने पिछले साल कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि यह सिस्टम “मेरे टर्म के खत्म होने से पहले” पूरी तरह से चालू हो जाएगा, यानी 2029 तक. ट्रंप ने कहा कि इसमें मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने की क्षमता होगी “भले ही वे स्पेस से लॉन्च की गई हों.”
रूस भी कर रहा स्पेस में जंग की तैयारी ?
ट्रंप ने अपने राष्ट्रपति बनने के पहले हफ़्ते में एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में पेंटागन को स्पेस-बेस्ड इंटरसेप्टर बनाने का भी निर्देश दिया है. कांग्रेसनल बजट ऑफिस ने अनुमान लगाया है कि गोल्डन डोम के सिर्फ स्पेस-बेस्ड पार्ट्स पर ही अगले 20 सालों में USD 542 बिलियन तक का खर्च आ सकता है. बाइडेन प्रशासन ने 2024 में घोषणा की थी कि रूस एक स्पेस-बेस्ड न्यूक्लियर वेपन बना रहा है जो लंबे समय तक स्पेस में घूम सकता है, फिर एक बर्स्ट छोड़ सकता है जो उसके आस-पास के सैटेलाइट्स को नष्ट कर देगा. इससे संयुक्त राष्ट्र में स्पेस में हथियारों के आइडिया पर नई बहस शुरू हो गई.
अप्रैल 2024 में, रूस ने एक जॉइंट US-जापानी प्रस्ताव को वीटो कर दिया, जिसमें सभी देशों से स्पेस में न्यूक्लियर हथियार या दूसरे बड़े पैमाने पर तबाही मचाने वाले हथियार न बनाने या तैनात न करने के लिए कहा गया था, जैसा कि 1967 की एक इंटरनेशनल ट्रीटी के तहत बैन था. ट्रीटी में यह भी घोषणा की गई थी कि आउटर स्पेस एक ग्लोबल कॉमन है जिसका इस्तेमाल सिर्फ शांतिपूर्ण कामों के लिए किया जा सकता है. रूसी डेलीगेशन ने इस प्रस्ताव को पाखंड और दोहरा मापदंड बताया और इसके बजाय स्पेस में सभी हथियारों पर “हमेशा के लिए” बैन लगाने का एक दूसरा प्रस्ताव रखा. यह आखिरकार फेल हो गया.
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News Source: PTI
