Home Latest News & Updates दिल्ली में 50% से अधिक बुजुर्गों को नहीं मिली पेंशन, भड़के समाज कल्याण मंत्री, कहा- लापरवाही बर्दाश्त नहीं

दिल्ली में 50% से अधिक बुजुर्गों को नहीं मिली पेंशन, भड़के समाज कल्याण मंत्री, कहा- लापरवाही बर्दाश्त नहीं

by Sanjay Kumar Srivastava 15 September 2026, 7:15 PM IST (Updated 15 September 2026, 7:16 PM IST)
15 September 2026, 7:15 PM IST (Updated 15 September 2026, 7:16 PM IST)
दिल्ली में 50% से अधिक बुजुर्गों को समय पर नहीं मिली पेंशन, भड़के समाज कल्याण मंत्री, कहा- ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं

Pension Scheme: दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री रविंदर इंद्र सिंह ने वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 22,512 खाली जगहों और 9,946 लंबित आवेदनों पर नाराज़गी जताई है. उन्होंने निर्देश दिया है कि सभी मामलों को सात दिनों के भीतर निपटाया जाए. सिंह ने कहा कि 50 प्रतिशत से ज़्यादा वृद्धावस्था पेंशन मामलों को तय 45 दिनों की समय-सीमा के भीतर मंज़ूरी नहीं दी गई थी और ऐसी देरी स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा कि इस योजना का मकसद बुज़ुर्गों और कमज़ोर वर्ग के लाभार्थियों को समय पर आर्थिक मदद देना है.

अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश

वृद्धावस्था पेंशन मामलों को मंज़ूरी देने में हुई देरी पर गंभीर चिंता और नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए मंत्री ने विभाग को ज़िम्मेदारी तय करने और ज़िम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों के ख़िलाफ़ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया. उन्होंने यह भी आदेश दिया कि उनके नोट जारी होने की तारीख से सात दिनों के भीतर सभी लंबित वृद्धावस्था पेंशन मामलों पर कार्रवाई की जाए और उन्हें निपटाया जाए. समाज कल्याण विभाग ने मंत्री के नोट का हवाला देते हुए सभी ज़िला समाज कल्याण अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि लंबित वृद्धावस्था पेंशन आवेदनों पर तेज़ी से कार्रवाई हो और उन्हें निपटाया जाए।

वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत कुल 22,512 जगहें खाली

सर्कुलर में दी गई 1 जनवरी से 8 सितंबर तक वृद्धावस्था पेंशन आवेदनों की ज़िला वार स्थिति के अनुसार, विभाग को उपलब्ध खाली जगहों के मुकाबले 16,194 आवेदन मिले. इनमें से 6,150 आवेदनों को मंज़ूरी दी गई, 98 को अस्वीकार कर दिया गया और 9,946 लंबित हैं. आंकड़ों के मुताबिक, नॉर्थ वेस्ट-II ज़िले में सबसे ज़्यादा 4,058 पेंडिंग एप्लीकेशन हैं. इसके बाद वेस्ट ज़िले में 1,675 और नॉर्थ ईस्ट ज़िले में 1,626 एप्लीकेशन पेंडिंग हैं. नॉर्थ ज़िले में 897, साउथ में 489, नई दिल्ली में 399 और नॉर्थ वेस्ट-I में 375 पेंडिंग एप्लीकेशन हैं. ईस्ट ज़िले में 293, सेंट्रल में 106 और साउथ वेस्ट में 18 पेंडिंग एप्लीकेशन हैं. एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, ज़िला-स्तर पर ऐसे अधिकारियों की कमी है जो एप्लीकेशन प्रोसेस करते हैं और पेंडिंग मामलों को निपटाते हैं.

दो या तीन जिलों का काम संभाल रहा है एक अधिकारी

विभाग ने कहा कि सात दिन की समय-सीमा मौजूदा बैकलॉग को निपटाने के लिए एक खास उपाय है और इससे नए एप्लीकेशन के लिए तय 45 दिन की समय-सीमा में कोई बदलाव नहीं होगा. सर्कुलर में कहा गया है कि हर स्टेज पर पेंडिंग मामलों की निगरानी संबंधित जिला समाज कल्याण अधिकारी को रोज़ करनी होगी और किसी भी एप्लीकेशन को सही और दर्ज कारणों के बिना पेंडिंग नहीं रखा जाना चाहिए.

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News Source: PTI

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