Home Top News बांग्लादेश : शेख हसीना की पार्टी को बड़ा झटका! 7 नेताओं को मिली मौत की सजा; जानें मामला

बांग्लादेश : शेख हसीना की पार्टी को बड़ा झटका! 7 नेताओं को मिली मौत की सजा; जानें मामला

by Sachin Kumar 15 September 2026, 5:20 PM IST (Updated 15 September 2026, 5:24 PM IST)
15 September 2026, 5:20 PM IST (Updated 15 September 2026, 5:24 PM IST)
Bangladesh tribunal sentences seven Awami League leaders death

Bangladesh News: बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने मंगलवार (15 सितंबर) को प्रतिबंधित अवामी लीग के सात नेताओं को मौत की सजा सुनाई. इन सभी को 2024 के ‘जुलाई विद्रोह’ के दौरान मानवता के खिलाफ अपराध और आंदोलन को दबाने के लिए हिंसा भड़काने समेत कई गंभीर आरोपों में दोषी ठहराया गया है. मौत की सजा पाने वालों में अवामी लीग के महासचिव ओबैदुल कादर समेत सात नेता शामिल हैं. ट्रिब्यूनल ने यह फैसला जुलाई-अगस्त 2024 में हुए बड़े पैमाने के छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा से जुड़े मामले में सुनाया. सभी सातों आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी गैरमौजूदगी में मुकदमा चला.

7 लोगों के खिलाफ सुनाया फैसला

जस्टिस मोहम्मद नजरुल इस्लाम चौधरी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय ट्रिब्यूनल (ICT-2) ने 7 लोगों के खिलाफ फैसला सुनाया है. इन सभी पर उनकी गैर-मौजूदगी में मुकदमा चलाया गया था. वहीं, मौत की सजा पाने वालों में अवामी लीग के महासचिव और पूर्व सड़क परिवहन मंत्री ओबैदुल कादर, संयुक्त महासचिव एएफएम बहाउद्दीन नसीम और सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री मोहम्मद अली अराफात शामिल थे.

17 फरवरी को शुरू हुई थी कार्यवाही

इसके अलावा अन्य चार लोगों में जुबो लीग के चेयरमैन शेख फजले शम्स पराश, इसके महासचिव मैनुल हुसैन खान निखिल, बांग्लादेश छात्र लीग के अध्यक्ष सद्दाम हुसैन और इसके महासचिव शेख वली आसिफ एनन शामिल थे. इन सातों का पक्ष सरकार द्वारा नियुक्त बचाव पक्ष के वकीलों ने रखा. ट्रिब्यूनल ने साल 2024 के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों में यह फैसला सुनाया. साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को उनकी गैर-मौजूदगी में मौत की सजा सुनाए जाने के लगभग 10 महीने के बाद आया है. ट्रिब्यूनल ने 22 जनवरी को आरोपियों के खिलाफ 7 आरोप तय किए, जबकि सुनवाई 17 फरवरी को शुरू हुई. ICT-2 ने इन सात लोगों पर उन विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने या उसका निर्देश देने में कथित भूमिका के लिए मुकदमा चलाया.

हत्या या गिरफ्तारी… सब मंजूरः कानून मंत्री की खुली धमकी के बाद भी दिसंबर में लौटेंगी शेख हसीना

दोषियों के खिलाफ उचित कदम उठाए जाएं

इस दौरान उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी विभिन्न जगहों पर सशस्त्र हमलों, गंभीर दमन और मीडिया को नियंत्रित करने की कोशिशों में शामिल थे. इसकी वजह से देश भर में हत्याएं, हत्या की कोशिशें और बड़े पैमाने पर हिंसा भड़की थी. दोषियों के फरार रहने पर इस्लाम ने कहा कि अब जब उन्हें दोषी ठहराया गया है तो उनके ठिकानों के बारे में पता लगाकर अधिकारी प्रभावी कदम उठाएं. आपको बताते चलें कि शेख हसीना 5 अगस्त, 2024 को बांग्लादेश से भाग गई थीं और तब से वह भारत में शरण लेकर रह रही हैं. नवंबर 2025 में ट्रिब्यूनल ने छात्र-नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए हसीना और उनके पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल को मौत की सजा सुनाई.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई थी आलोचना

ट्रिब्यूनल ने हसीना को ‘सुपीरियर कमांड रिस्पॉन्सिबिलिटी’ के सिद्धांत के तहत दोषी पाया और माना कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ घातक बल का इस्तेमाल होने दिया. संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय का अनुमान है कि 2024 में 15 जुलाई से 5 अगस्त के बीच हिंसक प्रदर्शनों में 1400 मारे गए. वहीं, हसीना को सुनाई गई मौत की सजा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जमकर आलोचना हुई थी. कानूनी विशेषज्ञ और मानवाधिकार समूहों ने निष्पक्ष सुनवाई और प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर चिंता जाहिर की.

‘दिसंबर में लौटूंगी अपने देश’, भारत में शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पर भड़का बांग्लादेश

News Source: PTI

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?