Home Top News भारत पर लगेगा 100 प्रतिशत टैरिफ! ट्रंप ने बिल पर किए साइन, इन देशों को मिली छूट

भारत पर लगेगा 100 प्रतिशत टैरिफ! ट्रंप ने बिल पर किए साइन, इन देशों को मिली छूट

by Neha Singh 19 September 2026, 8:44 AM IST (Updated 19 September 2026, 8:46 AM IST)
19 September 2026, 8:44 AM IST (Updated 19 September 2026, 8:46 AM IST)
US Tariff on India

US Tariff on India: भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने वाला बिल अब कानून बन चुका है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जिसका मकसद मॉस्को और उसके टॉप एनर्जी खरीदारों जैसे चीन और भारत पर भारी टैक्स लगाना है. व्हाइट हाउस ने कहा, “शुक्रवार, 18 सितंबर, 2026 को, प्रेसिडेंट ने H.R. 5334, “लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026” पर साइन करके इसे कानून बनाया, जो रूस पर कानूनी बैन, टैरिफ को मंजूरी देता है और ईरान पर मौजूदा बैन को बढ़ाता है.”

क्या है सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ?

प्रतिनिधि सभा ने बुधवार को सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट पास किया. यह एक्ट राष्ट्रपति ट्रंप को चीन और भारत सहित रूसी तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार देता है. यह कानून रूस के “शैडो फ्लीट” और रूसी एनर्जी बैन से बचने में मदद करने वाले दूसरे विदेशी लोगों को टारगेट करता है, जिसमें जहाज के मालिक, ऑपरेटर, मैनेजर, इंश्योरेंस देने वाले और कवर की गई एक्टिविटी में शामिल दूसरी पार्टियां शामिल हैं.  यह कानून ट्रंप को इसे लागू करने के मामले में पूरी छूट देता है, जिसमें यह भी शामिल है कि किन देशों पर टैरिफ लगेगा, कौन से टैरिफ रेट लगेंगे और क्या बैन के नियमों में छूट दी जाएगी.

किन देशों पर लगेगा टैरिफ

यह कानून प्रेसिडेंट के साइन करने के 30 दिनों के अंदर लागू हो जाता है. इसके बाद उन्हें उन देशों से इंपोर्ट किए गए सामान पर 100 परसेंट तक टैरिफ लगाया जाएगा. कानून में उन देशों के नाम हैं, जो कुल वॉल्यूम के हिसाब से रूसी कच्चे तेल या नैचुरल गैस के टॉप पांच खरीदार थे. किसी देश को गैस से जुड़ी ड्यूटी से छूट तब मिलती है, जब उस समय के दौरान उसके रूसी गैस इंपोर्ट का हिस्सा रूस के कुल एक्सपोर्ट का 15 परसेंट से कम हो और उसने उन इंपोर्ट को कम करने के लिए “बड़े कदम” उठाए हों.

बिल के बारे में भारत ने क्या कहा?

ट्रंप ने बिल पर ऐसे समय पर साइन किया जब राष्ट्रपति शी जिनपिंग अमेरिका के दौरे पर आने वाले हैं. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 23 से 25 सितंबर, 2026 तक अमेरिका के राजकीय दौरे पर रहेंगे और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी मुख्य बैठक 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में होगी. इस बीच, बिल हाउस से पास होने के बाद भारत ने गुरुवार को कहा कि वह अलग-अलग सोर्स से तेल खरीदना जारी रखेगा. भारत के फैसला उसके नागरिकों के हितों के आधार पर होगा.

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News Source: PTI

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