Iran-US Tension : ईरान पर हमला करने की आशंकाओं के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अभी भी ईरान के पास कम दूरी पर हमला करने वाली मिसाइलों का बड़ा जखीरा है.
Iran-US Tension : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी है. राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि उनके देश का नौसेना अत्याधुनिक हथियारों के साथ अरब सागर में एक सैन्य बेड़ा तैनात है. अब दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते को लेकर लगातार बातचीत चल रही है. हालांकि, अभी तक दो दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है और उसमें कोई भी खास नतीजा नहीं निकल पाया है. इसी बीच एक अपुष्ट खबर ने हिलाकर रख दिया है कि राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी चाहते हैं कि जल्द ही ईरान पर हमला कर दिया जाए. लेकिन इस बार अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो सहमत नहीं है. उनका कहना है कि तमाम प्रतिबंधों और जनता की परेशानी के बावजूद ईरान हर साल ज्यादा शक्तिशाली मिसाइलों में निवेश कर रहा है.
क्या अमेरिका करेगा ईरान पर हमला?
एक तरफ ट्रंप प्रशासन करीबियों का मानना है कि ईरान पर सबसे पहला हमला ईरान करें और उसके बाद अमेरिका इस युद्ध में कूद जाएगा. इस दौरान अमेरिकी जनता का ट्रंप प्रशासन पर विश्वास बढ़ जाएगा. रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि प्रशासन के भीतर ऐसी सोच है कि अगर इजराइल पहले और अकेले हमला करें. इसके बाद ईरान जवाबी कार्रवाई में दूसरे देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकनों को निशाना बनाने का काम करेगा और उसके बाद US में युद्ध के मैदान में कूद जाएगा. यही वजह है कि मार्को रुबियो अभी ईरान पर हमला करने से परहेज कर रहे हैं क्योंकि अभी भी ईरान पर कम दूरी वाले हथियार मौजूद हैं और पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमला कर सकता है.
वहीं, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इजराइल और अमेरिका संयुक्त रूप से ईरान पर हमला करने के लिए अभियान चल सकते हैं. एक अधिकारी ने तो यहां तक कह दिया है कि भले ही ईरान और US के बीच चल रही बातचीत गंभीर हो लेकिन हम एक बार जरूर हमला करेंगे. हालांकि, अभी तक इसको लेकर कोई भी ऑफिशियल बयान सामने नहीं आया है.
क्या ईरान में होगा रिजिम चेंज
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि इजराइल और अमेरिका हमला करता है तो इसमें जोखिम काफी होगा. इसके अलावा अगर ईरान में सत्ता परिवर्तन के लिए हमला किया गया तो वह अपनी पूरी ताकत लगा देगा. साथ ही खाड़ी देशों में अमेरिका के कई सैन्य ठिकाने हैं जिनको ईरान अपना निशाना बना सकता है. खास बात यह है कि इन ठिकानों के पास कोई भी आयरन डोम जैसी सुरक्षा नहीं है और अगर ईरान पर अस्तित्व का खतरा होगा तो वह इन ठिकानों को तो पूरी तरह तबाह करने की कोशिश करेगा.
बैलिस्टिक मिसाइल की चेतावनी
वहीं, मार्को रुबियो ने आरोप लगाया कि ईरान इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल को विकसित करने में लगा हुआ है. साथ ही ईरान का मिसाइल कार्यक्रम पर बातचीत से इनकार करना बहुत बड़ी मुश्किल है. उनका यह भी कहना है कि आने वाले समय में परमाणु के अलावा मिसाइल की भी बातचीत होगी. दूसरी तरफ अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस का कहना है कि जून में ईरानी परमाणु ठिकानों पर हमला करने के बाद वह फिर से इसको विकसित करने में लगा हुआ है. वेंस ने कहा कि यह बिल्कुल स्पष्ट है कि ईरान के पास कोई भी परमाणु हथियार नहीं दिया जा सकता है.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
