Donald Trump: बीते 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. उसके बाद ईरान ने इजरायल समेत खाड़ी के उन तमाम देशों पर भी हमला कर दिया, जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे हैं. इन देशों में कतर, कुवैत, बहरीन, सऊदी अरब और यूएई शामिल हैं. इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच भयंकर युद्ध शुरू हो गया.
हालांकि, बीते दिनों पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच अंतरिम शांति समझौते पर साइन हुआ. लेकिन होर्मुज क्षेत्र में जहाजों पर ईरानी हमले के बाद एक बार फिर से युद्ध की शुरुआत होती दिख रही है. इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर हमला किया, जबकि इसका पलटवार करते हुए ईरान ने कुवैत, कतर, यूएई को निशाने पर लिया.
एक बार फिर से शुरू हुए इस युद्ध ने पश्चिम एशिया में शांति को भंग करने की तैयारी कर ली है. इस बीच अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की आशंका जताई गई है. कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान, ट्रंप की हत्या करवाना चाहता है. इसकी एक झलक ईरान पर 37 साल तक राज करने वाले सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के उस अंतिम संस्कार कार्यक्रम में भी दिखाई दिया, जब खामेनेई का अंतिम दर्शन करने वाले कुछ लोगों के हाथों में ‘Kill Trump’ के पोस्टर दिखे. इतना ही नहीं ईरान अपने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला भी लेना चाहते हैं. खुद अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे और ईरान के वर्तमान सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने भी अपने पिता की मौत का बदला लेने की कसम खाई है.
आइए जानते हैं कि क्या ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा ईरान? अमेरिकी प्रेसिडेंट ने ईरान के इस मकसद पर क्या कहा है और तेहरान को कितनी सख्त चेतावनी दी है. इसके साथ ही हम यह भी जानेंगे कि अगर ट्रंप की हत्या कर दी जाती है तो तुरंत उनकी जगह कौन लेगा और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की कितनी अहम भूमिका हो जाएगी. इसके साथ ही जानेंगे कि इससे पहले भी ट्रंप को कई बार मारने की कोशिश की गई है. शुरुआत हम ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के उस बदला लेने वाले मैसेज से करेंगे, जिसपर ट्रंप ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त आदेश के संकेत दे दिए हैं.

अचानक मौत के लिए तैयार रहो- ईरानी अखबार
अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के काफी करीबी सहयोगी और सांसद (सीनेटर) लिंडसे ग्राहम की 12 जुलाई को मौत पर ईरान में कई जगहों पर जश्न का माहौल है. लिंडसे की मौत की खबर को छापते हुए ईरान के एक अखबार (वतन-ए-एमरोज) ने अपने पहले पन्ने पर हेडलाइन लिखा- “मौत के सौदागर की मौत.”
वहीं, ईरान के एक अन्य अखबार (हमशहरी) ने अपनी हेडलाइन में सीधे ट्रंप की मौत की चेतावनी दी है. इस अखबार ने अपने पहले पेज पर एक तस्वीर को छापी है, जिसमें ट्रंप को लिंडसे की कब्र के पास घुटने पर बैठे दिखाया गया है. इसमें इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ समेत यूएस और इजरायल के कई अधिकारी भी दिखाए गए हैं. इस तस्वीर को छापते हुए ईरानी न्यूज पेपर ने हेडलाइन लिखी है – “अचानक मौत के लिए तैयार रहो.”
बता दें कि अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का 12 जुलाई को निधन हो गया था. इनके निधन पर ट्रंप ने दुख जताया और अमेरिका में शोक मनाते हुए राष्ट्रीय झंडे को आधा झुकाया गया.
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क्या ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा ईरान?
मालूम हो कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई 28 फरवरी को US और इजराइली हवाई हमलों में मारे गए थे, लेकिन उनका अंतिम संस्कार चार महीने बाद 10 जुलाई को हुआ. इन्हें मशहद शहर में दफनाया गया. इनके अंतिम संस्कार का कार्यक्रम करीब हफ्ते भर चला था, जिसमें दुनिया के कई देशों के अतिथि समेत लाखों की संख्या में ईरानी नागरिक शामिल हुए.
सुपुर्द-ए-खाक के बाद अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला लेने की खबर सामने आई है. जी हां, ईरान के नए सर्वोच्च नेता, जो युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक नजर नहीं आए हैं, ने अपने पिता, अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद अपने पहले बयान में कसम खाई कि ईरानी 28 फरवरी को युद्ध के शुरुआती हमलों में उनकी हत्या का बदला लेंगे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा और अधिक मिसाइल हमलों की धमकी देने के कुछ घंटों बाद, सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने टीवी पर प्रसारित एक बयान में कहा कि ऐसा बदला “हमारे राष्ट्र की इच्छा है और इसे निश्चित रूप से अंजाम दिया जाना चाहिए.”
ईरान के इस नए सुप्रीम लीडर ने जारी अपने एक ताजा बयान में भी बदला लेने की बात कही है. उन्होंने कहा है, “इन अपराधियों की पूरी सूची हमारे पास दर्ज है. ये बिस्तर में शांति से मरने की अपनी इच्छा को अपने साथ कब्र में लेकर जाएंगे. उन्हें यह जान लेना चाहिए कि यह मुझ पर या दूसरे अधिकारियों पर निर्भर नहीं करता.”
उन्होंने आगे कहा, “हम रहें या न रहें, यह हर हाल में पूरा किया जाएगा और बहुत जल्द दुनिया के आजाद लोग इस ईश्वरीय मिशन का अपना-अपना हिस्सा पूरा करेंगे.” ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कहा कि ईरानी लोग उनके पिता, अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला लेना जारी रखेंगे.

हजारों मिसाइलें तैयार हैं- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि उन्होंने अमेरिकी सेना को ईरान को “ऐसे स्तर पर नष्ट करने” के लिए स्थायी आदेश दिए हैं, जैसा कि तेहरान उन्हें जान से मारने की अपनी लंबे समय से चली आ रही धमकियों को अंजाम देता है. उन्होंने बीते शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट कर कहा कि ईरान ने उन्हें “हत्या करने या हत्या का प्रयास करने” की धमकी दी है और उन्होंने कहा कि 1,000 “मिसाइलें तैयार हैं और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की ओर लक्षित हैं.
अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को पूरी तरह से खत्म व बर्बाद कर देने की धमकी दी है. अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूर्थ सोशल पर प्रेसिडेंट ट्रंप ने कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान पर 1000 मिसाइलें लॉक और लोड करके निशाना साधे हुए हैं, और अगर ईरानी सरकार ने दुनिया भर में दी गई अपनी उस धमकी पर अमल किया – जिसमें अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति (यानी मैं!) की हत्या करने या हत्या की कोशिश करने की बात कही गई है – तो तुरंत हजारों और मिसाइलें दागी जाएंगी.”
उन्होंने आगे लिखा, “आदेश दिए जा चुके हैं और अमेरिकी सेना ईरान के सभी इलाकों को पूरी तरह से तबाह और बर्बाद करने के लिए तैयार और सक्षम है. यह तैयारी एक साल के लिए है जिसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है.” ट्रंप ने आखिरी में लिखा, “PRAISE BE TO ALLAH!”
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जेडी वैंस की भूमिका कितनी अहम?
ट्रंप ने संकेत दिया है कि उन्होंने अमेरिकी सेना को ईरान को ऐसे स्तर पर नष्ट करने के लिए स्थायी आदेश दिए हैं, जैसा कि तेहरान उन्हें जान से मारने की अपनी लंबे समय से चली आ रही धमकियों को अंजाम देता है. लेकिन, अमेरिकी सरकार के पास ऑटोमैटिक, पूर्व-अधिकृत “डेड मैन स्विच” बनाने का कोई तरीका नहीं है जो तत्काल जवाबी कार्रवाई को प्रेरित कर सके.
इसके विपरीत, यदि ट्रंप की हत्या कर दी जाती है, तो उनके उत्तराधिकारी को सत्ता का हस्तांतरण 25वें संशोधन और 1947 के राष्ट्रपति उत्तराधिकार अधिनियम द्वारा नियंत्रित होता है. उपराष्ट्रपति जेडी वैंस तुरंत कमांडर इन चीफ बन जाएंगे और उन्हें किसी भी प्रकार की जवाबी कार्रवाई का अधिकार होगा.
ऐसी स्थिति में, वैंस ठीक वही कर सकते हैं जो ट्रंप ने करने को कहा था, हालांकि इस बात की भी संभावना है कि वह अपने पूर्ववर्ती के आदेशों का पालन न करने का फैसला कर सकते हैं – या किसी अलग तरीके से सीधी प्रतिक्रिया दे सकते हैं.
वहीं, गैरेट एम ग्रैफ, जो “रेवेन रॉक: द स्टोरी ऑफ द यूएस गवर्नमेंट्स सीक्रेट प्लान टू सेव इटसेल्फ – व्हाइल द रेस्ट ऑफ अस डाई” पुस्तक के लेखक हैं, ने कहा, “अमेरिका ने कई कारणों से कभी भी तकनीकी रूप से ‘डेड मैन स्विच’ का उपयोग नहीं किया है.” अमेरिका के पास परमाणु हमले या किसी अन्य बड़ी आपदा की स्थिति में सरकार की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक आकस्मिक योजनाएं हैं. लेकिन उन योजनाओं में राष्ट्रपति की मृत्यु के बाद तुरंत जवाबी हमले शुरू करने की अनुमति भी नहीं है, भले ही उस राष्ट्रपति ने सेना को ऐसा करने के लिए तैयार रहने की मांग की हो.
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कई बार ट्रंप को मारने की कोशिश
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को मारने की धमकी या कोशिश की गई है. इससे पहले भी उनपर कई हमले हो चुके हैं और वे उसमें सुरक्षित बच गए हैं. 2024 के राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप को दो घरेलू हत्या के प्रयासों का निशाना बनाया गया था. वहीं, अप्रैल में व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन के रात्रिभोज में एक बंदूकधारी ने उन पर हमला कर दिया था, जिसमें वे भाग ले रहे थे.
वाशिंगटन को ईरान और अन्य विदेशी शत्रुओं से राष्ट्रपति और शीर्ष अमेरिकी नेताओं के खिलाफ विश्वसनीय धमकियां मिलना कोई असामान्य बात नहीं है और अक्सर राष्ट्रीय सुरक्षा ब्रीफिंग या अन्य गोपनीय माध्यमों से इसका खुलासा किया जाता है. लेकिन ट्रंप द्वारा सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करना कि ईरान ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया है, कहीं अधिक सोचने वाली बात है.
फिर भी, यह पहली बार नहीं है जब वाशिंगटन ने ट्रंप के खिलाफ धमकियों को लेकर ईरान को धमकी दी है. 2022 में, न्याय विभाग द्वारा यह खुलासा किए जाने के बाद कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के एक सदस्य ने ट्रंप के पहले कार्यकाल के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन की हत्या की योजना बनाई थी, बाइडेन प्रशासन ने ईरान को अमेरिकी नागरिकों पर हमला करने के खिलाफ चेतावनी दी थी.
अब ट्रंप के आलोचक बन चुके बोल्टन ने पिछले महीने ट्रंप के न्याय विभाग द्वारा चलाए गए एक मामले में गोपनीय दस्तावेजों को अवैध रूप से अपने पास रखने का अपराध स्वीकार किया था. राष्ट्रपति जो बाइडेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने 2022 में कहा था कि “अगर ईरान हमारे किसी भी नागरिक पर हमला करता है, जिसमें वे लोग भी शामिल हैं जो संयुक्त राज्य अमेरिका की सेवा करना जारी रखते हैं या जिन्होंने पहले सेवा की है, तो ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.”
दो साल बाद, डेमोक्रेट कमला हैरिस (जो बाइडेन की उपराष्ट्रपति थीं) के खिलाफ ट्रंप के चुनावी अभियान की गहमागहमी में, बाइडेन प्रशासन ने एक बार फिर चुपचाप ईरान को चेतावनी दी. इस बार, अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि ट्रंप पर हमला युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा.
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