Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध चौथे साल में प्रवेश कर चुका है और अब तक स्थायी शांति के कोई संकेत नहीं मिले हैं. अमेरिका ने दोनों देशों के बीच शांति समझौते की कोशिश की थी, लेकिन बातचीत किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी. इस बीच संघर्ष थमने के बजाय और तेज होता दिख रहा है. रूस लगातार यूक्रेन की राजधानी कीव और अन्य क्षेत्रों में सैन्य ठिकानों तथा हथियार भंडारों को निशाना बना रहा है. वहीं यूक्रेन भी रूस के भीतर रणनीतिक ठिकानों और तेल रिफाइनरियों पर हमले कर रहा है। इसी क्रम में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने गुरुवार को दावा किया कि यूक्रेनी बलों ने रातभर चले हमलों में रूस के भीतर कई तेल सुविधाओं को निशाना बनाया। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रूस में हो रही है ईंधन की कमी
यूक्रेन का कहना है कि उसकी रणनीति युद्ध के दौरान रूस की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने और उसकी सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने की है. राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने दावा किया कि यूक्रेन के लगातार हमलों के कारण रूस में ईंधन आपूर्ति प्रभावित हो रही है. हालांकि, दूसरी ओर रूस के लगातार हवाई हमलों के चलते कीव की वायु रक्षा प्रणाली पर भी भारी दबाव बना हुआ है. जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि यूक्रेनी सेना ने बशकोर्तोस्तान और यारोस्लाव क्षेत्र में स्थित तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया. उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन ने मॉस्को की तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ से जुड़े जहाजों को भी निशाना बनाया. रूस पर आरोप है कि वह पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने के लिए इस ‘शैडो फ्लीट’ का इस्तेमाल तेल निर्यात के लिए करता है.
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रूस ने 605 ड्रोन को मार गिराए
रूसी रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रातभर हुए हमलों के दौरान यूक्रेन के 605 ड्रोन मार गिराए. वहीं, यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूस के ड्रोन और ग्लाइड बम हमलों में कम से कम तीन नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 22 अन्य घायल हुए हैं. इस बीच यूक्रेन के सहयोगी देश उसकी वायु रक्षा क्षमता मजबूत करने के लिए अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहे हैं. बीते कुछ हफ्तों में रूस ने यूक्रेन पर बैलिस्टिक मिसाइलों से बड़े पैमाने पर हमले किए हैं. यूक्रेन का कहना है कि इन हमलों का प्रभावी ढंग से मुकाबला केवल अमेरिका में निर्मित पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम से ही किया जा सकता है.
नहीं दे पा रहा US एयर डिफेंस सिस्टम
यूक्रेन को अमेरिका से पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिल पा रही है. इसकी एक वजह अमेरिकी रक्षा भंडार पर बढ़ता दबाव और अन्य सुरक्षा प्राथमिकताएं बताई जा रही हैं. इस बीच रूस के लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण यूक्रेन की वायु रक्षा क्षमता पर दबाव बढ़ता जा रहा है. विश्लेषकों का मानना है कि रूस इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है.
वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार उन सभी देशों के साथ लगातार संपर्क में है, जो युद्ध के दौरान यूक्रेन की मदद कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि हालिया रूसी हमलों में कीव में 17 लोगों की मौत हुई है. जेलेंस्की ने यह भी कहा कि वह नाटो महासचिव मार्क रुटे और फिनलैंड के राष्ट्रपति स्टब के साथ यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत करने के मुद्दे पर लगातार बातचीत कर रहे हैं.
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