Asaduddin Owaisi: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं और राजनीतिक दल गठबंधन करने की तैयारी में लग गए हैं. इस बीच AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को खुला ऑफर देते हुए कहा कि वह उन पार्टियों के साथ गठबंधन के लिए तैयार हैं जो उत्तर प्रदेश में BJP को लगातार तीसरी बार सत्ता में आने से रोकना चाहती हैं. कानपुर के कैंटोनमेंट चुनाव क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, उन्होंने वोटरों से राज्य में AIMIM की मौजूदगी मजबूत करने की अपील की और कहा कि मुस्लिम समुदाय को UP असेंबली में एक “आवाज” की जरूरत है.
2 अक्टूबर तक करेंगे इंतजार
हैदराबाद के MP ने कहा, “हम यह नहीं चाहते कि UP में तीसरी बार BJP की सरकार बने. अगर आप BJP को फिर से सरकार बनाने से रोकना चाहते हैं, तो आइए और AIMIM से हाथ मिलाइए.” ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी 2 अक्टूबर तक इंतजार करेगी और उसके बाद अपने अलायंस, अगर कोई होगा, तो उसकी घोषणा करेगी. उन्होंने बिहार चुनाव के दौरान AIMIM के इसी तरह के प्रपोजल का भी जिक्र किया और कहा कि उनकी पार्टी ने अलायंस के हिस्से के तौर पर छह सीटों पर चुनाव लड़ने का ऑफर दिया था, लेकिन इसके बजाय उन पर “झूठे आरोप” लगाए गए.
मदरसा एक्शन की याद दिलाई
ओवैसी ने मदरसों को लेकर BJP सरकार के एक्शन और आजादी की लड़ाई में मुस्लिम मौलवियों और धार्मिक जानकारों की भूमिकाओं का जिक्र किया. उन्होंने फ्रीडम फाइटर और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद अली जौहर के बारे में बयान देने पर सीएम योगी आदित्यनाथ की भी बुराई की. AIMIM चीफ ने कानपुर के मदरसों के इतिहास के बारे में बात की और दावा किया कि आजादी की लड़ाई के दौरान मुस्लिम उलेमाओं ने अंग्रेजों के खिलाफ फतवा जारी किया था.
सपा पर निशाना साधा
ओवैसी ने मुस्लिम वोटर्स से BJP को सत्ता में वापस आने से रोकने के लिए AIMIM को सपोर्ट करने की अपील की और कहा “अब इलेक्शन आ रहे हैं…बहुत से लोग आपके पास आएंगे. वे आपको पुराना डर दिखाएंगे.” उनका कहना है कि जैसे-जैसे चुनाव पास आते हैं, विपक्षी पार्टियां मुस्लिम वोटरों को सिर्फ BJP से डराकर अपनी ओर खींचने की कोशिश करती हैं, जबकि जमीनी स्तर पर उन्हें कोई प्रतिनिधित्व नहीं देतीं.
समाजवादी पार्टी चीफ अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए, ओवैसी ने दर्शकों से पूछा “आपके अखिलेश ‘भैया’ सत्ता में आए, तो कितने दंगे हुए?” फिर उन्होंने 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि लगभग 50,000 लोग अपने घरों और गांवों से बेघर हो गए थे और उस समय सपा सरकार में मुसलमानों के प्रतिनिधित्व नहीं था. ओवैसी ने राज्य में एक के बाद एक आई सरकारों पर मुसलमानों की सोशियो-इकोनॉमिक और एजुकेशनल प्रॉब्लम को सॉल्व करने में फेल रहने का भी आरोप लगाया.
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