Home Latest News & Updates POCSO : झूठे आरोप में फंसे युवक ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, गृह मंत्री से कहा- मुझे जेल में टॉर्चर किया

POCSO : झूठे आरोप में फंसे युवक ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, गृह मंत्री से कहा- मुझे जेल में टॉर्चर किया

by Sachin Kumar 6 July 2026, 12:20 PM IST
6 July 2026, 12:20 PM IST
Heart patient custodial torture false POCSO case

POCSO : केरल के पथानामथिट्टा में दिल्ली की बीमारी से जूझ रहे 20 वर्षीय युवक पर एक 13 साल की नाबालिग ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए युवक को हिरासत में ले लिया. इसके बाद युवक ने राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत में उसे प्रताड़ित किया गया. वहीं, पता चला कि POCSO मामले में लगाए गए आरोप झूठे हैं. बता दें कि शुक्रवार को कूडल पुलिस ने प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज’ (POCSO) एक्ट के तहत दो मामले दर्ज किए गए. इसमें 13 साल की लड़की ने थाने में शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि कई लोगों ने मिलकर उसका यौन उत्पीड़न किया है. वहीं, इन लोगों में नाबालिग भी शामिल थे जो उसके सहपाठी थे.

युवक की हुई थी बाईपास सर्जरी

लड़की की मेडिकल जांच और मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए उसके बयान के बाद ये आरोप झूठे पाए गए. मंत्री को दी गई अपनी अर्जी में युवक ने बताया कि उसकी बाईपास सर्जरी हुई थी. साथ ही 3 जुलाई को रात करीब 8 बजे उसे बिना किसी नोटिस या वजह बताए उसके घर से हिरासत में ले लिया गया. इसके बाद युवक ने बताया कि एक सब-इंस्पेक्टर और पुलिस के कुछ अन्य कर्मचारी (वर्दी में नहीं थे) उसे जबरदस्ती एक प्राइवेट कार में ले गए.

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युवक ने की कार्रवाई की मांग

वहीं, युवक ने बताया कि पूछताछ के दौरान उसने पुलिस की जानकारी दी कि उसकी बाईपास सर्जरी हुई और वह न तो शिकायत करने वाली महिला को जानता है. न ही उसके द्वारा लगाए आरोपों के बारे में कुछ जानता है. 20 वर्षीय लड़ने ने आरोप लगाया कि मैं उस कांड से कोई लेनादना नहीं था इसके बाद भी पुलिस ने उसके साथ डंडे से मारपीट की और अपशब्द भी कहे. अब युवक ने मारपीट में शामिल होने वाली पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है.

याचिका की प्रतियां कई आयोग को भेजी गई

इसके अलावा युवक ने लड़की के खिलाफ POCSO एक्ट की धारा 22 कार्रवाई की भी मांग की है. गलत इरादे से झूठी शिकायत करने या गलत जानकारी देने पर सजा प्रावधान करती है. याचिका की प्रतियां केरल राज्य मानवाधिकार आयोग की अध्यक्ष, राज्य पुलिस प्रमुख, जिला पुलिस प्रमुख, केरल राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष और राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण को भी भेजी गई हैं. इसी बीच CPI(M) की युवा शाखा DYFI ने पुलिस की ज्यादतियों का आरोप लगाते हुए कूडल पुलिस स्टेशन तक विरोध मार्च निकालने की घोषणा की है.

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