Home Latest News & Updates दिल्ली में नई EV नीति पर छिड़ी रार: टैक्सी और टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट संगठनों ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा

दिल्ली में नई EV नीति पर छिड़ी रार: टैक्सी और टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट संगठनों ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा

by Live Times 5 July 2026, 8:42 PM IST
5 July 2026, 8:42 PM IST
दिल्ली में नई EV नीति पर छिड़ी रार: टैक्सी और टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट संगठनों ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा, कहा- नहीं है व्यावहारिक

EV Policy: दिल्ली सरकार की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) नीति लागू होने के बाद राजधानी में इसे लेकर दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आ रही हैं. एक ओर सरकार इस नीति को प्रदूषण कम करने, स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं दूसरी ओर टैक्सी, टूरिस्ट टैक्सी और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े संगठन इसका विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में इस नीति को लागू करना व्यावहारिक नहीं है.

सरकार ने बताया पर्यावरण के लिए जरूरी

सरकार का दावा है कि नई ईवी नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं. इनमें ईवी खरीद पर सब्सिडी, रोड टैक्स में छूट और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार जैसी योजनाएं शामिल हैं. सरकार का कहना है कि इस नीति से न केवल राजधानी में प्रदूषण कम होगा, बल्कि आने वाले वर्षों में परिवहन व्यवस्था भी अधिक टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनेगी. सरकार यह भी स्पष्ट कर चुकी है कि टैक्सी चालकों के रोजगार को लेकर किसी तरह की चिंता की आवश्यकता नहीं है और बदलाव को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. हालांकि, टैक्सी और टूरिस्ट टैक्सी यूनियनें सरकार के इन दावों से पूरी तरह सहमत नहीं हैं.

ड्राइवरों के सामने कई व्यावहारिक चुनौतियां

उनका कहना है कि राजधानी में अभी पर्याप्त चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध नहीं हैं और इलेक्ट्रिक टैक्सी खरीदने की लागत भी काफी अधिक है. यूनियनों का कहना है कि बैटरी बदलने का खर्च, चार्जिंग में लगने वाला समय और वित्तीय सहायता की स्पष्ट व्यवस्था नहीं होने से ड्राइवरों के सामने कई व्यावहारिक चुनौतियां हैं. उनका मानना है कि जब तक इन समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक इस नीति को पूरी तरह लागू करना मुश्किल होगा. वहीं, दूसरी तरफ ईवी बाजार से उत्साहजनक संकेत मिल रहे हैं. राजधानी के कई इलेक्ट्रिक वाहन शोरूम का कहना है कि नई नीति लागू होने के बाद ग्राहकों की रुचि पहले की तुलना में बढ़ी है.

शोरूम में बढ़ी इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग

शोरूम संचालकों के मुताबिक, इलेक्ट्रिक दोपहिया और चारपहिया वाहनों की पूछताछ और बिक्री में करीब 15 से 18 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. उनका कहना है कि सरकार की नई नीति और भविष्य में मिलने वाले संभावित लाभों को देखते हुए लोग अब इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली जैसे प्रदूषण से जूझ रहे शहर के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना जरूरी है, लेकिन इसके साथ मजबूत चार्जिंग नेटवर्क, पर्याप्त वित्तीय सहायता और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों की चिंताओं का समाधान भी उतना ही महत्वपूर्ण है. यदि सरकार और ट्रांसपोर्ट सेक्टर के बीच बेहतर समन्वय बनता है, तो ईवी नीति का उद्देश्य अधिक प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकता है.

फिलहाल, नई ईवी नीति ने राजधानी में एक नई बहस को जन्म दे दिया है. जहां एक ओर टैक्सी और ट्रांसपोर्ट सेक्टर अपनी व्यावहारिक चुनौतियों को सामने रख रहा है, वहीं दूसरी ओर आम उपभोक्ताओं के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग यह संकेत दे रही है कि दिल्ली में ईवी का भविष्य तेजी से आकार ले रहा है. अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार इन आपत्तियों और सुझावों को किस तरह संबोधित करती है और नीति को जमीनी स्तर पर कितना सफल बना पाती है.

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  • दिल्ली से शालिनी झा की रिपोर्ट

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