Gold Capital of India: सोने के दाम कुछ महीनों से आसमान छू रहे हैं. लेकिन क्या आप भारत के उस शहर के बारे में जानते हैं, जिसे गोल्ड कैपिटल के नाम से भी जाना जाता है?
23 January, 2026
पिछले कुछ टाइम से सोने की कीमत लगातार बढ़ रही है. वैसे, सोना कितना भी महंगा क्यों ना हो जाए, भारत में इसकी डिमांड कभी कम नहीं होती. वैसे भी हमारे यहां सोना सिर्फ एक मेटल नहीं, बल्कि ट्रेडिशन, सिक्योरिटी और वेल्थ का सिंबल है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत का एक शहर ऐसा भी है जिसे ऑफिशियली ‘गोल्ड कैपिटल ऑफ इंडिया’ कहा जाता है? अगर आप सोच रहे हैं कि ये मुंबई या दिल्ली है तो, आप गलत हैं.

गोल्ड कैपिटल ऑफ इंडिया
केरल के खूबसूरत शहर त्रिशूर को गोल्ड कैपिटल ऑफ इंडिया कहा जाता है. केरल के सेंटर में स्थित त्रिशूर शहर को ये खिताब इसकी चमक-धमक और सोने के बड़े बिजनेस की वजह से मिला है. ये भारत में गोल्ड जूलरी मेकिंग, होलसेल ट्रेड और रिटेल शोरूम्स का सबसे बड़ा सेंटर है. भारत में बिकने वाली गोल्ड जूलरी का एक बहुत बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर त्रिशूर से जुड़ा हुआ है. यहां हजारों की संख्या में जूलरी यूनिट्स और वर्कशॉप्स हैं, जहां दिन-रात सोने को खूबसूरत शक्ल दी जाती है.

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सदियों पुराना नाता
त्रिशूर का सोने से रिश्ता आज का नहीं, बल्कि सदियों पुराना है. इस शहर का इतिहास बताता है कि यहां पीढ़ियों से सुनारों के परिवार बसते आए हैं. उन्होंने जूलरी बनाने की आर्ट को एक विरासत की तरह सहेजा है. 20वीं सदी में जब यहां कोऑपरेटिव बैंक और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन का जाल बिछा, तो गोल्ड के बिजनेस को और भी मजबूती मिली. आज आलम ये है कि साउथ इंडिया के ज्यादातर जूलरी शोरूम अपने डिजाइन और सप्लाई के लिए त्रिशूर पर ही निर्भर रहते हैं.

खूबसूरत कारीगरी
त्रिशूर सिर्फ सोने के वजन के लिए नहीं, बल्कि अपनी बारीक कारीगरी के लिए भी मशहूर है. यहां की टेंपल ज्वेलरी और ट्रेडिशनल केरल डिजाइन पूरे देश में फेमस हैं. शादियों का सीजन हो या कोई बड़ा त्यौहार, त्रिशूर के कारीगरों की बनाई गई जूलरी हर दुल्हन की पहली पसंद होते हैं. यहां की वर्कशॉप्स में मॉर्डन मशीनों के साथ-साथ आज भी हाथों से नक्काशी करने वाले हजारों हुनरमंद कारीगर काम करते हैं.

शहर की दिलचस्प बातें
त्रिशूर के कुछ इलाके ऐसे हैं जहां नजर घुमाते ही आपको सिर्फ सोने के बड़े-बड़े शोरूम्स ही दिखेंगे. कहा जाता है कि यहां भारत में जूलरी शोरूम्स का सबसे बड़ा नेटवर्क है. सोने का ये बिजनेस सिर्फ चमक ही नहीं बिखेरता, बल्कि हजारों परिवारों का पेट भी पालता है. डिजाइनर्स, पॉलिशर्स और ट्रेडर्स के साथ-साथ हजारों लोग इस इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं. त्रिशूर में बैंकिंग सेक्टर बहुत मजबूत है. यहां के कोऑपरेटिव बैंक ने गोल्ड लोन और गोल्ड ट्रेड को बढ़ावा देने में बड़ा रोल निभाया है, जिससे छोटे बिजनेसमैन को काफी मदद मिलती है. अगर आपको भी वेडिंग जूलरी की शॉपिंग करनी है, तो त्रिशूर से बेहतर कोई जगह नहीं है. यहां के डिजाइन्स और गोल्ड प्योरिटी का कोई मुकाबला नहीं है.

भारत का दबदबा
भारत दुनिया में सोने के सबसे बड़े उपभोक्ताओं यानी कंज्यूमर्स में से एक है. हालांकि, हमारे यहां सोने की माइनिंग बहुत कम होती है. मगर त्रिशूर जैसे शहर अपनी मैन्युफैक्चरिंग और रिफाइनिंग के दम पर देश की इकोनॉमी में करोड़ों का कॉन्ट्रिब्यूशन देते हैं.
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