Cultural Capital of India: भारत अपने अलग-अलग कल्चर, हिस्ट्री और ट्रेडिशन के लिए दुनिया भर में फेमस है. हर स्टेट और हर शहर की अपनी अलग पहचान है. लेकिन जब बात भारत की सांस्कृतिक राजधानी की होती है, तो सबसे पहले नाम आता है कोलकाता का. पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता को ये पहचान कला, साहित्य, संगीत, रंगमंच और इंटेलेक्चुअल हेरिटेज में उसके योगदान की वजह से मिली है. ऐसे में अगर आप ऐसा शहर घूमना चाहते हैं, जहां हर सड़क, हर इमारत और हर कोना किसी कहानी का हिस्सा लगे, तो कोलकाता आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होना चाहिए.
कभी राजधानी थी!
कोलकाता कभी ब्रिटिश काल में भारत की राजधानी हुआ करती थी. साल 1911 तक राजधानी रहने की वजह से यहां आज भी कई ऐतिहासिक इमारतें और औपनिवेशिक दौर का शानदार आर्किटेक्चर देखने को मिलता है. लेकिन इस शहर की असली पहचान इसकी सांस्कृतिक सोच और क्रिएटिव माहौल है, जिसने देश को कई महान राइटर, आर्टिस्ट, म्यूजिशियन और फिल्म मेकर दिए. महान कवि और नोबेल अवॉर्ड विनर रवींद्रनाथ टैगोर की जन्मभूमि होने के साथ-साथ ये शहर फेमस फिल्म डायरेक्टर सत्यजीत रे का भी घर रहा है. कोलकाता का साहित्य, थिएटर, शास्त्रीय संगीत और आर्ट आज भी देशभर के कलाकारों के लिए इंस्पिरेशन है. यही वजह है कि यहां हर साल लगने वाला कोलकाता इंटरनेशनल बुक फेयर दुनिया के सबसे बड़े बुक फेयर्स में गिना जाता है.
इन जगहों को ना करें मिस
अगर आप कोलकाता घूमने जाएं, तो कुछ जगहों को बिल्कुल भी मिस ना करें. विक्टोरिया मेमोरियल अपने शानदार आर्किटेक्चर और इतिहास के लिए फेमस है. वहीं, हावड़ा ब्रिज शहर की पहचान माना जाता है. इंडियन म्यूजियम भारत का सबसे पुराना म्यूजियम है, जहां इतिहास और संस्कृति की अनमोल धरोहरें मौजूद हैं. किताबों के शौकीनों के लिए कॉलेज स्ट्रीट किसी जन्नत से कम नहीं. इसके अलावा कुमारटुली में आप कलाकारों को दुर्गा माता की मूर्तियां बनाते हुए करीब से देख सकते हैं.
भारतीयों के सिर चढ़ा अकेले बस यात्रा का नया क्रेजः नौकरी की मजबूरी नहीं, बल्कि कुछ और ही है वजह
कोलकाता का खाना
कोलकाता की पहचान सिर्फ वहां की संस्कृति नहीं है, बल्कि यहां का खाना भी लोगों का दिल जीत लेता है. अगर आप यहां जाएं तो फेमस काठी रोल, पुचका, कोशा मंगशो, माछेर झोल, रसगुल्ला और मिष्टी दोई का स्वाद जरूर लें. शहर की पुरानी मिठाई की दुकानें और कैफे आज भी अपनी खास पहचान बनाए हुए हैं.
शहर का सबसे खूबसूरत रूप
अगर आप कोलकाता को उसके सबसे खूबसूरत रूप में देखना चाहते हैं, तो दुर्गा पूजा के टाइम यहां जरूर जाएं. इस टाइम पूरा शहर रोशनी, रंग-बिरंगे पंडालों, सांस्कृतिक प्रोग्रामों और टेस्टी स्ट्रीट फूड से जगमगा उठता है. कोलकाता की दुर्गा पूजा इतनी खास है कि इसे यूनेस्को की इंटैन्जिबल कल्चरल हेरिटेज लिस्ट में भी शामिल किया जा चुका है. इस दौरान देश और विदेश से लाखों टूरिस्ट कोलकाता पहुंचते हैं.
सबसे अच्छा टाइम
कोलकाता घूमने का सबसे अच्छा टाइम अक्टूबर से फरवरी के बीच माना जाता है. इस बीच यहां का मौसम अच्छा रहता है और शहर घूमने का मज़ा डबल हो जाता है. अगर आपका जाना दुर्गा पूजा के टाइम हो, तो ये एक्सपीरियंस जिंदगीभर याद रहेगा.
आसान है पहुंचना
कोलकाता पहुंचना बहुत आसान है. नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश और विदेश के कई बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है. ट्रेन जर्नी करने वालों के लिए हावड़ा और सियालदह स्टेशन भारत के सबसे बिजी रेलवे स्टेशन्स में शामिल हैं. बाय रोड से भी कोलकाता ईस्ट इंडिया के बड़े शहरों से अच्छी तरह कनेक्टेड है. ऐसे में आप कहीं से भी आसानी से कोतकाता पहुंच सकते हैं. देखा जाए तो, कोलकाता सिर्फ घूमने की जगह नहीं, बल्कि एक ऐसा एक्सपीरियंस है जहां इतिहास, कला, साहित्य, संगीत, स्वाद और परंपराएं डेली लाइफ का हिस्सा हैं. अगर आप भारत की असली आत्मा को करीब से फील करना चाहते हैं, तो एक बार कोलकाता की सैर जरूर करें.
Thailand घूमने जा रहे हैं? सफर से पहले जान लें ये नए नियम, वरना एयरपोर्ट पर हो सकती है परेशानी
