Home Latest News & Updates सीमा पार से घुसपैठ को लेकर गृह मंत्री अमित शाह का हमला, कहा- पश्चिम बंगाल में तभी होगी शांति

सीमा पार से घुसपैठ को लेकर गृह मंत्री अमित शाह का हमला, कहा- पश्चिम बंगाल में तभी होगी शांति

by Sachin Kumar 27 October 2024, 3:40 PM IST (Updated 27 November 2024, 1:56 PM IST)
27 October 2024, 3:40 PM IST (Updated 27 November 2024, 1:56 PM IST)
Amit Shah attacks infiltration across Bangladesh border West Bengal

Amit Shah in Kolkata: भारत-बांग्लादेश सीमा पर पेट्रापोल भूमि बंदरगाह पर एक नए यात्री टर्मिनल भवन और कार्गो गेट के उद्घाटन करने के बाद अमित शाह ने घुसपैठ को लेकर ममता सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि जब अवैध प्रवास बंद होगा तभी शांति स्थापित होगी.

27 October, 2024

Amit Shah in Kolkata: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को भारत-बांग्लादेश सीमा पर पेट्रापोल भूमि बंदरगाह पर एक नए यात्री टर्मिनल भवन और कार्गो गेट के उद्घाटन किया. इस दौरान अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में तभी शांति स्थापित हो सकती है जब सीमा पार बांग्लादेश से घुसपैठ बंद हो जाए. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में साल 2026 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आती है तो पड़ोसी देश से अवैध प्रवास को रोक दिया जाएगा.

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर टीएमसी को घेरा

केंद्रीय गृह मंत्री ने उद्घाटन के अवसर पर टीएमसी की भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आलोचना की और राज्य के लोगों से 2026 में राजनीतिक परिवर्तन लाने का आह्वान किया. उन्होंने आगे कहा कि किसी भी क्षेत्र में शांति स्थापित करने में भूमि बंदरगाहों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. उन्होंने कहा कि जब सीमा पर किसी भी तरह से वैध एंट्री नहीं होती है तो वह अवैध तरीकों को अपनाते हैं, जिसकी वजह से कई बार देश की शांति भी भंग होती है. शाह ने इस बात पर जोर दिया कि मैं बंगाल के लोगों से साल 2026 में बदलाव का आग्रह करता हूं और उसके बाद हम लोग घुसपैठ को रोकने के साथ शांति लाने का काम करेंगे.

संबंधों को बेहतर करता है बंदरगाह

अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में शांति तभी स्थापित हो सकती है जब यहां पर घुसपैठ को रोका जाएगा. इसके अलावा उन्होंने बताया कि भूमि बंदरगाह दो देशों के बीच संपर्क और संबंधों को बेहतर बनाने के लिए होते हैं. साथ ही दो देशों के बीच व्यापार संबंधों को भी मजबूत करने काम करती है. आपको बताते चलें कि भारत-बांग्लादेश के बीच व्यापार का 70 प्रतिशत इसी बंदरगाह से होता है. भारत-बांग्लादेश के बीच सालाना 23.5 लाख से अधिक यात्रियों को आवाजाही के लिए सुविधा भी प्रदान करता है.

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