Home Top News ‘बॉर्डर होंगे स्मार्ट…’ अमित शाह बोले- सीमाओं को सुरक्षित बनाना सरकार की प्राथमिकता

‘बॉर्डर होंगे स्मार्ट…’ अमित शाह बोले- सीमाओं को सुरक्षित बनाना सरकार की प्राथमिकता

by MayankRai 10 July 2026, 3:53 PM IST (Updated 10 July 2026, 3:54 PM IST)
10 July 2026, 3:53 PM IST (Updated 10 July 2026, 3:54 PM IST)
Amit Shah borders secure prosperous government priority

New Delhi : दिल्ली में देश की पहली ‘Land Border District SPs Conference-2026’ का आयोजन किया गया. सम्मेलन में देश के 18 सीमावर्ती राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों एवं अन्य केन्द्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख, सीमा सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी तथा सीमावर्ती जनपदों के पुलिस अधीक्षक शामिल हुए.

सम्मेलन में आयोजित विभिन्न विशेष सत्रों के दौरान गृह मंत्री शाह ने सीमा-पार आतंकवाद एवं संगठित अपराध, सीमा सुरक्षा, वित्तीय अपराध एवं अवैध धन प्रवाह, सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय परिवर्तन तथा सीमा विकास में सामुदायिक सहभागिता समेत विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की.

महानिदेशक दीपम सेठ भी हुए शामिल

उत्तराखण्ड राज्य से पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ एवं नेपाल एवं तिब्बत (चीन) की अन्तरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़े राज्य के पांच सीमावर्ती जनपद ऊधमसिंहनगर, पिथौरागढ़, चम्पावत, उत्तरकाशी एवं चमोली के पुलिस अधीक्षकों ने सम्मेलन में सहभागिता की. गृह सचिव उत्तराखंड शासन शैलेश बगोली, महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा ऑनलाइन प्रतिभाग किया गया.

दो अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़े राज्य होने के कारण उत्तराखण्ड की भौगोलिक एवं सामरिक परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सम्मेलन में उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा आधुनिक तकनीक आधारित सीमा निगरानी, सीमा-पार अपराधों की रोकथाम, स्थानीय खुफिया तंत्र को सुदृढ़ बनाने, सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय से संबंधित सुझाव साझा किए गए.

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मजबूत सुरक्षा तंत्र विकसित किया जाएगा

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केन्द्र सरकार समग्र सीमा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. ‘स्मार्ट बॉर्डर’ की अवधारणा के तहत सीमा सुरक्षा बलों, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, अन्य संबंधित एजेंसियों तथा स्थानीय नागरिकों के समन्वय से एक मजबूत सुरक्षा तंत्र विकसित किया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि अगले तीन वर्षों में नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण तथा देश को घुसपैठ से मुक्त बनाने के लिए सुदृढ़ व्यवस्था तैयार की जा रही है. ‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम’ के अंतर्गत सीमांत गांवों में पलायन रोकने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और सरकारी योजनाओं को लागू करने पर ध्यान दिया जा रहा है.

जनसांख्यिकीय बदलाव पर हुई गंभीर चर्चा

सीमांत क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर भी चर्चा हुई. इस शाह ने कहा कि सूचनाओं को उच्च स्तर पहुंचाना चाहिए. साथ ही प्रॉक्सी वार, कट्टरपंथ, ड्रोन, साइबर एवं संगठित अपराध जैसी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटते हुए सीमाओं को सुरक्षित एवं समृद्ध बनाना हमारी प्राथमिकता पर जोर दिया गया.

अधिक सुदृढ़ करने में उपयोगी सिद्ध होंगी

पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ ने कहा कि यह सम्मेलन सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि सम्मेलन में साझा किए गए अनुभव, नवाचार एवं सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षा, विकास तथा नागरिक सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ करने में उपयोगी सिद्ध होंगी.

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