Khamenei Laid to Rest: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है. गुरुवार को उन्हें मशहद शहर में शिया समुदाय के पवित्र इमाम रजा दरगाह में पूरे राजकीय सम्मान के साथ दफनाया गया. हालांकि, इस दौरान उनके उत्तराधिकारी, बेटे मोजतबा खामेनेई नहीं दिखे. खामेनेई को आखिरी बार देखने के लिए लाखों लोगों की भीड़ जमा हुई, जिसकी वजह से अंतिम संस्कार की रस्में कई घंटों के लिए टालनी पड़ीं. मशहद में हुए अंतिम विदाई समारोह में न केवल ईरान के शिया समुदाय के लोग शामिल हुए, बल्कि इराक, पाकिस्तान, भारत, नाइजीरिया और सेनेगल समेत कई देशों से लोग उनके अंतिम यात्रा में शामिल हुए.
ईरान में मातम
सुबह से ही हजारों लोग सड़कों, मस्जिदों और दरगाह परिसर में जमा हो गए थे. काले कपड़े पहने शोक मना रहे लोग खामेनेई के समर्थन में नारे लगा रहे थे और उनकी हत्या का बदला लेने की मांग कर रहे थे. अंतिम यात्रा में इजरायल और अमेरिका के खिलाफ नारे लग रहे थे. शनिवार को जनाजे का जुलूस शुरू हुआ, जिसमें अधिकारियों ने ईरान की राजधानी तेहरान और दूसरे शहरों में सड़कें, एयरस्पेस और रोजमर्रा की जिंदगी बंद कर दी.

दफनाए जाने के साथ ही तेहरान में पिछले हफ्ते से चल रहा शोक समारोह कार्यक्रम खत्म हो गया. 4 जुलाई को तेहरान में कार्यक्रम की शुरुआत हुई, इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को कोम, नजफ और इराक के कर्बला और आखिर में मशहद ले जाया गया. इस कार्यक्रम में दुनियाभर के नेता शामिल हुए और उन्होंने खामेनेई का श्रद्धांजलि दी. भारत से भी एक प्रतिनिधि ईरान गया था.
37 साल ईरान पर राज किया
खामेनेई 28 फरवरी को US और इजराइली हवाई हमलों में मारे गए थे, लेकिन उनका अंतिम संस्कार चार महीने बाद हुआ. खामेनेई ने लगभग 37 साल तक ईरान पर राज किया था. अयातुल्ला अली खामेनेई देश के दूसरे शासक हैं जिन्हें मशहद शहर में दफनाया गया है. 1747 में, नादिर शाह को लगभग 11 साल सत्ता में रहने के बाद मारे जाने के बाद शहर में दफनाया गया था.

दिल्ली में खास कार्यक्रम
दिल्ली में ईरान कल्चर हाउस ने गुरुवार को देश के मरहूम सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के सम्मान में एक खास कार्यक्रम रखा, जो उनकी आखिरी यात्रा को दिखाता है. ईरान कल्चर हाउस में रात को काले कपड़े पहने शोक मनाने वालों का एक ग्रुप उन्हें आखिरी विदाई देने के लिए इकट्ठा हुआ. नई दिल्ली में ईरान कल्चर हाउस के हेड फरीदोद्दीन फरीद असर ने समारोह के दौरान दुआ की. इसके अलावा श्रीनगर में भी शिया मुसलमानों द्वारा खास नमाज रखी गई और लोगों ने दुख जाताया. इस दौरान एक व्यक्ति उनकी तस्वीर को चूमता नजर आया.
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News Source: PTI
