Haunted Places of India: भूतिया फिल्में देखने के बाद मन में कुछ देर के लिए डर बैठ जाता है. लेकिन सोचिए अगर हमारे आस-पास ऐसी डरावनी जगहें सच में मौजूद हो तो.? आधी रात को सदियों पुराने खंडहरों से आने वाली अजीब आवाजें, रातों-रात हमेशा के लिए वीरान हो जाने वाला गांव, बिना किसी वजह के होने वाली रहस्यमयी घटनाएं- ये सब भारत में कई रहस्यमयी जगहों पर होता है. भले ही इन घटनाओं की ऑफिशियली या साइंटिफिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इनकी कहानियां पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही हैं. इसीलिए हर साल हजारों लोग इन जगहों पर जाते हैं, बस यह जानने के लिए कि इन कहानियों में कितनी सच्चाई है.
कुछ लोग इन्हें अंधविश्वास मानते हैं, जबकि दूसरे लोग दावा करते हैं कि उन्होंने वहां कुछ ऐसा अनुभव किया है जो शब्दों से परे है. इन जगहों पर सरकार भी रात में जाने से मना करती है. अगर आपको भी हॉरर और मिस्टीरियस कहानियों के बारे में जानना पसंद है, तो भारत की इन 6 सबसे रहस्यमयी जगहों की कहानियां आपको जरूर डराएंगी
भानगढ़ किला
राजस्थान के अलवर जिले में मौजूद भानगढ़ किला देश की सबसे मशहूर रहस्यमयी जगहों में से एक है. लोगों का कहना है कि यहां रात में अजीब आवाजें सुनाई देती हैं. लोककथा के अनुसार, किले के क्षेत्र में एक साधु रहता था. साधु की चेतावनी थी कि किसी भी घर या महल की छाया उसकी कुटिया पर नहीं पड़ना चाहिए. जब राजा ने किला बनवाया तो उन्होंने किले की ऊंचाई ज्यादा कर ली और उसकी छाया साधु की कुटिया पर पड़ गई. साधु ने गुस्से में पूरे गांव को श्राप दे दिया, जिससे गांव विरान हो गया.
एक दूसरी कहानी के मुताबिक, काला जादू करने वाले एक तांत्रिक को भानगढ़ की एक खूबसूरत राजकुमारी से प्यार हो गया, जिसके कई प्रेमी थे. एक दिन तांत्रिक ने राजकुमारी का बाजार तक पीछा किया और उसे प्रेम औषधि देने की पेशकश की. हालांकि, उसने इसे अस्वीकार कर दिया और उसे एक बड़ी चट्टान पर फेंक दिया. चट्टान तांत्रिक पर लुढ़क गई और उसकी मौत हो गई. मरने से पहले, तांत्रिक ने पूरे गांव को श्राप दिया. कहा जाता है कि इस श्राप की वजह से यह जगह वीरान और डरावनी हो गई थी. सरकार ने भी सूरज डूबने के बाद यहां एंट्री पर रोक लगा दी है. इसके बावजूद यह किला टूरिस्ट के लिए खास अट्रैक्शन बना हुआ है.

शनिवारवाड़ा किला
महाराष्ट्र के पुणे में मौजूद शनिवारवाड़ा किला भी भारत की सबसे रहस्यमयी जगहों में से एक माना जाता है. इस किले का निर्माण 1732 में पेशवा बाजीराव प्रथम ने करावाया था. कहा जाता है कि यहां रात में, खासकर अमावस्या की रात को अजीब आवाजें सुनाई देती हैं। इतिहास के मुताबिक, 1773 में यहां पेशवा नारायण राव को उनके ही चाचा रघुनाथराव और चाची आनंदीबाई ने मार दिया था. उस समय उनकी उम्र 17-18 साल थी. स्थानीय लोगों का मानना है कि उनकी आत्मा आज भी किले में भटकती है. स्थानीय लोग कहते हैं कि आज भी अमावस्या और पूर्णिमा की रात को एक लड़के के रोने की आवाज और “काका मला वाचवा” यानी चाचा मुझे बचाओ जैसी आवाजें आती हैं.
जटिंगा गांव, असम
असम का जटिंगा गांव अपनी नेचुरल खूबसूरती के लिए जाना जाता है, लेकिन खूबसूरती के अलावा वहां की कहानियां बहुत मशहूर हैं. खूबसूरत नजारा रात होते ही डरावना हो जाता है. हर साल मॉनसून खत्म होता है, करीब सितंबर से नवंबर के बीच, रात होते ही पक्षियों में खलबली मच जाती है. वे रोशनी की पीछे भागते हैं (जैसे बल्ब या मशाल) और पेड़ों से टकराकर मर जाते हैं. हालांकि यह घटना सिर्फ अंधेरी और कोहरे वाली रात को ही होती है. साइंटिस्ट्स का मानना है कि कोहरे और धुंध की वजह से पक्षी रास्ता भटक जाते हैं और पेड़ों से टकरा जाते हैं. हालांकि, वहां के लोग इस घटना को रहस्यमयी मानते हैं। आज तक कोई भी इस घटना को पूरी तरह से नहीं समझ पाया है.
रूपकुंड तालाब
उत्तराखंड की ऊंची पहाड़ियां हर किसी को पसंद हैं. वहां की शांति और वादियों को देखकर मन खुश हो जाता है. लेकिन यहां एक ऐसी भी जगह है, जिसे देखकर किसी भी दिलेर की रूह कांप जाए. हम बात कर रहे हैं रूपकुंड तालाब की, जिसे “कंकाल झील” के नाम से भी जाना जाता है. जब यहां बर्फ पिघलती है, तो तालाब में कई इंसानी कंकाल मिलते हैं. ये कंकाल पहली बार 1942 में मिले थे. वैज्ञानिकों का कहना है कि ये कंकाल लगभग 1,200 साल पुराने हैं. एक लोक कथा के अनुसार, कन्नौज के राजा जसधवल अपनी गर्भवती रानी बलम्पा और सैनिकों के साथ नंदा देवी की तीर्थयात्रा पर निकले थे। राजा ने यात्रा के पवित्र नियमों को तोड़ा, जिससे वहां की देवी नंदा देवी नाराज हो गईं. उनके गुस्से की वजह से पहाड़ियों पर एक तेज तूफान आया, जिससे बड़ी-बड़ी चट्टाने गिरने लगे. रूपकुंड में पूरे शाही दल की मौत हो गई और वे हमेशा के लिए बर्फ में दब गए.

कुलधरा गांव
राजस्थान का कुलधरा गांव पूरे भारत में सबसे डरावनी और रहस्यमयी जगहों में टॉप पर आता है. कुलधरा राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित एक वीरान गांव है. करीब 200 सालों पहले पालिवाल ब्राह्मणों ने इस गांव को छोड़ दिया और तब से यह गांव सुनसान पड़ा है. इसके पीछे का कारण एक श्राप माना जाता है. लोककथा है कि, जैसलमेर के दीवान सालिम सिंह की नजर कुलधरा के मुखिया की बेटी पर पड़ गई. वह हर कीमत पर उस लड़की से शादी करना चाहता था.
सलीम सिंह ने गांव वालों को धमकी दी कि अगर उन्होंने लड़की उसे नहीं सौंपी, तो वह पूरे गांव पर भारी टैक्स लगाएगा और उसे जबरदस्ती उठा ले जाएगा. पालीवाल ब्राह्मण अपने आत्म सम्मान के लिए एक ही रात में पूरा गांव खाली कर दिया. कुलधरा समेत आस-पास के सभी 84 गांवों के लोग चुपचाप अपना पूरा घर, पैसा और जानवर छोड़कर वहां से चले गए. वे कहां गए, यह आज भी एक राज है. जाते-जाते ब्राह्मणों ने जमीन को श्राप देते हुए कहा “यह जगह फिर कभी आबाद नहीं होगी और जो कोई भी यहां रहने की कोशिश करेगा, वह बर्बाद हो जाएगा.” राजस्थान सरकार ने वहां रात में रुकने पर रोक लगाई है. लोगों का कहना है कि वहां से रात में महिलाओं के रोने की आवाज आती है.
रामोजी फिल्म सिटी
रामोजी फिल्म सिटी दुनिया की सबसे बड़ी फिल्म स्टूडियो कॉम्प्लेक्स है. यह तेलंगाना राज्य की राजधानी हैदराबाद में है और लगभग 2,000 एकड़ में फैला है. इसे 1996 में मशहूर तेलुगु फिल्म प्रोड्यूसर और रामोजी राव ग्रुप के हेड रामोजी राव ने शुरू किया था. माना जाता है कि जिस जमीन पर यह फिल्म सिटी बनी है, वह कभी हैदराबाद के निजामों के लिए जंग का मैदान हुआ करती थी, जहां हजारों सैनिक मारे गए थे.
लोगों का मानना है कि उन मरे हुए सैनिकों की आत्माएं आज भी यहां भटकती हैं। फिल्मिंग के दौरान, क्रू मेंबर्स ने अक्सर बताया है कि लाइटें अचानक गिर जाती थीं, शीशा अपने आप टूट जाता था और सेट पर कपड़े फट जाते थे. फिल्म सिटी में काम करने वाले कई लोग कहते हैं कि लाइटें अचानक चली जाती हैं. लाइटमैन बिना किसी वजह के गिर जाते हैं और एक्ट्रेस को अपने ड्रेसिंग रूम में अजीब सी सनसनी महसूस होती है. लाखों टूरिस्ट इस जगह पर आते हैं.

डुमास बीच
गुजरात के सूरत शहर में स्थित डुमास बीच अपनी सुंदरता के लिए मशहूर है. लेकिन खूबसूरती के साथ-साथ यहां की डरावनी कहानियों ने लोगों के मन में डर भी पैदा किया है. दिन में हजारों टूरिस्ट यहां पिकनिक मनाने और समुद्र की लहरों का मजा लेने आते हैं, लेकिन सूरज डूबने के बाद यह पूरा इलाका पूरी तरह सुनसान हो जाता है. सदियों पहले, इस बीच के एक बड़े हिस्से का इस्तेमाल हिंदू लोग श्मशान घाट के तौर पर करते थे. स्थानीय लोगों का मानना है कि अंतिम संस्कार के बाद, उनकी राख सदियों तक समुद्र की रेत में मिली रही, जिससे रेत सफेद या पीली होने के बजाय गहरी काली हो गई.
लोककथाओं के मुताबिक, जिन लोगों को मोक्ष नहीं मिला, उनकी आत्माएं आज भी इन रेतों पर भटकती हैं. कुछ हिम्मत वाले लोग जो आधी रात में यहां घूमते हैं, उन्होंने दावा किया है कि उन्हें हवा में फुसफुसाहट, हंसी और रोने की आवाजें सुनाई देती हैं. बीच के पास रहने वाले आवारा कुत्ते अक्सर रात में समुद्र की ओर देखकर अजीब तरह से भौंकते हैं. ऐसा माना जाता है कि कुत्ते इंसानों से पहले अनदेखी ताकतों या नेगेटिव एनर्जी को महसूस कर सकते हैं.
GP ब्लॉक
मेरठ का GP ब्लॉक भारत की सबसे भूतिया जगहों में से एक माना जाता है. 1950 के दशक से वीरान पड़े इस खंडहर में लोग आते-जाते रहे हैं. उन्होंने बताया है कि उन्होंने कई अजीब चीजें देखी हैं. कुछ लोगों ने लाल साड़ी पहनी एक औरत को बिल्डिंग के आस-पास घूमते देखा है, तो कुछ ने चार लोगों को मोमबत्ती की रोशनी में बीयर पीते देखा है. रात में अक्सर सरसराहट और हलचल की आवाजें आती हैं. यहां की कोठी ब्रिटिश सेना का ऑफिस हुआ करती थी. यहां कई अंग्रेज अपने परिवार के साथ रहते थे. बंटवारे के बाद यह जगह पूरी तरह वीरान हो गई.
ध्यान रखें कि इन जगहों से जुड़ी हॉन्टिंग कहानियां लोककथाओं, अफवाहों या लोगों के अनुभवों पर आधारित हैं. इनके सुपरनैचुरल होने का कोई पक्का साइंटिफिक सबूत नहीं है.
