Home Top News हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक बिल पास, छात्रों पर पुलिस एक्शन को लेकर भिड़े राहुल और रिजिजू

हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक बिल पास, छात्रों पर पुलिस एक्शन को लेकर भिड़े राहुल और रिजिजू

by Sanjay Kumar Srivastava 29 July 2026, 3:59 PM IST (Updated 29 July 2026, 4:00 PM IST)
29 July 2026, 3:59 PM IST (Updated 29 July 2026, 4:00 PM IST)
लोकसभा में हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक संशोधन बिल पास, छात्रों पर पुलिस एक्शन को लेकर भिड़े राहुल और रिजिजू

Anti Paper Leak Bill: लोकसभा में बुधवार को भारी हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक बिल पास हो गया. बहस के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की ज्यादतियों को मंज़ूरी दी थी. इस बयान से लोकसभा में पेपर लीक विरोधी कानून में संशोधन करने वाले बिल पर बहस के दौरान भारी हंगामा हुआ. ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026’ पर बहस में हिस्सा लेते हुए गांधी ने दावा किया कि गृह मंत्री लोकसभा में मौजूद नहीं हैं क्योंकि वे डरे हुए हैं. उनकी इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष की ओर से आपत्ति जताई गई.

अमित शाह पर बड़ा आरोप

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री ने छात्रों के ख़िलाफ़ हिंसक कार्रवाई को मंज़ूरी दी थी. वे 20 जुलाई को NEET पेपर लीक मामले में CJP के नेतृत्व में संसद तक हुए मार्च के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई का ज़िक्र कर रहे थे. स्पीकर ओम बिरला ने तुरंत दखल देते हुए कहा कि चर्चा गृह मंत्री के बारे में नहीं हो रही है. बिरला ने कहा कि हम आज गृह मंत्री पर चर्चा नहीं कर रहे हैं. साथ ही कहा कि उन्हें अपने आरोपों को साबित करने के लिए सबूत देने चाहिए. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गांधी की टिप्पणी पर आपत्ति जताई और उनसे माफ़ी मांगने की मांग की.

दो बार स्थगित हुई लोकसभा

रिजिजू ने कहा कि आपने यह किस आधार पर कहा है? यह बहुत आपत्तिजनक है. आपको माफ़ी मांगनी चाहिए. गांधी की टिप्पणी पर हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी. बाद में संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए गांधी ने कहा कि सिर्फ़ दो ही विकल्प हो सकते हैं या तो गृह मंत्री ने (प्रदर्शनकारियों पर) गोली चलाने का आदेश दिया या फिर गृह मंत्री को पता ही नहीं था कि गोली चलेगी. पहले मामले में, वे दोषी हैं. दूसरे मामले में वे अक्षम हैं. इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं हो सकता. वह सदन में क्यों नहीं आ रहे हैं? भारत के गृह मंत्री सदन में क्यों नहीं हैं? अगर उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है, तो वह क्यों नहीं आ रहे हैं?

RSS पर भी तीखा हमला

राहुल ने कहा कि संसद में बोलना मेरा अधिकार है और मुझे यह अधिकार मिलना चाहिए. गांधी ने RSS पर भी तीखा हमला किया और आरोप लगाया कि वह शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है और यह तय कर रहा है कि छात्रों को क्या पढ़ाया जाए. इस व्यवस्था की आत्मा पर RSS का कब्ज़ा हो गया है. धर्मेंद्र प्रधान ने कभी शिक्षा मंत्रालय नहीं चलाया. मंत्रालय को चलाने वाले व्यक्ति और संगठन का नाम RSS है. प्रधान तो बस एक चेहरा हैं. छात्रों का असली दुश्मन RSS है. वे लोग चाहते हैं कि आप ‘अंधभक्त’ बनें. गांधी ने आरोप लगाया कि देश की सभी यूनिवर्सिटी में RSS का वाइस चांसलर है. गांधी ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को युवाओं की आवाज बताया.

लोकसभा में अखिलेश यादव ने कहा- बीजेपी राज में शिक्षा-परीक्षा सब खत्म, छात्रों के आगे झुकी सरकार

News Source: PTI

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?