Vaibhav Sooryavanshi: पूर्व भारतीय क्रिकेटर आर अश्विन ने युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को लेकर दिए ‘ड्रिंक्स सर्व करने’ बर पर चौतरफा घिर गए हैं. सोशल मीडिया पर भारी आलोचना के बीच अश्विन ने अब सफाई दी है. उन्होंने कहा कि उनका मकसद 15 वर्षीय बल्लेबाज का मजाक उड़ाना नहीं था बल्कि यह बताना था कि अगर कोई युवा बल्लेबाज बेंच पर बैठता है तो वह उसके विकास का हिस्सा है.
उसे ढंग से विकसित होने दीजिए
आर अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि मैंने पहले भी यह बात दोहराई थी कि वैभव कुछ समय के लिए स्टैंड पर बैठाए जा सकते हैं. साथ ही अपने सहयोगियों के लिए ग्राउंड पर ड्रिंक्स भी ले जा सकते हैं. उस वक्त मेरा यह बयान उन्हें अपमान करने के लिए नहीं था बल्कि मेरा मतलब सिर्फ इतना था कि उन्हें वहां पर बैठकर कुछ सीखने को मिलेगा. अभी उसका सफर शुरू हुआ है और उसकी सीखनी की यात्रा काफी लंबी है. अगर वह ग्राउंड के बाहर बैठकर खेल को समझेगा तो मैदान पर शानदार प्रदर्शन करके दिखाएगा. मैं बस यही कहना चाहता हूं कि उसके लिए अभी टीम में शामिल और बाहर करने के लिए बात मत कीजिए, उसको ढंग से विकसित होने दीजिए. अगर वह इस तरह से आगे बढ़ेगा तो भविष्य में काफी बड़ा खिलाड़ी बनेगा.
इंग्लैंड के खिलाफ फ्लॉप और जिम्बाब्वे को धोया
इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई टी-20 सीरीज में वैभव सूर्यवंशी कुछ खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए. वह इस दौरान तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की शॉर्ट गेंदों के सामने सहज नहीं दिखे. हालांकि, इसके बाद उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार पारियां खेली और दो अर्धशतक लगाए. इसके बाद सेलेक्टर्स का भी उन पर भरोसा बढ़ गया और अब भविष्य के लिए टीम में उनकी जगह भी पक्की हो गई है.
एक सीरीज तय नहीं कर सकती खिलाड़ी का भविष्य
रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल में खिलाड़ियों की कुछ कमियां और कुछ ताकत हो सकती है. महान क्रिकेटर रिकी पोंटिंग का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वह भी कई बार शॉर्ट गेंद पर आउट हुए थे. यही वजह है कि दो पारियों के आधार पर वैभव सूर्यवंशी को आंका नहीं जा सकता है. उन्होंने कहा कि मैं लोगों से पूछना चाहता हूं कि दुनिया में शॉर्ट गेंद के लिए सबसे मजबूत बल्लेबाज कौन था? उन्होंने पूछा- रिकी पोंटिंग? मैं कहना चाहता हूं कि वह भी कई बार शॉर्ट गेंद पर आउट हुए हैं. हर एक खिलाड़ी की अपनी कमजोरी और ताकत होती है. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह बहुत सामान्य बात होती हैं.
पर्दे के पीछे कमजोरियों पर करें काम
अश्विन ने कहा कि अपनी पूरी ताकत से मैदान पर खेल दिखाई और कमजोरियों पर पर्दा डालिए. साथ ही पर्दे के पीछे उन कमजोरियों पर काम करते रहिए और सीखकर ही हर किसी सेक्टर में आगे बढ़ा जा सकता है. साथ ही वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में जोफ्रा आर्चर का कितनी बार सामना किया है? ये सब अनुभव का हिस्सा है और हम किसी भी खिलाड़ी का भविष्य एक-दो मैचों से तय नहीं कर सकते हैं.
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