Cough Syrup New Rule: दवा की क्वालिटी और मरीज की सुरक्षा की चिंताओं के बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना कफ सिरप समेत सभी प्रकार के सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी है. इस कदम का मकसद कफ सिरप समेत सिरप-बेस्ड फॉर्मूलेशन को सख्त रेगुलेटरी निगरानी के तहत लाना है. इस बदलाव को ड्रग्स (पांचवां संशोधन) नियम, 2026 के जरिए लागू किया गया है, जिसे ऑफिशियल गजट में पब्लिश किया गया है.
केमिस्ट पर नहीं मिलेगा सिरप
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, ड्रग्स नियम, 1945 के शेड्यूल K के “ड्रग्स की क्लास” कॉलम में आइटम 7 से “सिरप” शब्द हटा दिया गया है. शेड्यूल K उन दवाओं की कैटेगरी बताता है जिन्हें ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और नियमों के तहत बनाने, बेचने और बांटने से जुड़े कुछ नियमों से छूट मिली हुई है. इस कदम से डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना (ओवर-द-काउंटर) सिरप की बिक्री बंद हो जाएगी और ये दवाएं सख्त रेगुलेटरी कंट्रोल में आ जाएंगी.
Union Ministry of Health and Family Welfare issues notification which brings into effect that all 'Syrups', including cough syrups will no longer be available over the counter. A prescription by a doctor will be required for the purchase of 'Syrups'. pic.twitter.com/SaszQvHH1C
— Press Trust of India (@PTI_News) June 16, 2026
आपत्ति और सुझावों के बाद लिया गया फैसला
यह कदम सरकार द्वारा पिछले साल दिसंबर में जारी एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के बाद उठाया गया है, जिसमें स्टेकहोल्डर्स से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे. मिनिस्ट्री ने कहा कि ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) के साथ सलाह-मशविरा करने के बाद, बदलाव को फाइनल करने से पहले जनता से मिले कमेंट्स पर विचार किया गया था. DTAB दवाओं से जुड़े टेक्निकल मामलों पर देश की सबसे बड़ी कानूनी संस्था है. सूत्रों के मुताबिक, इस नए बदलाव से सिरप-बेस्ड दवाओं की ट्रेसेबिलिटी और रेगुलेटरी सुपरविजन को बेहतर बनाने की उम्मीद है, जिससे यह पक्का होगा कि मैन्युफैक्चरर और सेलर सख्त लाइसेंसिंग और क्वालिटी-कंट्रोल की जरूरतों का पालन करें.
कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत
यह फैसला, मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप पीने के कारण हुई बच्चों की मौत के बाद लिया गया है. सिंतबर- अक्टूबर 2025 में कोल्ड्रिफ नामक कफ सिरप पीने से मध्य प्रदेश में 24 और राजस्थान में 3 बच्चों की मौत हो गई थी. इसके बाद सरकार ने एडवायजरी जारी की कि 2 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप न दिया जाए और 5 साल तक के बच्चों को डॉक्टर की जांच के बाद ही सिरप दी जाए. हाल के सालों में कई देशों में कफ सिरप और दूसरे लिक्विड ओरल फॉर्मूलेशन पीने से कई बच्चों की मौत हुई है. इन घटनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने नए नियम लागू किए हैं.
फेक न्यूज गैंग पर सरकार का शिकंजा, NEET Re-Exam तक Telegram पर लगाई रोक
News Source: PTI
