Election Commission: SIR के खिलाफ चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष 12 अक्तूबर को CJI से मिलेंगे. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को कहा कि वह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 12 अक्टूबर को CJI से मिलेंगे. वे लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई और चुनाव आयोग में अनियमितताओं से जुड़ी बातों को उनके सामने रखेंगे. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात पैदा करने का आरोप लगाया. खड़गे ने कहा कि उन्होंने और गांधी ने CJI को पत्र लिखा था और उन्हें सोमवार को शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच बैठक के लिए समय दिया गया है.
युवाओं से डरे हैं मोदी
खड़गे ने कहा कि हम उनके (सूर्यकांत) सामने कोई मांग नहीं रख सकते. हम हाथ जोड़कर उनसे इन मुद्दों को ध्यान में रखने का अनुरोध करेंगे. यह दावा करते हुए कि मोदी उन युवाओं से डरे हुए हैं जो लोकतंत्र बचाओ और हमारे वोट बचाओ की मांग कर रहे हैं. खड़गे ने PM और उनकी सरकार पर नागरिकों के अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया. उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस संविधान, लोकतंत्र और लोगों के वोट देने के अधिकार की रक्षा के लिए लड़ती रहेगी.
पुलिस का इस्तेमाल कर रही सरकार
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस का इस्तेमाल लोगों को विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने और अपनी जायज़ मांगों को उठाने से रोकने के लिए कर रही है. इससे उन युवाओं को परेशानी हो रही है जो नौकरी, अपॉइंटमेंट, स्कूल और कॉलेज जाने के लिए यात्रा करना चाहते हैं. खरगे ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर होने वाले बड़े प्रदर्शन को रोकने के लिए की गई अभूतपूर्व सुरक्षा घेराबंदी और CJP प्रदर्शनकारियों की हिरासत का भी ज़िक्र किया. पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि लगभग 32,000 पुलिसकर्मी और 7,500 CRPF जवान तैनात किए गए थे. इससे पता चलता है कि सरकार को युवाओं के आंदोलन से कितना डर है.
जारी रखेंगे लड़ाई : कांग्रेस
उन्होंने आगे कहा कि हम लोकतंत्र और लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे. यह बताते हुए कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक निकाय है, खरगे ने कहा कि यह एक स्वतंत्र संस्था है जिसे स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने का अधिकार है. हालांकि, इसे स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने की अनुमति नहीं है. उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के दो सदस्यों ने खुलकर बताया है कि आयोग कैसे काम कर रहा है, उसमें किस तरह की अनियमितताएं हो रही हैं और आयोग के सदस्य खुद इस स्थिति के बारे में क्या सोचते हैं. इसके बावजूद, इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है.
News Source: ANI
