CJP Protest: दिल्ली में CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बाद सियासत तेज हो गई है. प्रदर्शन के दौरान 3,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया. इसी बीच CJP ने शनिवार को ऐलान किया था कि रविवार को भी उसका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. वहीं, हिरासत में लिए गए CJP नेताओं को रविवार को अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने जमानत दे दी. इसके बाद CJP के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके फोन जब्त कर लिए, लेकिन जब्ती का कोई मेमो नहीं दिया.
हमारे डिवाइस हैक किए गए हों?
सौरव दास ने कहा कि हमें शक है कि हमारे फोन हैक या क्लोन किए गए हैं. जैसा कि पिछले कुछ सालों में दूसरे एक्टिविस्ट्स के साथ हुआ है. हमें डर है कि उन्होंने हमारे डिवाइस हैक करके उनमें ऐसे दस्तावेज या दूसरी चीजें डाल दी हों जिन्हें बाद में सबूत के तौर पर पेश किया जा सके. हम यह साफ करना चाहते हैं कि हमारे फोन शायद हैक हो चुके हैं.
कानूनी तरीके से इन आरोपों का सामना करेंगे
इसके अलावा सौरव दास ने आरोप लगाया कि हमारी कानूनी सलाहकार वृंदा ग्रोवर और उनकी पूरी टीम इस पर पहले से ही काम कर रही है. हमें यह नोटिस पहले ही मिल चुका था. कुछ ट्वीट गलत तरीके से हमारे नाम से जोड़े जा रहे हैं, मानो हमने ही वे काम किए हों या उनकी साजिश रची हो. हम अदालत में कानूनी तरीके से इन आरोपों का सामना करेंगे.
पूर्व मुख्यमंत्रियों ने भी सड़कों पर लड़ाई लड़ी
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि हम उन चार पूर्व मुख्यमंत्रियों अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, माणिक सरकार और पिनाराई विजयन के उस कदम की दिल से सराहना करते हैं, जिसके तहत वे कल सड़कों पर उतरे. हमारी डेमोक्रेसी को बचाने के लिए देश के छात्रों और युवाओं के साथ मिलकर उन्होंने जो लड़ाई लड़ी. इसके लिए हम उनके बहुत आभारी हैं. हमें उम्मीद है कि भविष्य में भी ऐसे सभी संगठन और राजनीतिक दल मिलकर यह लड़ाई लड़ते रहेंगे.
‘बस से बाहर फेंका…’ सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस और वकीलों के बीच हुई बहस! मारपीट पर उठाए सवाल
हिरासत में लिया गया
उन्होंने आगे कहा कि विरोध-प्रदर्शन अभी भी जारी हैं. आज भी CJP के कई साथियों को हिरासत में लिया गया और उनके साथ मारपीट की गई. आज पूरी SFI टीम को हिरासत में ले लिया गया. पिछले कुछ दिनों में AISF के कई सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया और उनके साथ मारपीट की गई.
आज भी विरोध-प्रदर्शन हो रहा
दूसरी ओर, CJP की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन चल रहा है. आज भी विरोध-प्रदर्शन हो रहा है. यह उसी तरह का टेम्प्लेट (मजिस्ट्रेट की शर्तें) है. जब भी वे प्रिवेंटिव डिटेंशन करते हैं, तो उस पर सभी को साइन करना होता है. इसलिए कोई खास शर्तें नहीं लगाई गई हैं. यह सामान्य प्रक्रिया है. अपनी हिरासत के बारे में लगाए गए आरोपों पर वह कहती हैं कि यह सब रिकॉर्ड पर था, इसलिए यह घटना हुई थी.
विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में 20 FIR दर्ज की
आपको बताते चलें कि अधिकारियों ने रविवार को बताया कि दिल्ली पुलिस ने शनिवार को CJP के विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में 20 FIR दर्ज की हैं. यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था, जिसमें मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाया गया था. उन्होंने बताया कि इन मामलों में कमला मार्केट पुलिस स्टेशन में दर्ज एक FIR भी शामिल है, जिसके तहत दक्षिणपंथी संगठन ‘हिंदू रक्षा दल’ से जुड़े होने का दावा करने वाले चार लोगों को गिरफ्तार किया गया. इन पर विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हमला करने और महिलाओं के साथ बदसलूकी करने का आरोप है.
