LeT-JeM Terrorist List: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को एक सरकारी आदेश जारी कर पाकिस्तान में रहने वाले 23 लोगों को UAPA के तहत “आतंकवादी” घोषित किया गया है. ये सभी जो जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और दूसरे संगठनों से जुड़े हैं. अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट, 1967 केंद्र सरकार को यह अधिकार देता है कि अगर उसे लगता है कि कोई व्यक्ति आतंकवाद में शामिल है, तो वह उसका नाम आतंकवादी घोषित कर सकती है. यह सभी पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से हैं.
जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों की लिस्ट
शनिवार को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर हमलों में शामिल 23 पाकिस्तान-आधारित आतंकवादियों को लिस्ट में जोड़ा गया, जिससे कुल संख्या 80 हो गई. केंद्र ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसादिक उर्फ डॉक्टर, मुफ्ती मुहम्मद असगर खान उर्फ अबू साद, हाफिज अब्दुल शकूर उर्फ कारी जर्रार का नाम जोड़ा है. ये आंतकी 2016 में नगरोटा में भारतीय सेना के कैंप पर हुए हमले और 2022 में जम्मू के सुंजवान में सुरक्षा बलों पर हुए हमले से जुड़े हैं. इसके अलावा अब्दुल्ला जिहादी, गुलाम फरीद, मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की और वसीम नूर जट का नाम भी लिस्ट में शामिल है.
लश्कर-ए-तैयबा के आंतकी
इस लिस्ट में लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी फिरदौस अहमद भट, हारून रशीद गनई, बिलाल अहमद मीर, आबिद कयूम लोन, नजीर अहमद गुज्जर, अब्दुल रऊफ उर्फ हाफिज अब्दुल रऊफ, अशफाक अहमद, हाफिज खालिद वलीद, मौलाना सैफुल्लाह खालिद, मोहम्मद याकूब, मौलाना यूसुफ तैयबी, ओवैस फारूज, कारी याकूब शेख और राणा इफ्तिखार का नाम जोड़ा गया है. इसके अलावा लिस्ट में मोहम्मद शहीद फैसल का नाम है, जो अल कायदा और ISIS से भी जुड़ा है. अधिसूचना के अनुसार, उसका स्थायी पता बेंगलुरू (कर्नाटक) है, जबकि वह वर्तमान में पाकिस्तान के रावलपिंडी में रह रहा है. वह सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को भर्ती करने, उन्हें ट्रेनिंग देने और आतंकी गतिविधियों के लिए फंड जुटाता था.
फाइनेंस को ब्लॉक कर सकेगी सरकार
लिस्ट में आतंकवादियों के नाम शामिल करने से नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) उनके फाइनेंस को ब्लॉक कर सकेगी, हथियारों की बिक्री पर रोक लगा सकेगी और उनके एसेट्स जब्त कर सकेगी. 2019 में अलग-अलग आतंकवादियों को लिस्ट में शामिल करने के लिए एंटी-टेरर कानून में बदलाव किया गया था. बदलाव से पहले, सिर्फ ग्रुप्स को ही आतंकवादी संगठनों के तौर पर लिस्ट किया जा सकता था. लेकिन इस बदलाव के बाद केंद्र सरकार को व्यक्तिगत तौर पर लोगों की सीधे आतंकवादी के रूप नामित करने का अधिकार मिल गया.
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News Source: PTI
