Semiconductor Mission: भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को एक और बड़ी उपलब्धि मिलने जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को गुजरात के साणंद स्थित CG सेमी के OSAT प्लांट में सेमीकंडक्टर चिप्स के व्यावसायिक उत्पादन का शुभारंभ करेंगे. इसके साथ ही इस प्लांट में तैयार होने वाली चिप्स देश के साथ-साथ विदेशों के ग्राहकों तक भी पहुंचाई जाएंगी. यह परियोजना भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के तहत फरवरी 2024 में केंद्र सरकार से स्वीकृत हुई थी.
करीब 7,600 करोड़ रुपये का निवेश
CG पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड की सहायक कंपनी CG सेमी प्राइवेट लिमिटेड ने साणंद में करीब 7,600 करोड़ रुपये के निवेश से अत्याधुनिक OSAT सुविधा विकसित की है. इस परियोजना में जापान की Renesas Electronics और थाईलैंड की Stars Microelectronics भी साझेदार हैं. प्रधानमंत्री के शुभारंभ के बाद इस प्लांट में तैयार होने वाली चिप्स का कमर्शियल डिस्पैच शुरू होगा. OSAT प्लांट में सेमीकंडक्टर चिप्स की असेंबली, टेस्टिंग और पैकेजिंग का काम किया जाता है, जिसके बाद इन्हें बाजार में भेजा जाता है. यह भारत की सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. CG सेमी का दूसरा प्लांट भी निर्माणाधीन है. दोनों प्लांट पूरी क्षमता से शुरू होने के बाद प्रतिदिन लगभग 1.5 करोड़ चिप्स का उत्पादन करेंगे.
300 से अधिक कर्मचारी कार्यरत
वर्तमान में इस प्लांट में 300 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं. कंपनी का अनुमान है कि अगले पांच वर्षों में इस परियोजना के माध्यम से 5,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे. इससे गुजरात में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और स्किल डेवलपमेंट को भी नई गति मिलेगी. एक समय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए प्रसिद्ध साणंद अब तेजी से भारत के प्रमुख सेमीकंडक्टर हब के रूप में उभर रहा है. Micron Technology के ATMP प्लांट और केन्स सेमिकॉन की OSAT सुविधा के बाद अब CG सेमी का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने जा रहा है. इससे साणंद भारत का पहला प्रमुख चिप पैकेजिंग क्लस्टर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
किन क्षेत्रों में होगी चिप्स की आपूर्ति
इस OSAT प्लांट में QFN और QFP जैसी लेगेसी चिप्स के साथ-साथ आधुनिक FC-BGA और FC-CSP पैकेजिंग तकनीक वाली चिप्स तैयार की जाएंगी. इनका उपयोग ऑटोमोबाइल, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक उपकरण, 5G नेटवर्क उपकरण और पावर एप्लिकेशन जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम के दौरान प्लांट का दौरा कर विभिन्न सेमीकंडक्टर निर्माण प्रक्रियाओं का निरीक्षण भी करेंगे.
गुजरात में 6 बड़े सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट
भारत के सेमीकंडक्टर मिशन में गुजरात अग्रणी भूमिका निभा रहा है. राज्य सरकार ने सबसे पहले समर्पित सेमीकंडक्टर नीति लागू की थी. वर्तमान में गुजरात में छह बड़े सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल चुकी है, जिनमें टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रोन टेक्नोलॉजी, CG सेमी, केन्स सेमिकॉन, सुची सेमिकॉन और क्रिस्टल मैट्रिक्स शामिल हैं. इन परियोजनाओं के जरिए राज्य में लगभग 14.7 बिलियन डॉलर का निवेश हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत का लक्ष्य केवल फैक्ट्री स्थापित करना नहीं, बल्कि डिजाइन, निर्माण, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन सहित संपूर्ण सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करना है. उनका कहना है कि भारत का सेमीकंडक्टर मिशन आने वाले वर्षों में देश को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र की अग्रिम पंक्ति में स्थापित करेगा.
दिल्ली में पीएम मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की मुलाकात, इन मुद्दों पर हुई चर्चा
