Home Latest News & Updates पानी बेचने से नहीं भरा पेट तो बेच दिया ईमान! जानें कौन है राम मंदिर का मास्टरमाइंड चंदा चोर अविनाश मिश्रा

पानी बेचने से नहीं भरा पेट तो बेच दिया ईमान! जानें कौन है राम मंदिर का मास्टरमाइंड चंदा चोर अविनाश मिश्रा

by Neha Singh 4 July 2026, 10:28 AM IST
4 July 2026, 10:28 AM IST
Avinash Mishra

Accused Avinash Mishra: राम मंदिर चंदा चोरी मामले में तेजी से जांच चल रही है और एक के बाद एक नए खुलासे हो रहे हैं. आठों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और अब सारे हेरफेर से पर्दा उठ रहा है. अब तक पुलिस ने आरोपियों के घर पर रेड में करीब 79 लाख रुपए बरामद किए हैं. अयोध्या पुलिस ने मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को कस्टडी में लेने के बाद उससे पूछताछ की. उसने बताया कि वे लोग चंदा चोरी कैसे करते थे और सभी में बंटवारा कैसे होता था.

यहां होता था पैसों का बंटवारा

अविनाश ने बताया कि चोरी किए गए पैसे 14 कोसी परिक्रमा रूट के पास बांटे जाते थे. उसी जगह पर सारे आरपी आते थे. मास्टरमाइंड अविनाश शुक्ला ने पुलिस को वह जगह दिखाई जहां पैसे बांटे गए थे. उसने पुलिस को बताया कि वहां कुछ कीमती सामान छिपा हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और वो सामान बरामद किया. पुलिस सूत्रों ने बताया कि शुक्ला पर तेज कानूनी कार्रवाई हो रही है.

79 लाख रुपए बरामद

राम मंदिर चढ़ावा चोरी में अविनाश शुक्ला को मास्टरमाइंड माना जा रहा है. क्योंकि चढ़ावा चोरी में सबसे ज्यादा पैसे उसी के पास से बरामद हुए हैं. लगभग इतने ही पैसे रामशंकर यादव उर्फ टीन्नू के पास से बरामद हुए हैं. सूत्रों के मुताबिक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपियों में अविनाश शुक्ला के पास से 20 लाख रुपये, अनुकल्प मिश्रा के पास से 16 लाख रुपये, करुणेश पांडे के पास से 18 लाख रुपये, लवकुश मिश्रा के पास से 14 लाख 32 हजार रुपये, मनीष यादव के पास से 2 लाख रुपये बरामद हुए हैं. रामशंकर मिश्रा के पास से करीब 7 लाख रुपये और रामशंकर यादव के पास से करीब 20 लाख रुपये बरामद हुए हैं. पुलिस ने जांच के दौरान करीब 11 ग्राम सोना, करीब 375 ग्राम चांदी और USD 1,121 भी बरामद किए हैं.

पानी बेचता था शुक्ला

सूत्रों ने बताया कि जांच करने वालों ने अयोध्या के एक योग सेंटर से “रामराज्य कोष” नाम का एक डोनेशन बॉक्स भी जब्त किया, जिस पर Paytm QR कोड था. योग सेंटर की एक टीचर ने बताया कि अविनाश का भाई अभिषेक दस साल से इस योग सेंटर से जुड़ा है. वह करीब डेढ़ साल पहले अविनाश को यहां लाया था. यहां वो हनुमान गुफा के पास पानी बेचने का काम करता था. अभिषेक राम मंदिर से जुड़े लोगों के भी कॉन्टैक्ट में रहा है. इसी कॉन्टैक्ट से अविनाश को राम मंदिर में चंदा गिनने की नौकरी मिल गई. उन्होंने बताया कि 5 जून को पुलिस एक्शन के बाद अभिषेक को नौकरी से हटा दिया गया था.

SIT की रडार पर राम मंदिर ट्रस्ट का 5 साल का कार्यकालः अब सोने-चांदी और गहनों के रिकॉर्ड तक पहुंची जांच

News Source: PTI

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?