Home Top News गुजरात में एक्शन: जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 8 संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, चला रहे थे कट्टरपंथी नेटवर्क

गुजरात में एक्शन: जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 8 संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, चला रहे थे कट्टरपंथी नेटवर्क

by Sachin Kumar 3 July 2026, 6:13 PM IST
3 July 2026, 6:13 PM IST
8 suspected terrorists linked Jaish-e-Mohammed arrested

Gujarat News : गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ता यानी ATS ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद JeM से जुड़े एक बड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए आठ संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है. एटीएस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन माध्यमों के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित कर रहे थे और उन्हें जैश-ए-मोहम्मद से जोड़ने की कोशिश में लगे थे. जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पाकिस्तान में बैठे संगठन के हैंडलर्स के संपर्क में थे और गुजरात में संगठन का नेटवर्क खड़ा करने की साजिश रच रहे थे.

गुजरात एटीएस को काफी समय से इन संदिग्ध आतंकी ओकी गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी. इसके बाद तकनीकी निगरानी, साइबर इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के जरिए पूरे मॉड्यूल पर नजर रखी गई. पर्याप्त सबूत मिलने के बाद एटीएस ने बनासकांठा, मेहसाणा, पाटण, नवसारी और मध्य प्रदेश के देवास जिले में एक साथ छापेमारी कर कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया.

विचारधारा से कर रहे थे प्रभावित

जांच में सामने आया कि संदिग्ध आतंकियों ने ‘गुजरात जैश-ए-मोहम्मद’ के नाम से एक नेटवर्क तैयार किया था. यह नेटवर्क नए युवाओं को संगठन से जोड़ने, कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने और भविष्य में आतंकी गतिविधियों के लिए उन्हें तैयार करने का काम कर रहा था. आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्स के जरिए लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें संगठन की विचारधारा से प्रभावित करने का प्रयास करते थे. एटीएस की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि संदिग्ध आतंकी पाकिस्तान में बैठे जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर्स के संपर्क में थे. वे संगठन प्रमुख मसूद अजहर के भाषण, साहित्य और कट्टरपंथी सामग्री का गुजराती भाषा में अनुवाद कर लोगों तक पहुंचा रहे थे ताकि स्थानीय स्तर पर ज्यादा से ज्यादा युवाओं को प्रभावित किया जा सके.

कर रहा था नेटवर्क मजबूत

एजेंसी को यह भी जानकारी मिली है कि यह मॉड्यूल लंबे समय से सक्रिय था और धीरे-धीरे अपना नेटवर्क मजबूत कर रहा था. पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों को आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए लगभग तीन लाख रुपये की फंडिंग मिली थी. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह पैसा कहां से आया, किन माध्यमों से भेजा गया और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाना था. एटीएस विदेशी कनेक्शन और फंडिंग नेटवर्क की भी गहन जांच कर रही है.

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छापेमारी के दौरान एटीएस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है.जांच के दौरान Nord Locker एप में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 250 से अधिक दस्तावेज, फोटो, वीडियो और ऑडियो फाइलें मिली हैं. इसके अलावा पाकिस्तान में प्रकाशित साहित्य, मसूद अजहर की किताबें, संगठन से जुड़ने के लिए तैयार किए गए ड्राफ्ट पत्र और गुजराती भाषा में अनुवादित कट्टरपंथी सामग्री भी बरामद की गई है. गुजरात एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि यह कार्रवाई राज्य में आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता है. उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपी जैश-ए-मोहम्मद की विचारधारा का प्रचार-प्रसार कर रहे थे और युवाओं को संगठन से जोड़ने की कोशिश कर रहे थे.

आरोपियों के कब्जे से मिले डिजिटल सबूतों और दस्तावेजों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है. एटीएस ने सभी संदिग्ध आतंकी के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं और भारतीय न्याय संहिता BNS की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं.

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