Home Top News नीट पेपर लीक प्रोटेस्ट में पैलेट गन का इस्तेमाल! सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिए ये आदेश

नीट पेपर लीक प्रोटेस्ट में पैलेट गन का इस्तेमाल! सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिए ये आदेश

by Amit Dubey 30 July 2026, 12:41 PM IST
30 July 2026, 12:41 PM IST
Pellet Gun Case in Supreme Court

Pellet Gun Case in Supreme Court: बीते 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के संसद चलो मार्च के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया था. इस दौरान नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पैलेट गन चलाने का भी मामला सामने आया था. विपक्ष और छात्रों ने दावा किया था कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया. अब पैलेट गन को बंद करने की मांग की जा रही है.

इसको लेकर सोमवार को एक पूर्व IPS ऑफिसर और दो पीड़ितों ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी. वहीं, आज गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नीट परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर तैनात आरएएफ के गोला-बारूद लॉग को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया. इसके साथ ही कोर्ट ने सरकार से कई सवाल भी पूछे और आदेश दिए.

पैलेट गन से घायल लोगों का अच्छा इलाज दें- कोर्ट

मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह NEET पेपर लीक के खिलाफ स्टूडेंट्स के प्रोटेस्ट के दौरान जंतर-मंतर पर तैनात RAF के एम्युनिशन लॉग को संभालकर रखे. कोर्ट ने पूर्व सेंट्रल इन्फॉर्मेशन कमिश्नर और रिटायर्ड IPS ऑफिसर यशोवर्धन आजाद और दो पीड़ितों की तरफ से दायर एक अर्जी में की गई एक रिक्वेस्ट पर सवाल उठाया, जिसमें लॉ एंड ऑर्डर की सिचुएशन से निपटने के लिए मेटैलिक पैलेट गन के इस्तेमाल पर पूरी तरह बैन लगाने की मांग की गई थी.

इसने ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (BPRD) की एडवाइजरी का जिक्र किया और कहा कि पुलिस को खास हालात में पैलेट गन इस्तेमाल करने का अधिकार है. चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और वी मोहना की बेंच ने सीनियर एडवोकेट वृंदा ग्रोवर की बातों पर ध्यान दिया और दिल्ली सरकार से कहा कि वह यहां NEET पेपर लीक प्रोटेस्ट के दौरान पैलेट गन से घायल हुए लोगों को सबसे अच्छा इलाज दे.

पैलेट गन के इस्तेमाल की जांच के लिए तैयार- सुप्रीम कोर्ट

वहीं, सुप्रीम कोर्ट की इस बेंच ने कहा कि वह कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा 20 जुलाई को बुलाए गए प्रोटेस्ट में पैलेट गन के इस्तेमाल की जांच करने के लिए तैयार है. ग्रोवर की बातों पर ध्यान देते हुए, बेंच ने केंद्र सरकार से, जिसकी तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए, कहा कि वह विरोध के दौरान जंतर-मंतर पर तैनात RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) के एम्युनिशन लॉग को संभाल कर रखे.

आजाद ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी है कि पंप-एक्शन या प्रोजेक्टाइल एक्शन गन से फायर किए जाने वाले मेटैलिक पैलेट एम्युनिशन के इस्तेमाल पर पूरे देश में बैन लगाया जाए. उनका कहना है कि ऐसे हथियार ताकत के इस्तेमाल को कंट्रोल करने वाले संवैधानिक स्टैंडर्ड के हिसाब से सही नहीं हैं.

संविधान के आर्टिकल 32 के तहत फाइल की गई यह PIL, आजाद और दो लोगों ने मिलकर दायर की है, जिनका दावा है कि 20 जुलाई को सेंट्रल दिल्ली में “संसद चलो” विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें पैलेट से चोटें आई थीं. याचिका में घटना में कथित तौर पर घायल हुए सभी लोगों के लिए अच्छा मुआवजा, पूरा मेडिकल इलाज और रिहैबिलिटेशन की भी मांग की गई है.

CJP आंदोलन के बाद पैलेट गन को बंद करने की मांग, पूर्व IPS अधिकारी और दो पीड़ित पहुंचे SC

News Source: PTI

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