Semiconductor Facility Sanand: आज शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साणंद में सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन किया. इस खास मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि स्वदेशी चिप्स के साथ युवा एआई को शक्ति प्रदान करेंगे.
उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, “भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा के लिए एक अहम दिन. साणंद में CG SEMI OSAT फैसिलिटी चिप मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करेगी, टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी और ग्लोबल सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में भारत की स्थिति को बेहतर बनाएगी.”
अगली पीढ़ी की तकनीकी क्रांति को शक्ति- पीएम मोदी
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत उत्पादों और घटकों से लेकर सेमीकंडक्टर तक संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य श्रृंखला का निर्माण कर रहा है, जो देश का ‘विकसित भारत’ का रोडमैप है.
उन्होंने साणंद में सीजी सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (ओएसएटी) सुविधा का उद्घाटन करते हुए यह भी कहा कि भारत के युवा मेड इन इंडिया चिप्स के साथ एआई, रोबोटिक्स और अगली पीढ़ी की तकनीकी क्रांति को शक्ति प्रदान करेंगे.
पीएम मोदी ने कहा, “भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग का विस्तार रातोंरात नहीं हुआ है. यह पिछले एक दशक में भारत में हुई इलेक्ट्रॉनिक्स क्रांति का अगला कदम है.” यह बात उन्होंने कंपनी में निर्मित पहले सेमीकंडक्टर चिप्स को सौंपते हुए कही, जिन्हें जापान को निर्यात किया जाना है.

यह विकसित भारत का रोडमैप- प्रधानमंत्री
पीएम मोदी ने कहा, “पहले उत्पाद, फिर पुर्जे और अब सेमीकंडक्टर… भारत पूरी इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन का निर्माण कर रहा है. यह विकसित भारत का रोडमैप है. यह मेक इन इंडिया का अगला चरण है.”
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य भारत में चिप डिजाइन से लेकर निर्माण और पैकेजिंग तक एक संपूर्ण सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का निर्माण करना है. प्रधानमंत्री ने कहा, “सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम तेजी से गति पकड़ रहा है… कदम दर कदम. ईंट दर ईंट. चिप दर चिप.”
लगभग 7,600 करोड़ रुपये का निवेश
CG पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड की सहायक कंपनी CG सेमी प्राइवेट लिमिटेड ने साणंद में करीब 7,600 करोड़ रुपये के निवेश से अत्याधुनिक OSAT सुविधा विकसित की है. इस परियोजना में जापान की Renesas Electronics और थाईलैंड की Stars Microelectronics भी साझेदार हैं. प्रधानमंत्री के शुभारंभ के बाद इस प्लांट में तैयार होने वाली चिप्स का कमर्शियल डिस्पैच शुरू हो रहा है.
OSAT प्लांट में सेमीकंडक्टर चिप्स की असेंबली, टेस्टिंग और पैकेजिंग का काम किया जाता है, जिसके बाद इन्हें बाजार में भेजा जाता है. यह भारत की सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. CG सेमी का दूसरा प्लांट भी निर्माणाधीन है. दोनों प्लांट पूरी क्षमता से शुरू होने के बाद प्रतिदिन लगभग 1.5 करोड़ चिप्स का उत्पादन करेंगे.
4 जुलाई को देश को मिलेगी पहली कमर्शियल सेमीकंडक्टर चिप, ग्लोबल मैप पर चमकेगा साणंद
News Source: PTI
