Jitu Patwari: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी कानूनी पचड़े में फंसते नजर आ रहे हैं. उज्जैन के वीर भारत न्यास को लेकर लगाए गए 500 करोड़ के घोटाले के आरोप पर अब तगड़ा पलटवार हुआ है. मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार और न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी ने जीतू पटवारी को 5 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस थमा दिया है. वकीलों ने साफ कर दिया है कि अगर 3 दिन में माफी नहीं मांगी तो सीधे कोर्ट में घसीटा जाएगा.
अदालत की दहलीज तक पहुंचा सियासी घमासान
बता दें मध्य प्रदेश में वीर भारत न्यास की जमीन को लेकर शुरू हुआ सियासी घमासान अब अदालत की दहलीज तक पहुंच गया है. मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार और वीर भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी ने कांग्रेस पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 5 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है. भोपाल जिला बार एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश मेहता और उनकी सहयोगी गुंजन चौकसे ने एक प्रेस वार्ता कर इस कानूनी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी दी है.
सार्वजनिक रूप से मांगें माफी
एडवोकेट हरीश मेहता ने बताया कि हमारे पक्षकार श्रीराम तिवारी जी जो वीर भारत न्यास के सचिव और सांस्कृतिक सलाहकार हैं, उनके विरुद्ध जीतू पटवारी ने 26 जून को दिल्ली में झूठे आरोप लगाए थे. बिना किसी तथ्य के 500 करोड़ के घोटाले और एक रुपये में जमीन सौंपने का मनगढ़ंत आरोप लगाया गया. हमने उन्हें मानहानि का नोटिस देकर 3 दिन का समय दिया है. वे सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और खेद व्यक्त करें, वरना आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. दरअसल यह पूरा विवाद 26 जून को तब शुरू हुआ जब जीतू पटवारी ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी.
पटवारी ने न्यास पर लगाया था घोटाले का आरोप
पटवारी ने राज्य सरकार और न्यास पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया था कि उज्जैन में वीर भारत न्यास को करीब 500 करोड़ रुपये की बेशकीमती सरकारी जमीन और भवन मात्र 1 रुपये की टोकन लीज पर सौंप दिए गए, जो कि एक बहुत बड़ा घोटाला है. इधर एडवोकेट ने स्पष्ट किया कि नोटिस में जीतू पटवारी को जवाब देने के लिए महज 3 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है. अगर पटवारी इन आरोपों पर स्पष्टीकरण नहीं देते और सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं तो उनके खिलाफ दीवानी और आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा. अब देखना होगा कि आक्रामक तेवरों के लिए जाने जाने वाले जीतू पटवारी इस 5 करोड़ के नोटिस का क्या जवाब देते हैं.
