Quad Summit 2026: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत की मेजबानी में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक होने जा रही है. अमेरिका-ईरान तनाव के दौरान हो रही इस बैठक पर दुनिया के कई देशों की निगाहें टिकी हुई हैं.
मिली जानकारी के अनुसार, नई दिल्ली में होने वाली इस बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी शामिल होंगे, जिसकी अध्यक्षता विदेश मंत्री एस जयशंकर करेंगे.
इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
राजधानी नई दिल्ली में मंगलवार 26 मई को क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों का सम्मेलन होने जा रहा है. जानकारों के अनुसार, उम्मीद है कि इस बैठक में पश्चिम एशिया में जारी संकट के आर्थिक परिणाम, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मौजूदा सुरक्षा स्थिति और महत्वपूर्ण खनिजों और प्रौद्योगिकी में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर खास चर्चा हो सकती है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, विदेश मंत्रालय (MEA) ने संकेत दिया कि स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के लिए क्वाड का दृष्टिकोण विचार-विमर्श का मुख्य केंद्र बिंदु होगा.
पिछले सप्ताह जारी बयान में कहा गया था कि मंत्री प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में क्वाड सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे, चल रही पहलों पर हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों और आपसी चिंता के अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे. जानकारी के अनुसार, बैठक की तैयारियों से परिचित लोगों ने बताया कि क्वाड के विदेश मंत्री यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्षों सहित तात्कालिक वैश्विक चुनौतियों पर विचार-विमर्श करेंगे और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा करेंगे, एक ऐसा क्षेत्र जो चीन की बढ़ती आक्रामकता का गवाह रहा है.
आगे बढ़ चुका है क्वाड – मार्को रुबियो
बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में, क्वाड ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की कुछ सबसे अहम जरूरतों और चुनौतियों से निपटने के लिए कई पहलें शुरू की हैं, जिनमें समुद्री सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्र शामिल हैं. 2024 में अमेरिका के विलमिंगटन में आयोजित अंतिम क्वाड शिखर सम्मेलन में, समूह के शीर्ष नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग का विस्तार करने के लिए महत्वपूर्ण कदमों का अनावरण किया.
वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने शनिवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने के बाद क्वाड को एक महत्वपूर्ण तंत्र बताया. उन्होंने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, “क्योंकि क्वाड चार देशों के बीच एक ऐसा मंच है जो न केवल कई प्रमुख मुद्दों पर रणनीतिक रूप से संरेखित हैं, बल्कि चार ऐसे देश हैं जिनके पास पारस्परिक हित के इन विषयों पर वैश्विक घटनाओं को अलग-अलग स्तर पर प्रभावित करने की क्षमता है.” उन्होंने आगे कहा, “मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि क्वाड, वास्तव में अपने मौजूदा स्वरूप में, राष्ट्रपति ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान शुरू हुआ था. और वास्तव में, इसने तभी गति पकड़ी थी. यह आगे बढ़ चुका है.”
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News Source: PTI
