Bombay Stock Exchange Foundation Day: शेयर बाजार किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के प्रमुख स्तंभों में से एक होता है. यह देश के उद्योग, व्यापार के विकास में अहम भूमिका निभाता है. जैसे चीन में शंघाई स्टॉक एक्सचेंज है, दक्षिण कोरिया में कोरिया एक्सचेंज है, जापान में जापान एक्सचेंज ग्रुप है, हांगकांग में हांगकांग एक्सचेंज और क्लियरिंग है, वैसे ही भारत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) है.
वैसे भारत में दो प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज हैं, BSE (Bombay Stock Exchange) और NSE (National Stock Exchange). इन दोनों स्टॉक एक्सचेंज को देश की वित्तीय सिस्टम की रीढ़ कहा जाता है. ये दोनों बाजार नियामक सेबी (SEBI)के नियमों के अधीन काम करते हैं. इन दोनों का प्रमुख काम स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेट कंपनियों को पूंजी/फंड जुटाने और निवेशकों को व्यापार करने के लिए मंच प्रदान करना है.
National Stock Exchange की स्थापना 1992 में हुई थी और इसने अपने ऑपरेशन की शुरुआत यानी कि ट्रेडिंग समेत अन्य कामों को साल 1994 से शुरू किया था. लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज कौन सा है? आज हम देश ही नहीं बल्कि एशिया के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज की बात करने जा रहे हैं क्योंकि इसके लिए आज खास दिन है.
सबसे पहले तो बता दें कि भारत समेत पूरे एशिया के लिए सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) है. इसके बारे में आज इसलिए बात हो रही है क्योंकि आज 9 जुलाई को BSE का स्थापना दिवस है. जी हां, आज से करीब 151 वर्ष पहले BSE की स्थापना हुई थी.
आइए इसकी स्थापना की दिलचस्प कहानी और इतिहास को जानते हैं. इसके साथ ही BSE से संबंधित और भी कई खास जानकारी को जानेंगे. हम जानेंगे कि बीएसई कैसे काम करता है, इसका इंडेक्स सेंसेक्स क्या है, इस स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेट कंपनियों के शेयरों के भाव या कीमत कब ऊपर-नीचे होती हैं. शुरुआत हम इसकी स्थापना के इतिहास से करेंगे.

बरगद के पेड़ के नीचे बीएसई की शुरुआत
आज ही के दिन 9 जुलाई 1875 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) की स्थापना हुई थी. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रेमचंद रायचंद ने BSE की शुरुआत (1850 के दशक में) मुंबई में दलाल स्ट्रीट पर बने एक बरगद के पेड़ के नीचे की थी. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज भारत का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज तो है ही, इसके साथ ही यह पूरे एशिया का सबसे पहला और पुराना स्टॉक एक्सचेंज भी है.
BSE की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, 1875 में स्थापित, BSE एशिया का सबसे पुराना एक्सचेंज है और लिस्टेड कंपनियों की संख्या के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा एक्सचेंज है. BSE ने भारतीय कैपिटल मार्केट को विकसित करने में अहम भूमिका निभाई है और भारत की कई कंपनियों को कैपिटल जुटाने का एक कुशल प्लेटफॉर्म सफलतापूर्वक उपलब्ध कराया है.
Celebrating #151YearsOfBSE.
— BSE India (@BSEIndia) July 7, 2026
BSE is more than what meets the eye. Beyond being an exchange, it is a comprehensive capital market ecosystem.
As we mark 151 years of BSE, we celebrate its platforms, products, and subsidiaries that power India’s capital markets and support the… pic.twitter.com/0LlnHevY4p
कैपिटल मार्केट का एक पूरा इकोसिस्टम- BSE
आज 9 जुलाई को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) अपनी स्थापना का 151वां साल मना रहा है. इस खास मौके पर BSE ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, “151 Years Of BSE का जश्न.” इसमें आगे कहा गया, “BSE सिर्फ ऊपर से दिखने वाली चीजों से कहीं ज्यादा है. एक एक्सचेंज होने के अलावा, यह कैपिटल मार्केट का एक पूरा इकोसिस्टम है. BSE के 151 साल पूरे होने पर, हम इसके उन प्लेटफॉर्म, प्रोडक्ट और सब्सिडियरी का जश्न मना रहे हैं जो भारत के कैपिटल मार्केट को आगे बढ़ाते हैं और ‘विकसित भारत’ के विजन को सपोर्ट करते हैं.”
बीएसई ने अपने एक अन्य एक्स पोस्ट में कहा, “BSE के 151 साल पूरे होने के मौके पर, यह इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम भारत के कैपिटल मार्केट को मजबूत बना रहा है. यह कैपिटल बनाने, मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, फ़ाइनेंशियल इन्क्लूजन को बढ़ावा देने और ‘विकसित भारत’ की ओर भारत के सफर में मदद करने का काम कर रहा है. एक एक्सचेंज. एक पूरा इकोसिस्टम.”

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1986 में शुरू हुआ BSE सेंसेक्स
BSE की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, 1986 में शुरू किया गया BSE सेंसेक्स देश का पहला स्टॉक मार्केट इंडेक्स है, जिसे दुनिया भर के निवेशक ट्रैक करते हैं और इसे भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ का बैरोमीटर भी माना जाता है. BSE इक्विटी, डेट इंस्ट्रूमेंट्स, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, इंटरेस्ट रेट डेरिवेटिव्स, म्यूचुअल फंड्स और स्टॉक लेंडिंग व बॉरोइंग में ट्रेडिंग के लिए एक कुशल और पारदर्शी मार्केट उपलब्ध कराता है.
स्टॉक एक्सचेंज के जरिए निवेशक शेयरों की खरीदारी और बिक्री करते हैं. आपने कई बार यह बात सुनी होगी कि आज सेंसेक्स इतने अंक चढ़ गया या फिर इतने अंक गिर गया. एक उदाहरण के जरिए समझें तो 8 जुलाई 2026 दिन बुधवार को सेंसेक्स में 1600 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई. जानकारों ने बताया कि यह गिरावट अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप के द्वारा ईरान के साथ हुए अंतरिम समझौते को खत्म कर देने के ऐलान के बाद हुई थी.
खैर, हम यहां बात सेंसेक्स की कर रहे हैं. तो सेंसेक्स बीएसई का एक तरीके से थर्मामीटर है. बता दें कि बीएसई में हजारों की संख्या में कंपनियां लिस्टेट हैं. सेंसेक्स इनमें से टॉप 30 सबसे बड़ी और मजबूत कंपनियों की परफार्मेंस/प्रदर्शन को दिखाता है. एक्सपर्ट्स और मार्केट के आंकड़ों के अनुसार, अगर ये 30 कंपनियां अच्छा कर रही हैं, तो सेंसेक्स ऊपर जाता है; अगर ये सुस्त हैं, तो सेंसेक्स नीचे आता है. सेंसेक्स ऊपर जाता है तो कंपनियों सहित इसके शेयरधारकों को भी मुनाफा होता है, जबकि नीचे जाने पर कई कंपनियों को नुकसान होता है और शेयरधारक के पोर्टफोलियो भी हल्का हो जाता है. सेंसेक्स का ऊपर जाना हरे निशान के जरिए दर्शाया जाता है, वहीं जब यह नीचे जाता है तो इसे लाल निशान के जरिए दर्शाया जाता है.

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कैसे काम करता है बीएसई?
बीएसई देश का एक स्टॉक एक्सचेंज है. इसका इंडेक्स सेंसेक्स है, जो हजारों लिस्टेट कंपनियों का एक समूह होता है. जब किसी भी कंपनी को फंड की जरूरत होती है तो वह आईपीओ के जरिए सेबी के नियमों के पालन के साथ उसकी अनुमति मिलने पर बीएसई पर लिस्ट होती है. लिस्ट होते ही कंपनी पब्लिक में आ जाती है और लोग इसके शेयरों की खरीदारी और बिक्री करने लगते हैं. इस खरीद और बिक्री को ट्रेडिंग करते हैं. बीएसई पर ट्रेडिंग सेबी द्वारा रजिस्ट्रड डीमैट अकाउंट जैसे जिरोधा, एंजल वन, ग्रो आदि के द्वारा होती है.
अब यहां सवाल यह है कि कंपनी के शेयर या इनकी कीमत ऊपर-नीचे क्यों होती हैं? इसका सीधा और एकदम स्पष्ट जवाब है कि जब कंपनी के प्रोडक्ट्स, शेयरों आदि की डिमांड बढ़ती है, कंपनी को जब मुनाफा होता है तो इसके शेयर की कीमत ऊपर जाती है. यह बुल मार्केट बन जाता है. वहीं, अगर कंपनी घाटे में है, तो लोग इसके शेयर बेचने लगते हैं. इससे शेयर की कीमत नीचे गिर जाती है. इस कारण मार्केट बीयर (भालू) का शिकार बन जाती है.

BSE से जुड़ी अन्य खास जानकारी
- BSE की आधिकारिक वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार, BSE SME भारत का पहला SME प्लेटफॉर्म है, जिसे 2012 में लॉन्च किया गया था. यह छोटे और मध्यम उद्योगों को कैपिटल जुटाने, पहचान बनाने और रेगुलेटेड एक्सचेंज पर शेयर लिस्ट करने में मदद करता है, जिससे विकास और निवेशकों का भरोसा बढ़ता है.
- BSE StAR MF भारत का सबसे बड़ा ऑनलाइन एक्सचेंज-बेस्ड म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म है. यह पूरे भारत में निवेशकों, डिस्ट्रीब्यूटर्स और AMC के लिए आसान ट्रांजैक्शन, पेपरलेस प्रोसेस और बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा देता है.
- BSE Bond, डेट सिक्योरिटीज के प्राइवेट प्लेसमेंट के लिए एक पारदर्शी और कुशल इलेक्ट्रॉनिक बुक मैकेनिज्म प्रोसेस है.
- BSE Index Services Private Limited, BSE Ltd. की पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरी कंपनी है. इसका मकसद ग्लोबल और घरेलू निवेशकों को कई तरह के इंडेक्स उपलब्ध कराना है और यह अलग-अलग तरह के इंडेक्स की गणना, पब्लिकेशन और रखरखाव करती है.
- BSE Clearing Limited (जिसे पहले Indian Clearing Corporation Limited के नाम से जाना जाता था), BSE की पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरी कंपनी है. यह BSE ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर होने वाले सभी ट्रेड के लिए सेंट्रल काउंटरपार्टी के तौर पर काम करती है और पूरी नोवेशन सुविधा देती है, जिससे सभी सही ट्रेड का सेटलमेंट पक्का होता है.
- India INX भारत का पहला इंटरनेशनल एक्सचेंज है, जो अहमदाबाद में GIFT CITY IFSC में स्थित है. BSE Social Stock Exchange, असरदार प्रोजेक्ट्स के लिए पारदर्शी प्लेटफॉर्म देकर सोशल एंटरप्राइज और NGO के लिए फंड जुटाने में मदद करता है, जिससे निवेशक सामाजिक कार्यों में सहयोग कर पाते हैं.

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सेबी क्या है?
हमने इस खबर में कई बार सेबी का जिक्र किया है. आइए थोड़ा इसके बारे में भी जान लेते हैं. सेबी को मार्केट रेगुलेटर कहा जाता है. एक तरह से यह स्टॉक एक्सचेंज पर हो रही ट्रेडिंग, लिस्टिंग समेत अन्य सभी जरूरी कार्यों की निगरानी करता है.
इसकी आधिकारिक वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) की स्थापना भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 के प्रावधानों के अनुसार 12 अप्रैल, 1992 को हुई थी. इसका मुख्य उद्देश्य प्रतिभूतियों (सिक्यूरिटीज) में निवेश करने वाले निवेशकों के हितों का संरक्षण करना, प्रतिभूति बाजार (सिक्यूरिटीज मार्केट) के विकास का उन्नयन करना और उसे विनियमित करना और उससे संबंधित या उसके विषयों का प्रावधान करना है.

स्थापना दिवस पर कैसी रही BSE Sensex की चाल?
अब आखिरी में बीएसई की स्थापना दिवस के दिन मार्केट की चाल की बात कर लेते हैं. बुधवार 8 जुलाई को 1600 अंकों से अधिक गिरने के बाद आज स्थापना दिवस के दिन बीसएई के सेंसेक्स की चाल हरे निशान में दिखी. आज सुबह कारोबार की शुरुआत हरे निशान में 76,576.14 के लेवल पर हुई. इसमें कुछ ही देर में 500 अंकों से अधिक की तेजी दिखी. वहीं, आज 9 जुलाई को मार्केट बंद के दौरान बीएसई सेंसेक्स 238.22 अंकों की तेजी के साथ ट्रेड करता हुआ दिखा. यह 0.31 फीसदी उछाल के साथ हरे निशान में 76,741.82 के स्तर पर बंद हुआ.
सेंसेक्स के 30 शीर्ष शेयरों में से मार्केट बंद के दौरान 18 शेयरों में तेजी और 12 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई. सन फार्मा शेयर में 2.70 फीसदी की सबसे अधिक तेजी दिखी. यह हरे निशान में 1938.85 के लेवल पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ. इसके अलावा भारती एयरटेल में 2.24 फीसदी की तेजी, इंडिगो में 2.09 फीसदी की तेजी, इटरनल में 1.99 प्रतिशत की तेजी, कोटक बैंक में 1.75 प्रतिशत की तेजी और एचडीएफसी बैंक के शेयर में 0.89 फीसदी की तेजी दर्ज की गई.
वहीं, गिरावट वाले शेयरों में इंफोसिस में 1.80 फीसदी की बड़ी सुस्ती दिखी और यह लाल निशान में 1050.05 के स्तर पर कारोबार करते हुए दिखा. मारुति में 1.65 प्रतिशत की गिरावट, एनटीपीसी में 1.51 फीसदी की सुस्ती, एक्सिस बैंक में 0.95 प्रतिशत की गिरावट, बजाज फाइनेंस में 0.69 फीसदी की गिरावट और टाइटन में 0.69 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है.
