Home Top News सोनम वांगचुक को हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत, सफदरजंग अस्पताल के इलाज में हस्तक्षेप से इनकार

सोनम वांगचुक को हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत, सफदरजंग अस्पताल के इलाज में हस्तक्षेप से इनकार

by Sachin Kumar 19 July 2026, 6:57 PM IST
19 July 2026, 6:57 PM IST
Delhi HC refuses Sonam Wangchuk treatment Safdarjung Hospital

Sonam Wangchuk : पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता में रेफर करने की मांग को दिल्ली हाई कोर्ट ने नामंजूर कर दी है. कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि वांगचुक का इलाज फिलहाल सफदरजंग अस्पताल में जारी रहेगा. इसके अलावा कोर्ट ने वांगचुक से उनके परिजनों को मिलने की इजाजत दी है. साथ ही परिजनों को अस्पताल में अलग से रेस्ट रूम देने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने यह भी कह दिया है कि सरकार का अनशन कर रहे हैं एक्टिविस्ट को जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती करवाने वाले फैसले को मनमाना नहीं कहा जा सकता है.

प्राइवेट हॉस्पिटल में रेफर करने की थी अपील

जस्टिस मिनी पुष्करणा ने कहा कि ऐसी स्थिति में वांगचुक को तुरंत ट्रांसफर करने के लिए किसी अंतरिम ऑर्डर की जरूरत नहीं है. दूसरी तरफ वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने अपनी पिटीशन में पर्यावरण कार्यकर्ता को प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की परमिशन मांगी थी. वहीं, हाई कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और दिल्ली सरकार के साथ दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है. अब मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी.

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सरकार को अस्पताल ले जाने का अधिकार

रविवार को हुई स्पेशल सुनवाई के दौरान जस्टिस पुष्करणा ने कहा कि सफरदजंग अस्पताल के डॉक्टर वांगचुक की हेल्थ पर करीब से नजर बनाए हुए हैं. अभी यह नहीं कहा जा सकता है कि उनके शरीर की इंटेग्रिटी के उल्लंघन में उनके खिलाफ कोई फोर्स इस्तेमाल किया जा रहा था. जस्टिस ने आगे कहा कि वांगचुक खुद किसी अस्पताल में भर्ती नहीं हुए थे. इसलिए सरकार को उनकी मेडिकल हालत को देखते हुए उन्हें सफदजंग ले जाने का पूरा अधिकार था.

बारीकी से नजर बनाए हैं डॉक्टर

जस्टिस ने कहा कि सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर सोनम वांगचुक की सेहत पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं. वांगचुक की सहमति से ही उन्हें ओरल फ्लूइड, पोटैशियम क्लोराइड और बिना चीनी वाला ORS दिया है. अब यह नहीं कहा जा सकता है कि उन पर कोई जबरदस्ती की जा रही है. उनके शरीर पर उनके अधिकार का किसी भी तरह उल्लंघन किया जा रहा है. अदालत ने आगे कहा कि इस समय किसी अंतरिम आदेश की जरूरत नहीं है. जज ने यह भी कहा कि परिवार के सदस्यों को अभूतपूर्व तरीके से उनसे मिलने की इजाजत दी गई है और उन्हें अस्पताल में एक कमरा भी दिया गया है.

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News Source: PTI

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