Home Top News युद्ध का बदला स्वरूपः अब सिर्फ बड़ी ताकतों का दबदबा नहीं, छोटी सेनाएं भी पहुंचा सकती हैं नुकसान

युद्ध का बदला स्वरूपः अब सिर्फ बड़ी ताकतों का दबदबा नहीं, छोटी सेनाएं भी पहुंचा सकती हैं नुकसान

by Sanjay Kumar Srivastava 13 June 2026, 1:27 PM IST (Updated 13 June 2026, 1:28 PM IST)
13 June 2026, 1:27 PM IST (Updated 13 June 2026, 1:28 PM IST)
अब सिर्फ बड़ी ताकतों का दबदबा नहीं, छोटी सेनाएं भी पहुंचा सकती हैं भारी नुकसान

Rajnath Singh: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि सेना में नए भर्ती होने वाले युवाओं को आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि अब युद्ध के मैदान में बड़ी ताकतों का ही दबदबा नहीं रह गया है, क्योंकि छोटी सेनाएं भी खास रणनीतियों का इस्तेमाल करके भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं. हैदराबाद के पास डुंडीगल में एयर फोर्स एकेडमी में कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड (CGP) को संबोधित करते हुए सिंह ने यह भी कहा कि नई तकनीकों ने युद्ध की परिभाषा ही बदल दी है.

मानसिक रूप से तैयार रहें नए सैनिक

उन्होंने कहा कि पहले ऐसा लगता था कि युद्ध के मैदान में बड़ी ताकतों को निर्णायक बढ़त हासिल है. लेकिन अब तुलनात्मक रूप से छोटी ताकतें भी अपने छोटे लेकिन खतरनाक हथियारों और नई रणनीतियों से भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं. आप सभी को यह सब बताने का मेरा मकसद यह है कि आपको किसी भी तरह के युद्ध के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए.

उन्होंने कहा कि पहले के समय में सैनिक और हथियार साफ तौर पर दिखाई देते थे, लेकिन इसके उलट आज की लड़ाई में रडार, सैटेलाइट, ड्रोन, सेंसर और रोबोटिक्स जैसे कई सिस्टम इस्तेमाल किए जा रहे हैं. अब ऐसे हालात भी देखने को मिल रहे हैं जिनमें दुश्मन के ट्रैफ़िक सिस्टम और CCTV को कंट्रोल किया जा रहा है.

उनके मुताबिक, लड़ाई का तरीका काफ़ी बदल गया है. नए अफ़सरों को आज की लड़ाई और रणनीतियों को समझना चाहिए और उन्हें अपनाना चाहिए. साथ ही ज़रूरत पड़ने पर उनमें बदलाव भी करना चाहिए. उन्होंने कड़ी मेहनत के साथ-साथ स्मार्ट तरीके से काम करने की अहमियत पर ज़ोर देते हुए कहा कि स्मार्ट देश आधुनिक टेक्नोलॉजी की दुनिया में अपनी जगह बना रहे हैं.

महिला पायलटों को बधाई

उन्होंने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का उदाहरण दिया और अफ़सरों से कहा कि वे फ़ोर्स की शानदार विरासत को बनाए रखें. भारतीय वायु सेना में शामिल होने वाली महिला पायलटों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी बढ़ती संख्या IAF को और भी ज़्यादा शक्तिशाली, संतुलित और मज़बूत बना रही है, जो एक समावेशी बल की ताकत को दिखाता है.

उन्होंने मुश्किल रेस्क्यू मिशन में भारतीय वायु सेना की सफलता और संकट के समय विदेशी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में उसकी भूमिका पर ज़ोर दिया. उन्होंने कहा कि इस तरह मानवीय मिशनों के दौरान भारतीय वायु सेना ने भारतीय संस्कृति और मूल्यों को और बढ़ाया है. यह कार्यक्रम भारतीय वायु सेना (IAF) की अलग-अलग शाखाओं के फ़्लाइट कैडेट्स की प्री-कमीशनिंग ट्रेनिंग के सफलतापूर्वक पूरे होने का प्रतीक था.

कैडेट्स को दिया सम्मान

समारोह के दौरान परेड के रिव्यूइंग ऑफ़िसर सिंह ने ट्रेनिंग पूरी करने वाले कैडेट्स को ‘प्रेसिडेंट्स कमीशन’ प्रदान किया. इस समारोह में IAF के फ़्लाइट कैडेट्स और इंडियन नेवी, इंडियन कोस्ट गार्ड और सोशलिस्ट रिपब्लिक ऑफ़ वियतनाम के अधिकारियों और ट्रेनीज़ को ट्रेनिंग पूरी करने पर ‘विंग्स’ और ‘ब्रेवेट्स’ भी दिए गए.

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News Source: PTI

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