Home Top News सिर्फ ‘X’ से काम नहीं चलेगाःयुवाओं को मैनेज करने की तैयारी, जानें क्या है मोदी का इंस्टाग्राम प्लान?

सिर्फ ‘X’ से काम नहीं चलेगाःयुवाओं को मैनेज करने की तैयारी, जानें क्या है मोदी का इंस्टाग्राम प्लान?

by Sanjay Kumar Srivastava 28 July 2026, 9:36 PM IST (Updated 28 July 2026, 9:44 PM IST)
28 July 2026, 9:36 PM IST (Updated 28 July 2026, 9:44 PM IST)
सिर्फ 'X' से काम नहीं चलेगाः युवाओं को मैनेज करने की तैयारी, जानें क्या है PM मोदी का इंस्टाग्राम प्लान?

BJP INSTAGRAM: NEET पेपर लीक विवाद के बाद देश में उपजे ‘कॉकरोच आंदोलन’ (CJP) ने केंद्र सरकार को युवाओं की डिजिटल ताकत का अहसास कराया है. इस आंदोलन के दौरान देश के जेन-जी (Gen-Z) और युवा प्रदर्शनकारियों ने पारंपरिक मीडिया के बजाय इंस्टाग्राम रील्स और मीम्स को अपना मुख्य हथियार बनाया. कॉकरोच आंदोलन के इंस्टाग्राम पेज पर महज कुछ ही दिनों में लाखों युवा जुड़ गए, जिसने सरकार पर भारी राजनीतिक दबाव बनाया और आखिरकार शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा. इसी डिजिटल लहर को भांपते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इंस्टाग्राम की तरफ अपना झुकाव बढ़ाया है. उन्होंने खुद इस प्लेटफॉर्म पर वीडियो जारी कर सीधे छात्रों से संवाद साधा और परीक्षा सुधारों का भरोसा दिया.

युवाओं का अधिकांश समय इंस्टाग्राम पर

चुनावों में युवाओं और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है. प्रधानमंत्री का मानना है कि आज का युवा अपना अधिकांश समय इंस्टाग्राम पर बिता रहा है. इसलिए, नीतियों को समझाने और उनके असंतोष को दूर करने के लिए यह सबसे प्रभावी माध्यम है.इसी रणनीति के तहत एक अहम कैबिनेट बैठक में पीएम मोदी ने अपने सभी केंद्रीय मंत्रियों को निर्देश दिया है कि वे केवल ‘X’ (ट्विटर) तक सीमित न रहें. उन्होंने मंत्रियों को खुद सक्रिय रहने, इंस्टाग्राम रील्स बनाने और इंटरेक्टिव सत्रों के जरिए सीधे युवाओं से जुड़ने के लिए कहा है. सरकार का स्पष्ट उद्देश्य रैलियों और विज्ञापनों के पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर सोशल मीडिया पर रचनात्मक सामग्री के जरिए युवा वर्ग के साथ एक सीधा और मजबूत कनेक्शन स्थापित करना है.

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Instagram पर हुई थी CJP की शुरुआत

हाल ही में हुए NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद जब BJP युवाओं तक अपनी डिजिटल पहुंच बढ़ा रही है, तो Instagram एक अहम पॉलिटिकल मैसेजिंग प्लेटफॉर्म बनकर उभरा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कोशिश में सबसे आगे हैं और कई केंद्रीय मंत्री व पार्टी नेता भी इसमें शामिल हुए हैं. यह तेज़ी तब आई है जब मोदी ने अपने कैबिनेट सहयोगियों से Instagram रील्स के ज़रिए युवाओं से ज़्यादा सक्रिय रूप से जुड़ने को कहा था. NEET पेपर लीक को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बाद पार्टी का ध्यान इस प्लेटफॉर्म पर गया है. इन प्रदर्शनों ने युवाओं के बीच पॉलिटिकल बातचीत को आकार देने में सोशल मीडिया, खासकर Instagram के बढ़ते असर को दिखाया है. छात्रों के विरोध-प्रदर्शन की अगुवाई करने वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) की शुरुआत इस साल मई में एक ऑनलाइन व्यंग्यात्मक आंदोलन के तौर पर हुई थी.

2014 से Instagram पर हैं मोदी

खुद पीएम मोदी ने हाल के दिनों में Instagram पर कई सेल्फ़ी-स्टाइल वीडियो पोस्ट किए हैं. परीक्षा सुधार जैसे मुद्दों पर युवाओं की प्रतिक्रिया और सुझावों के लिए उन्हें धन्यवाद दिया है. 2014 से Instagram का इस्तेमाल कर रहे मोदी ने विरोध-प्रदर्शन के दौरान आधी रात को एक सेल्फ़ी वीडियो अपलोड करने के बाद लगभग 10 लाख नए फ़ॉलोअर्स हासिल किए, जिससे उनके कुल फ़ॉलोअर्स की संख्या लगभग 10.5 करोड़ हो गई है. 95 लाख फ़ॉलोअर्स वाला BJP का आधिकारिक Instagram अकाउंट देश के सबसे ज़्यादा फ़ॉलो किए जाने वाले पॉलिटिकल पार्टी हैंडल्स में से एक है. हाल के दिनों में, इसने परीक्षा पेपर लीक पर केंद्रित कई रील्स पोस्ट की है, जिनमें खासकर पंजाब के कथित मामलों को उजागर किया गया है.

प्रह्लाद जोशी ने भी सोशल मीडिया का महत्व समझा

पार्टी की हालिया पोस्ट में संसद में ‘द पब्लिक एग्ज़ामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ़ अनफ़ेयर मीन्स) बिल’ पेश किए जाने के क्लिप भी शामिल हैं. इनमें विपक्ष पर कानून पर चर्चा में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है, साथ ही यह भी कहा गया है कि इसका मकसद पेपर लीक को रोकना और छात्रों के हितों की रक्षा करना है.हाल ही में नियुक्त केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी NEET पेपर लीक विवाद पर सरकार के रुख को बताने के लिए इंस्टाग्राम का इस्तेमाल किया है. कहा कि हमने ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) एक्ट, 2024’ लागू किया है, जो परीक्षा माफिया के लिए 10 साल की जेल और भारी जुर्माने की सज़ा तय करता है.

बीजेपी के सभी मंत्री हुए सक्रिय

प्रह्लाद जोशी ने कहा कि हम सिस्टम को हमेशा के लिए मज़बूत करना चाहते हैं और संसद में एक स्वस्थ, तथ्यों पर आधारित बहस के लिए पूरी तरह तैयार हैं. अखिलेश यादव और कांग्रेस के कई सांसदों ने भी कहा है कि इस मुद्दे पर संसद में चर्चा होनी चाहिए. दुर्भाग्य से, एक व्यक्ति के अहंकार के कारण वह बहस नहीं हो पा रही है. जोशी ने अपनी एक पोस्ट में कहा. उन्होंने सभी से राजनीति से ऊपर उठकर परीक्षा प्रणाली को मज़बूत करने की चर्चा में शामिल होने का आग्रह किया. हालांकि सभी मंत्रियों ने अपने इंस्टाग्राम पर पीएम मोदी के वीडियो पोस्ट किए, लेकिन एक हफ़्ते पहले तक कई मंत्रियों की अन्य पोस्ट बहुत कम थीं.बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने NEET मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ताओं के साथ हुई बैठकों के वीडियो शेयर किए हैं.

जितेंद्र सिंह और नड्डा कर रहे धड़ाधड़ पोस्ट

पीएमओ में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने पेपर लीक विरोधी कानून में संशोधन के लिए बिल पेश करने से जुड़े क्लिप पोस्ट किए हैं. साथ ही, उन्होंने छात्रों से धैर्य रखने की अपील करते हुए वीडियो भी पोस्ट किए और कहा कि जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान सरकार चर्चा के लिए तैयार थी. जितेंद्र सिंह के मामले में पिछले एक हफ़्ते में हर दिन कई पोस्ट की गई हैं, जबकि पहले वे हफ़्ते में औसतन चार-पांच पोस्ट ही करते थे.

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नड्डा ने भी हर दिन कई वीडियो पोस्ट करना शुरू कर दिया है, जबकि पहले उनकी गतिविधि बहुत कम थी. प्रधानमंत्री के आह्वान से पहले उनकी आखिरी पोस्ट 4 जुलाई को और उससे पहले 27 जून को थी. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इस बिल और पेपर लीक के मुद्दे पर कई वीडियो अपलोड किए हैं. उनकी पोस्ट में संसद में दिए गए उनके भाषणों के अंश शामिल हैं, जिनमें उन्होंने राजनीतिक दलों से बिल पर बहस करने और उसका समर्थन करने का आग्रह किया है. उन्होंने परीक्षा पेपर लीक को पार्टी की राजनीति का नहीं, बल्कि एक गंभीर राष्ट्रीय मुद्दा बताया है.

रिजिजू पहले से ही सक्रिय

रिजिजू इंस्टाग्राम पर पहले से ही काफी सक्रिय मंत्रियों में से एक रहे हैं, लेकिन अब उनकी सक्रियता काफी बढ़ गई है और वे हर दिन एक दर्जन से ज़्यादा पोस्ट कर रहे हैं.अन्य क्लिप में, उन्होंने इस बिल को छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने और परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए एक ऐतिहासिक और सख्त कदम बताया है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें युवाओं को न्याय दिलाने और परीक्षा पेपर लीक के लिए ज़िम्मेदार लोगों को फास्ट-ट्रैक अदालतों के ज़रिए सज़ा दिलाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया गया है. प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को परीक्षा प्रणाली को लीक-प्रूफ बनाने के लिए सुधारों की सिफारिश करने हेतु इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की.

पीयूष गोयल ने भी वीडियो किया अपलोड

इसी तरह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने परीक्षा पेपर लीक से निपटने के सरकार के प्रयासों को उजागर करने वाले वीडियो पोस्ट किए हैं, जिनमें फास्ट-ट्रैक अदालतों का प्रावधान भी शामिल है. साथ ही, उन्होंने कांग्रेस सहित विपक्ष से आग्रह किया है कि वे इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करें और इसके बजाय संसदीय चर्चाओं में भाग लें.

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महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने झारखंड में परीक्षा और भर्ती से जुड़े कथित पेपर लीक के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने के लिए इंस्टाग्राम का इस्तेमाल किया है.उनकी हालिया पोस्ट में हेमंत इस्तफा दो नारे वाले वीडियो और ग्राफिक्स शामिल हैं. एक वीडियो में, उन्होंने आरोप लगाया है कि झारखंड के छात्रों की आवाज राहुल गांधी के कानों तक नहीं पहुंच रही है. दावा किया है कि राज्य में भर्ती घोटालों की नई परतें हर दिन उजागर हो रही हैं, और उन्होंने पूरी भर्ती प्रक्रिया की सीबीआई जांच की मांग की है.

पंजाब और कर्नाटक के शिक्षा मंत्रियों पर उठे सवाल

पत्र लीक विरोधी प्रदर्शनों के दौरान भाजपा के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय भी इंस्टाग्राम पर पार्टी की सबसे सक्रिय आवाजों में से एक रहे हैं. प्रदर्शन से संबंधित बताए जा रहे वीडियो का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि उनमें अनुच्छेद 370 की बहाली, आजाद कश्मीर की मांग, हिंदू देवी-देवताओं के अपमान, महिलाओं के यौन शोषण और दिल्ली दंगों के आरोपियों की रिहाई की मांग वाले नारे दिखाई दे रहे हैं.

उन्होंने कहा कि अगर ये वीडियो वास्तव में घटी घटनाओं को दर्शाते हैं, तो आंदोलन छात्रों की जायज चिंताओं से बहुत दूर भटक गया है. मालविया ने अलग-अलग राज्यों के लिए अलग-अलग मापदंड बताते हुए सवाल उठाया कि उत्तर प्रदेश पर इतना आक्रोश क्यों है, जबकि पंजाब पर पूरी तरह से चुप्पी है और कर्नाटक का कोई जिक्र क्यों नहीं है, जहां परीक्षा की कॉपी लीक होने की खबर आई थी. उन्होंने यह भी पूछा कि क्या पंजाब या कर्नाटक के शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे की मांग की गई है?

इन 9 राज्यों में सबसे ज्यादा पेपर लीक

अमित मालवीय ने दावा किया कि 2025-26 शैक्षणिक वर्ष के दौरान परीक्षा की कॉपी लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल के सबसे अधिक मामले जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पंजाब, केरल और कर्नाटक में आए . उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम लागू किया है और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने और परीक्षा में धांधली करने वालों को कड़ी सजा देने के लिए प्रवर्तन को मजबूत किया है. सरकार ने सोमवार को लोकसभा में एक विधेयक पेश किया, जिसमें परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने वाले कानून में संशोधन किया गया है. इसके तहत 10 साल तक की कैद और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. यह प्रस्तावित विधेयक विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के बीच पेश किया गया.

10 करोड़ का जुर्माना, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और टास्क फोर्स; पेपर लीक रोकने के लिए यह है मोदी सरकार का मास्टरप्लान

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