Home Top News कीमतों पर लगामः 30 दिन से ज्यादा नहीं रख पाएंगे चीनी का स्टॉक, 1 अगस्त से नया नियम लागू

कीमतों पर लगामः 30 दिन से ज्यादा नहीं रख पाएंगे चीनी का स्टॉक, 1 अगस्त से नया नियम लागू

by Sanjay Kumar Srivastava 28 July 2026, 6:08 PM IST
28 July 2026, 6:08 PM IST
कीमतों पर लगामः अब नहीं चलेगी मनमानी, 30 दिन से ज्यादा नहीं रख पाएंगे चीनी का स्टॉक, 1 अगस्त से नया नियम लागू

SUGAR STOCK: केंद्र सरकार ने चीनी की कीमतों पर नियंत्रण रकने के लिए सख्त कदम उठाया है. सरकार ने मंगलवार को निर्देश दिया कि चीनी का कोई भी डीलर 30 दिन से ज़्यादा समय तक स्टॉक न रखे. साथ ही, चीनी की कीमतों को काबू में रखने की कोशिशों के तहत 4,000 क्विंटल की स्टॉक सीमा भी तय की गई है. यह आदेश 1 अगस्त 2026 से लागू होगा और 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा. खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन में ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955’ की धारा 3 और ‘चीनी (नियंत्रण) आदेश, 2025’ के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए यह पाबंदी लगाई है.

तय की 4,000 क्विंटल की स्टॉक सीमा

नोटिफिकेशन में कहा गया है कि चीनी का कोई भी डीलर स्टॉक मिलने की तारीख से तीस दिन से ज़्यादा समय तक कोई स्टॉक नहीं रखेगा और देश में कहीं भी, किसी भी समय 4,000 क्विंटल से ज़्यादा चीनी स्टॉक में नहीं रखेगा. कमज़ोर मॉनसून के अनुमान के बीच कीमतों को काबू में रखने के लिए केंद्र सरकार पहले ही चीनी के निर्यात पर रोक लगा चुकी है. यह आदेश सरकारी खाते में रखे चीनी के स्टॉक या राज्य सरकार द्वारा चुने गए डीलरों या सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य की दुकानों के ज़रिए वितरण के लिए अधिकृत अधिकारी के पास मौजूद स्टॉक पर लागू नहीं होगा.

पोर्टल पर अपडेट करें स्टॉक

मंत्रालय ने कहा कि राज्य सरकारों या केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन को स्टॉक रखने और टर्नओवर की सीमा तय करनी चाहिए, लेकिन शर्त यह है कि स्टॉक रखने की सीमा और टर्नओवर की अवधि यहां बताई गई सीमा या अवधि से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए. स्टॉक रखने की अवधि की गिनती करते समय उस तारीख को भी शामिल किया जाना चाहिए जिस दिन डीलर को कोई स्टॉक मिला हो. मंत्रालय ने सभी डीलरों से कहा कि वे पोर्टल पर चीनी के स्टॉक की स्थिति की जानकारी दें और उसे नियमित रूप से अपडेट करें.

देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक

मई में भारत ने घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित करने के मकसद से तत्काल प्रभाव से इस साल 30 सितंबर तक चीनी के निर्यात पर रोक लगा दी थी. सरकार ने सितंबर में खत्म होने वाले 2025-26 मार्केटिंग वर्ष के लिए लगभग 16 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी है. ISMA ने 2025-26 मार्केटिंग सीज़न के लिए इथेनॉल डाइवर्जन के बाद कुल उत्पादन का अनुमान 29.3 मिलियन टन लगाया है, जो 2024-25 में दर्ज 26.12 मिलियन टन से ज़्यादा है. 17 जुलाई को चीनी उद्योग की संस्थाओं ISMA और NFCSF ने कहा कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक है. उन्होंने कीमत में हालिया बढ़ोतरी के बीच इंस्टीट्यूशनल खरीदारों और थोक व खुदरा व्यापारियों से सट्टेबाजी वाली खरीदारी से बचने को कहा.

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News Source: PTI

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