Delhi Protest: इंडिया ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट मार्च से पहले कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार अच्छा नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि अब यह लड़ाई जनता और मोदी-शाह-ज्ञानेश के बीच की हो गई है. वहीं, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर पलटवार किया. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लंबे समय से संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करती रही है. अब चुनाव में हार के लिए संवैधानिक संस्थाओं को दोष देना एक चलन बन गया है. शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा कि लगातार चुनाव हारना और उसके बाद विरोध-प्रदर्शन करना या सड़कों पर उतरना कांग्रेस की नियति बन गई है.
काफी समय से है कांग्रेस सत्ता से बाहर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस के लगातार चुनाव हारने की वजह चुनाव आयोग नहीं, बल्कि कांग्रेस का खुद का दिशाहीन नेतृत्व है. उत्तर प्रदेश में लगातार आपसी कलह चल रही है और पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष बदलना पड़ा. कई जगहों पर नेतृत्व को लेकर अंदरूनी झगड़े चल रहे हैं. कांग्रेस का नेतृत्व ऐसा है कि वो न तो देश को जानता है और न ही यहां के लोगों को जानता है. शिवराज ने यहां तक कह दिया कि कांग्रेस देश के कई बड़े राज्यों से काफी समय से खत्म हो चुकी है. वे तमिलनाडु में करीब 59 साल, पश्चिम बंगाल में 49 साल, सिक्किम में 42 साल, उत्तर प्रदेश में 37 साल और बिहार में 36 साल से सत्ता से बाहर हैं.
देश को तोड़ने वाली ताकतों से मिली कांग्रेस
इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि कांग्रेस अब तीन-चार राज्यों को छोड़कर, बाकी सभी राज्यों में कांग्रेस सिर्फ एक जूनियर पार्टनर बनकर रह गई है. तमिलनाडु में वे DMK के सहारे टिके रहे और अब वह सहारा भी उनसे छिनता जा रहा है. बिहार में वे भ्रष्ट RJD के सहारे टिके रहे. उन्होंने आगे कहा कि UP में वे कभी SP तो कभी BSP के साथ बदलते रहते हैं. कांग्रेस अब सिर्फ़ सत्ता बनाए रखने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर हमले कर रही है. शिवराज ने यह भी कहा कि कांग्रेस देश को तोड़ने वाली ताकतों के साथ हाथ मिला रही है.
सड़कों पर उतरी अराजकतावादियों की भीड़
वे यह भी कहते हैं कि यह शिव की बारात नहीं है, बल्कि सड़कों पर उतरी अराजकतावादियों की भीड़ है. कांग्रेस और INDI गठबंधन विदेशी ताकतों के हाथों की कठपुतली बन गए हैं. सत्ता के लिए वे वामपंथियों, कॉकरोच, जॉर्ज सोरोस जैसी विदेशी ताकतों और NGO का समर्थन लेते हैं.
News Source: ANI
