Zojila Tunnel Breakthrough: भारत के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है. आज जम्मू-कश्मीर की जोजिला टनल का अंतिम ब्रेकथ्रू सफल हो गया है. यह टनल भारत की सुरक्षा स्ट्रैटजी और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने. नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) के अधिकारियों ने कहा कि कामयाबी तय समय से छह महीने पहले मिली है.
15 मिनट में पूरा होगा सफर
अधिकारियों ने कहा कि इस कामयाबी के बाद, सिविल काम में और 7-8 महीने लगेंगे और फिर पक्की सड़क और बिजली का काम शुरू होगा. टनल फरवरी 2028 में आम लोगों के लिए खोली जा सकती है. प्रोजेक्ट के अथॉरिटी इंजीनियर, यूसुफ एशाघपुर रहीमाबादी ने बताया कि अभी तक कुल काम का लगभग 85 प्रतिशत पूरा हो चुका है. यह टनल 9.5 मीटर चौड़ी, 7.57 मीटर ऊंची, 13.153 km लंबी दो-लेन वाली सड़क टनल है. अधिकारियों ने कहा कि श्रीनगर-लेह नेशनल हाईवे पर बनी महत्वपूर्ण टनल लद्दाख को साल भर, मौसम-प्रूफ कनेक्टिविटी देगी और पहले के 1-1.5 घंटे के सफर के समय को घटाकर सिर्फ 15 मिनट की ड्राइव कर देगी.

दुनिया की सबसे ऊंची टनल है जोजिला
जोजिला टनल समुद्र तल से लगभग 11,578 फीट की ऊंचाई पर बनी है और इस कारण यह दुनिया की सबसे अधिक ऊंचाई पर बनी टनल बन गई है. इतना ही नहीं, जोजिला टनल पूरे एशिया में सबसे लंबी टनल है. बर्फबारी के कारण लद्दाख का देश से सड़क संपर्क कई महीनों तक कटा रहता है, लेकिन इस सुरंग के बनने के बाद ऐसा नहीं होगा. निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह भारतीय सेना और आम नागरिकों को श्रीनगर से लेह तक सदाबहार कनेक्टिविटी देगी. जोजिला सुरंग के बनने के बाद पाकिस्तान और चीन से लगती सीमा के इलाकों तक सेना का सामान पहुंचाने और ऑपरेशनल तैयारियों में तेजी आएगी.
सोनमर्ग से मिनिमर्ग को जोड़ेगी टनल
सेंट्रल कश्मीर के गंदेरबल जिले में सोनमर्ग से लेकर लद्दाख के द्रास जिले में मिनिमर्ग तक बनी इस टनल में 18 km का अप्रोच रोड है. मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MEIL), जो एजेंसी इस प्रोजेक्ट को पूरा कर रही है, उसने हिमालय को भेदने और नाजुक जमीन को पार करने के लिए न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) का इस्तेमाल किया. पूरा प्रोजेक्ट 31 km लंबा है, जिसमें अप्रोच रोड और पुल शामिल हैं, जो सोनमर्ग से मिनिमर्ग तक फैला हुआ है.
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News Source: PTI
