Prashant Kishor Net Worth: जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार चुनावी मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं. कई सालों तक पर्दे के पीछे काम करके और पिछले विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करने के बाद अब प्रशांत किशोर खुद बांकीपुर से उपचुनाव लड़ रहे हैं. बांकीपुर उपचुनाव सिर्फ एक सीट का मुकाबला नहीं, बल्कि उनकी साख, उनके पॉलिटिकल दावों और जनसुराज की साख का भी एक बड़ा टेस्ट माना जा रहा है. खास बात यह है कि बिहार विधानसभा चुनाव में जनसुराज का प्रदर्शन उम्मीदों से कम रहा, पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई. इसके बावजूद, प्रशांत किशोर ने लगातार खुद को पारंपरिक पार्टियों के विकल्प के तौर पर पेश किया है और राजनीति में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर अन्य पार्टियों को घेरा है.
पीके ने अक्सर दूसरे नेताओं से उनकी पढ़ाई, दौलत और पब्लिक लाइफ का हिसाब मांगा है. अब जब वह खुद चुनावी मैदान में हैं, तो चुनाव आयोग को दिए हलफनामे से उनकी पर्सनल डिटेल भी पब्लिक हो गई है. हर कोई जानना चाहता है कि दूसरों से एजुकेशन, अकाउंटेबिलिटी और ट्रांसपेरेंसी की बात करने वाले नेता के पास कितनी संपत्ति है, उनकी इनकम के सोर्स क्या हैं और वे खुद कितने पढ़े-लिखे हैं. इस खबर में आप प्रशांत किशोर की पढ़ाई, संपत्ति, इनकम और दूसरी जरूरी बातों के बारे में जानेंगे.
कितने पढ़े लिखे हैं प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई बिहार में की, लेकिन आगे की पढ़ाई उत्तर प्रदेश, हैदराबाद और फ्रांस से की. किशोर ने 1991 में बक्सर के MP हाई स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा पास की. यह स्कूल बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) से एफिलिएटेड है. इसके बाद वे पटना चले गए. 1993 में उन्होंने बिहार के मशहूर पटना साइंस कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद ग्रेजुएशन के लिए वे उत्तर प्रदेश चले गए. 1996 और 1999 के बीच उन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी के बिजनेस स्टडीज डिपार्टमेंट से बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) की डिग्री हासिल की.

किशोर ने 2001 और 2003 के बीच हैदराबाद के एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज (ASCI) से मास्टर ऑफ हेल्थकेयर मैनेजमेंट (MHA) की पढ़ाई पूरी की. यह एक खास हेल्थकेयर मैनेजमेंट प्रोग्राम था जिसे अमेरिका की मशहूर जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी और हिंदुजा हॉस्पिटल के साथ मिलकर बनाया गया था. इतना ही नहीं, किशोर के पास विदेश की डिग्री भी है. साल 2010 में, उन्होंने फ्रांस की क्लेरमोंट-फेरैंड यूनिवर्सिटी (कैविलम विची) से फ्रेंच लैंग्वेज की पढ़ाई की. बता दें, प्रशांत किशोर ने कई बार सीएम सम्राट चौधरी की डिग्री को फर्जी बताते हुए उनकी डिग्री पर सवाल उठाया है. उन्होंने चुनाव के दौरान तेजस्वी यादव पर नौंवी फेल होने का तंज भी कसा है.
कितने करोड़ के मालिक हैं प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर के एफिडेविट के मुताबिक, पीके के पास कुल 96 करोड़ के मालिक हैं. इसमें से केवल 65,570 रुपए ही कैश हैं. उनके पास 7 करोड़ से ज्यादा की FD और बैंक बैलेंस हैं. वह स्टॉक मार्केट में भी इन्वेस्ट करते हैं. प्रशांत किशोर ने भारती एयरटेल और इंडियन ओवरसीज बैंक के शेयर खरीदे हैं, जिनकी कुल मार्केट वैल्यू लगभग ₹63.44 लाख है. उन्होंने LIC और दूसरी इंश्योरेंस पॉलिसियों में भी इन्वेस्ट किया है, जिनकी कुल वैल्यू लगभग ₹10 करोड़ है. वहीं सोने-चांदी की बात करें, तो उनके पास सिर्फ 0.6 ग्राम सोने की अंगूठी है और चांदी की कोई ज्वेलरी नहीं है. पीके की कुल चल संपत्ति की कीमत ₹22.19 करोड़ है, जबकि उनकी अचल संपत्ति की कीमत ₹73.87 करोड़ है.
पिछले पांच सालों की कमाई
पिछले पांच सालों में प्रशांत किशोर की इनकम में काफी उतार-चढ़ाव और फाइनेंशियल ग्रोथ देखी गई है, चुनावी हलफनामे के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2020-21 में जब वे पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के रणनीतिकार के तौर काम कर रहे थे, तब उनकी सालाना इनकम सिर्फ ₹8.66 लाख थी. अगले ही साल 2021-22 में उनकी इनकम बढ़कर ₹60 लाख और 2022-23 में ₹44.49 लाख हो गई. उनकी कमाई में सबसे बड़ा उछाल वित्तीय वर्ष 2023-24 में देखा गया, जब उनकी सालाना इनकम रिकॉर्ड ₹9.39 करोड़ तक पहुंच गई. इस बीच हाल के वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए उनकी नेट डिक्लेयर्ड इनकम ₹58.45 लाख थी, जो उनकी कंपनी द्वारा उनकी अपनी पार्टी ‘जनसुराज’ को ₹10 करोड़ का पर्सनल डोनेशन देने के बाद बची हुई नेट रकम है.
एफिडेविट से यह भी साफ है कि प्रशांत किशोर की इनकम का मेन सोर्स उनकी 100% ओनरशिप वाली कंपनी ‘वेदास वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ है, जिसने हाल ही में जनसुराज पार्टी को ₹85 करोड़ का बड़ा डोनेशन दिया था. अभी इस इनकम और बिजनेस प्रॉफिट की वजह से, प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी जाह्नवी दास के पास कुल लगभग ₹198 करोड़ की चल और अचल संपत्ति है.

पांच सालों में 10.03 करोड़ का टैक्स दिया
प्रशांत किशोर ने पिछले पांच सालों में (FY 2020-21 से FY 2024-25) सरकार को कुल ₹4 करोड़ 45 लाख का इनकम टैक्स दिया है. इस दौरान उन्होंने इनकम टैक्स और GST दोनों मिलाकर सरकार को कुल करीब ₹10.03 करोड़ का टैक्स दिया है. फाइनेंशियल ईयर 2021-22 से 2025-26 के बीच, उन्होंने अपनी कंसल्टेंसी और पॉलिटिकल एडवाइजरी सर्विस पर कुल ₹5.58 करोड़ का GST दिया है. एफिडेविट में यह भी साफ किया गया है कि फिलहाल प्रशांत किशोर का सरकार के पास कोई इनकम टैक्स, GST या कोई और सरकारी टैक्स पेंडिंग नहीं है. उन पर HDFC बैंक का 5 करोड़ 77 लाख रुपये का लोन भी है. बता दें, प्रशांत किशोर की पत्नी भी हर साल सरकार को ₹8 से ₹9 लाख इनकम टैक्स देती हैं.
दिल्ली से पटना तक है प्रॉपर्टी
2014 में पीके ने रोहतास जिले के शिवसागर के कोनार गांव में एक पुरानी राइस मिल की जमीन 25 लाख रुपये में खरीदी थी, जिसका एरिया 3 एकड़ 21 डिसमिल है. इसकी अभी की मार्केट वैल्यू 9.75 करोड़ रुपये है. उनके पास पटना के फुलवारीशरीफ की न्यू पाटलिपुत्र कॉलोनी में जमीन है, जिसकी अभी की कीमत 16 करोड़ रुपये है. उनके पास दिल्ली के वसंत विहार में एक बंगला भी है, जिसकी अभी की कीमत 22.50 करोड़ रुपये है. उनके पास गाजियाबाद के इंदिरापुरम में दो और वसुंधरा में एक फ्लैट भी है. बक्सर में उनकी स्वर्गीय मां के नाम पर जमीन है. रोहतास जिले के कोनार गांव में भी उनकी पुश्तैनी जमीन में हिस्सा है.
प्रशांत किशोर के खिलाफ पटना, सहरसा, बेतिया और मुजफ्फरपुर में आठ क्रिमिनल केस दर्ज हैं. इनमें से किसी भी केस में चार्जशीट फाइल नहीं की गई है.
पत्नी हैं पीके से ज्यादा अमीर
प्रशांत किशोर की पत्नी जाह्नवी दास MBBS डॉक्टर हैं. जाह्नवी दास प्रशांत किशोर से ज्यादा अमीर हैं. उनके पास कुल ₹101.93 करोड़ की संपत्ति है. उनके पास ₹89 करोड़ की चल संपत्ति और ₹12 करोड़ से ज़्यादा की अचल संपत्ति है. उनके पास 475 ग्राम सोना और 200 ग्राम चांदी की ज्वेलरी है. इतना ही नहीं उन्होंने वेदास वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड में ₹95 करोड़ इन्वेस्ट किए हैं. जाह्नवी के पास असम के गुवाहाटी में एक घर और एक फ्लैट भी है. जाह्नवी दास पर 55 लाख रुपए का कर्ज भी है.

प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास के पास कुल मिलाकर लगभग ₹198 करोड़ की संपत्ति है. उनका एक 16 साल का बेटा है जिसका नाम दैबिक भारद्वाज है. उनके माता-पिता ने उनके नाम पर ₹7 लाख का बैंक डिपॉजिट भी खोला है.
बांकीपुर में क्यों हो रहा उपचुनाव
बिहार में नवंबर 2025 में विधानसभा चुनाव हुए थे, जिसमें एनडीए सरकार को पूर्ण बहुमत मिली. चुनाव के कुछ महीनों बाद मार्च, 2026 में बांकीपुर सीट से पांच बार के विधायक नितिन नबीन ने इस्तीफा दे दिया और राज्यसभा के सांसद चुने गए, जिससे यह सीट खाली हो गई. इसी को भरने के लिए बांकीपुर में उपचुनाव हो रहा है. इस चुनाव में जनसुराज के संस्थापक खुद मैदान में उतरे हैं, जो बीजेपी के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को टक्कर देंगे. बांकीपुर में नितिन नबीन पांच बार जीते हैं यानी कि प्रशांत किशोर के लिए जनता का भरोसा जीतना आसान नहीं होगा. हालांकि पीके की भूमिका भी कम महत्वपूर्ण नहीं है. अगर वे खुद इस सीट पर लड़ रहे हैं, तो जनता उनका साथ दे सकती हैं. बता दें, बांकीपुर में 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को रिजल्ट घोषित किया जाएगा.
बांकीपुर से अन्य उम्मीदवार
प्रशांत किशोर बांकीपुर उपचुनाव में आरजेडी उम्मीदवार रेखा गुप्ता और बीजेपी के नीरज कुमार सिन्हा के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं. 32 साल के नीरज मगध यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हैं. वे अविवाहित हैं और उनके पास ₹70,000 कैश हैं. उन पर कोई कर्ज नहीं है. उनकी चल-अचल संपत्ति ₹20.28 लाख की है. नीरज कुमार सिन्हा पर कोई क्रिमिनल केस पेंडिंग नहीं है. नीरज के पास ₹48,000 की चांदी और ₹1.85 लाख का सोना है. वहीं 46 साल की रेखा गुप्ता के पास ₹6.27 करोड़ की चल-अचल संपत्ति है. उनके खिलाफ प्रॉपर्टी से जुड़ा एक केस पेंडिंग है. रेखा गुप्ता के पास ₹67 लाख का सोना और ₹3.67 लाख की 1.5 kg चांदी है. इसके अलावा, बांकीपुर से जनशक्ति जनता दल की वीणा मानवी भी चुनाव लड़ रही हैं. सीपीआई से ऑटो चालक नवीन तिवारी भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जो काफी चर्चा में हैं.
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