Home Latest News & Updates कांग्रेस का दावा- आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार में घबराहट, देश में निजी कॉर्पोरेट निवेश की रफ्तार पड़ी धीमी

कांग्रेस का दावा- आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार में घबराहट, देश में निजी कॉर्पोरेट निवेश की रफ्तार पड़ी धीमी

by Sanjay Kumar Srivastava 4 June 2026, 2:32 PM IST
4 June 2026, 2:32 PM IST
कांग्रेस नेता जयराम रमेश का दावा- आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार में घबराहट

Modi Govt: कांग्रेस ने गुरुवार को दावा किया कि मोदी सरकार मौजूदा आर्थिक स्थिति को लेकर घबराई हुई है और अपने ही गुटों के दबाव में है. कांग्रेस का कहना है कि असली समस्या यह है कि देश में निजी कंपनियों का निवेश बेहद सुस्त है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गुरुवार को सरकार पर जमकर हमला किया. कांग्रेस नेता का दावा है कि केंद्र सरकार आयकर अधिनियम में संशोधन करने वाला अध्यादेश जारी करने की योजना बना रही है, जिसके तहत विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा भारतीय सरकारी प्रतिभूतियों में किए गए निवेश पर लगने वाले 12.5% ​​दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा.

विदेशी निवेशकों को राहत देने का आरोप

कांग्रेस नेता रमेश ने कहा कि मोदी सरकार स्पष्ट रूप से घबराहट में है और मौजूदा आर्थिक स्थिति को लेकर अपने ही गुटों के दबाव में है. उन्होंने आगे कहा कि एक खबर के अनुसार, मोदी सरकार आयकर अधिनियम में संशोधन करने वाला अध्यादेश जारी करने की योजना बना रही है, जिसके तहत विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा भारतीय सरकारी प्रतिभूतियों में किए गए निवेश पर लगने वाले 12.5% ​​दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बताया कि यह दर जुलाई 2024 के केंद्रीय बजट में तय की गई थी.

उन्होंने दावा किया कि असली समस्या यह है कि भारत में निजी कंपनियों का निवेश बेहद सुस्त है. कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव ने कहा कि जो लोग भारत में निवेश कर सकते हैं और जिन्हें करना ही चाहिए, वे या तो विदेशों में निवेश कर रहे हैं या घरेलू निवेश को स्थगित कर रहे हैं. कांग्रेस नेता रमेश ने कहा कि कंपनियों की आय रिकॉर्ड ऊंचाई पर है, लेकिन फिर भी जीडीपी के प्रतिशत के रूप में निजी कंपनियों के निवेश की दर में उल्लेखनीय गिरावट आई है.

घरेलू निवेश पर गहराया संकट

कहा कि अस्थायी अध्यादेश सुर्खियां बटोर सकते हैं, लेकिन निजी कंपनियों के निवेश की मंद दरों के संरचनात्मक कारणों को दूर करने का विकल्प नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि इनमें वास्तविक वेतन में ठहराव, आय और संपत्ति की असमानताओं में वृद्धि, विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक शक्ति का लगातार बढ़ता केंद्रीकरण और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग से उत्पन्न भयावह वातावरण शामिल हैं. कांग्रेस नेता ने कहा कि चीन से आयात को लगातार बढ़ने देने से घरेलू निवेश की समस्याएं और बढ़ गई हैं.

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News Source: PTI

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