Naseeruddin Shah on CJP Protest: दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन और उस पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर अब बॉलीवुड के अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और अभिनेत्री रत्ना पाठक शाह खुलकर सामने आए हैं. दोनों कलाकारों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन करते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. सोशल मीडिया पर शेयर किए गए उनके बयान तेजी से वायरल हो रहे हैं. हाल ही में नसीरुद्दीन शाह ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो शेयर किया है. उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ जो व्यवहार हुआ, उसे देखकर उनका दिल दुखी है और वो बहुत गुस्से में हैं. उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ जिस तरह की कार्रवाई की गई, वो काफी चिंताजनक है. उन्होंने ये भी कहा कि नकाब पहनकर लाठी लिए खड़े लोग उन्हें अमेरिका की इमिग्रेशन एजेंसी ICE की याद दिलाते हैं.
साथ खड़ें हैं कई लोग
अपने मैसेज में उन्होंने छात्रों से हिम्मत न हारने की अपील की. नसीरुद्दीन ने कहा कि देश के कई लोग उनके साथ खड़े हैं. एक्टर ने कहा कि उन्हें हमेशा देश के युवाओं पर भरोसा रहा है. आज वो भरोसा पहले से भी ज्यादा मजबूत हुआ है. अपने बयान के अंत में उन्होंने कहा, सब याद रखा जाएगा.
सबसे बड़ा शिक्षक
76 साल के नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा और फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से अभिनय की पढ़ाई की है. लेकिन उन्होंने छात्रों को हमेशा अपना सबसे बड़ा शिक्षक माना है. उनका मानना है कि युवा ही समाज में बदलाव की सबसे बड़ी ताकत होते हैं. उनकी आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए.
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एकलव्य की कहानी
अभिनेत्री रत्ना पाठक शाह ने भी छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखी. उन्होंने बचपन में सुनी एकलव्य और द्रोणाचार्य की कहानी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें हमेशा ये सवाल परेशान करता था कि कोई गुरु अपने शिष्य से उसका पूरा भविष्य कैसे मांग सकता है. उन्होंने कहा कि आज उन्हें लगता है कि समाज में ऐसे कई हालात देखने को मिल रहे हैं, जहां छात्रों से लगातार त्याग की उम्मीद की जाती है. उन्होंने ये भी सवाल उठाया कि जब देश विश्वगुरु बनने की बात करता है, तो छात्रों की चिंताओं को समझने और उनसे बाद करने में कठिनाई क्यों दिखाई देती है.
अपनी पीढ़ी की जिम्मेदारी
रत्ना पाठक ने कहा कि उनकी पीढ़ी ये देख रही थी कि हालात किस दिशा में बढ़ रहे हैं, लेकिन समय रहते उन्हें रोकने में सफल नहीं हो सकी. उन्होंने छात्रों से माफी मांगते हुए कहा कि अब उनकी पीढ़ी के पास युवाओं को उपदेश देने का अधिकार नहीं बचता. लेकिन जब भी छात्र बुलाएंगे, वो उनके साथ खड़े रहेंगे.
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में ‘चलो संसद’ के आह्वान पर बड़ी संख्या में छात्र दिल्ली की सड़कों पर उतरे थे. प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी. आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सीजेपी (Cockroach Janta Party) ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन रोकने के लिए पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया, जिसमें कई छात्र घायल हुए. दूसरी तरफ, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लगातार बहस जारी है.
News Source: PTI
