SAD Alliance: पंजाब में विधानसभा चुनाव को देखते हुए सियासी हलचल तेज हो गई है. SAD-BJP के फिर से एक साथ आने की चर्चाओं के बीच शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने शुक्रवार को कहा कि AAP और कांग्रेस पंजाब के सबसे बड़े दुश्मन हैं. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी उन अन्य दलों के साथ गठबंधन करने के लिए तैयार है, जो उनकी विचारधारा और कार्यक्रमों से सहमत हैं. बादल ने जोर देकर कहा कि जब पंजाब में SAD-BJP की गठबंधन सरकार थी, तब राज्य में शांति थी. पंजाब में विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं.
राज्यपाल से मिला SAD शिष्टमंडल
बादल ने बताया कि शिरोमणि अकाली दल (SAD) के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की. उन्होंने चर्चा की कि कैसे एक अक्षम मुख्यमंत्री ने राज्य को बर्बाद कर दिया है और यहां कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है. बादल के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में राज्यपाल से मुलाकात की. उन्होंने कुछ मांगों के साथ एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान को बर्खास्त करने की मांग भी शामिल थी.
AAP और कांग्रेस राज्य के सबसे बड़ा दुश्मन
बादल ने कहा कि SAD-BJP के शासनकाल में पंजाब में शांति थी और राज्य ने विकास देखा, चाहे वह बुनियादी ढांचा हो, उद्योग हों या फिर राज्य का बिजली के मामले में सरप्लस (अतिरिक्त उत्पादन करने वाला) बनना हो. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और AAP सरकारों के गलत फैसलों के कारण पंजाब के हालात खराब हो गए हैं. हम सरकार बनाएं या न बनाएं, हम पंजाब के लोगों के लिए लड़ते रहेंगे. हमारी नज़र में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पंजाब की दो सबसे बड़ी दुश्मन हैं, और इन पार्टियों के साथ हमारा कोई समझौता कभी नहीं हो सकता. इनके अलावा कई और पार्टियां भी हैं जो अकाली दल की विचारधारा और कार्यक्रमों से सहमत हैं. हम (गठबंधन के लिए) तैयार हैं.
SAD ने तोड़ दिया था बीजेपी से 24 साल पुराना गठबंधन
मालूम हो कि गुरुवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि 2027 में पंजाब में NDA की सरकार बनेगी. इस बयान ने पुराने सहयोगियों के फिर से एक साथ आने की चर्चाओं को हवा दे दी है. इससे पहले अगस्त में, जब बादल ने संसद भवन स्थित कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी, तो इस बात के कयास लगाए जाने लगे थे कि यह क्षेत्रीय पार्टी फिर से BJP के साथ हाथ मिला सकती है.
SAD ने सितंबर 2020 में, अब रद्द किए जा चुके तीन कृषि कानूनों को लेकर BJP के साथ अपना 24 साल पुराना गठबंधन तोड़ लिया था. इससे पहले, लोकसभा सांसद हरसिमरत कौर बादल भी मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री थीं. हाल के महीनों में, पंजाब BJP के कई नेताओं ने कहा है कि वे विधानसभा चुनावों में सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. 2022 के विधानसभा चुनावों में BJP ने केवल दो सीटें जीती थीं, जबकि कुल 117 सीटों वाली विधानसभा में SAD तीन सीटों पर जीत हासिल कर पाई थी.
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