Gujarat News: गुजरात में अक्टूबर महीने में भी गर्मी का प्रकोप जारी है. आमतौर पर नवरात्रि के बाद राज्य में मौसम ठंडा होने लगता है और लोगों को सर्दी का अहसास होने लगता है, लेकिन इस बार स्थिति अलग है. अहमदाबाद में अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक तापमान के कारण लोगों को अक्टूबर में भी तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. गर्मी के बीच अस्पतालों में मरीजों की संख्या और वायरल संक्रमण के मामले भी चिंता बढ़ा रहे हैं.
तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया
मौसम के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2017 में अक्टूबर महीने के दौरान अहमदाबाद में अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. वहीं, वर्ष 2024 में अक्टूबर के दौरान अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था. अब वर्ष 2026 में अहमदाबाद का अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक रहने के कारण लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल रही है. अक्टूबर में जहां मौसम में ठंडक महसूस होने की उम्मीद रहती है. वहीं इस बार तेज धूप और गर्मी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
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ओपीडी में 20,470 मरीज दर्ज किए गए
अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में एक सप्ताह के दौरान ओपीडी में 20,470 मरीज दर्ज किए गए, जबकि 2,464 मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा. अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, इसी अवधि में वायरल संक्रमण के 949 और डेंगू के 252 मामले सामने आए. बदलते मौसम के बीच वायरल संक्रमण और डेंगू के मामले लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं. आमतौर पर मानसून के दौरान डेंगू के मामले अधिक देखने को मिलते हैं, लेकिन इस बार अक्टूबर में भी डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं. मौसम में बदलाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. सिविल अस्पताल के सुप्रिटेंडेंट राकेश जोशी के मुताबिक, लोगों को अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए. विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है.
गर्मी से बचने के लिए लोग चेहरे पर कपड़ा ढक रहे
अहमदाबाद की सड़कों पर भी गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है. दोपहर के समय तेज धूप के कारण लोगों को बाहर निकलने में परेशानी हो रही है. कई लोग गर्मी से बचने के लिए चेहरे पर कपड़ा बांधकर निकल रहे हैं. राहगीरों का कहना है कि अक्टूबर में ठंडक की उम्मीद थी, लेकिन बढ़ती गर्मी के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं. डॉक्टरों की सलाह है कि बदलते मौसम के दौरान बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर विशेष ध्यान दिया जाए. पर्याप्त पानी पीना, तेज धूप में अनावश्यक बाहर निकलने से बचना और साफ-सफाई बनाए रखना जरूरी है. बुखार, कमजोरी या अन्य लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए. गुजरात में अक्टूबर के दौरान बढ़ता तापमान लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव होता है या गर्मी का यह दौर जारी रहता है.
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