Assam Flood 2026: असम में बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है. भारी बारिश और बाढ़ से अब तक 85 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, लाखों की संख्या में लोग प्रभावित हुए है. नागरिकों का जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है. प्रदेश में बाढ़ से राहत और बचाव को लेकर रेस्क्यू टीमें लगातार पूरी मुस्तैदी के साथ अपना काम कर रही है.
इस बार असम में बाढ़ का कहर इतना जबरदस्त रहा कि सरकार को सेना की भी मदद लेनी पड़ी. इस बीच असम की हिमंता सरकार ने राज्य में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत राशि की पहली किस्त जारी की है. आइए जानते हैं पूरी खबर.
75,000 रुपये की राहत राशि
न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, असम में बाढ़ को लेकर अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि प्रदेश की सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को लगभग 75,000 रुपये की अंतरिम राहत की पहली किस्त जारी की है. उन्होंने बताया कि ऊपरी असम में आई विनाशकारी बाढ़ में रविवार को तीन और लोगों की मौत होने के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है, जबकि प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 1.35 लाख रह गई है.
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, जो सबसे अधिक प्रभावित जिलों का दौरा कर रहे हैं, ने डिब्रूगढ़ से अंतरिम राहत की पहली किस्त जारी की. अधिकारियों ने बताया कि शिवसागर, चारियादेव, जोरहाट और गोलाघाट जिले काफी प्रभावित हुए हैं. यहां बुरी तरह क्षतिग्रस्त घरों वाले परिवारों को पहली किस्त में प्रभावित लोगों को दिए जा रहे अन्य लाभों के अलावा प्रति परिवार 15,000 रुपये मिलेंगे. इससे कुल राहत राशि प्रति परिवार 75,000 रुपये हो जाएगी.
शिवसागर जिले का दौरा करेंगे सीएम
मिली जानकारी के अनुसार, असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा दिन के दौरान शिवसागर जिले के कुछ हिस्सों का दौरा करेंगे. इस दौरान वे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की देखरेख करने के साथ-साथ प्रभावित लोगों से बातचीत भी करेंगे. मालूम हो कि पूर्वोत्तर राज्य असम में बाढ़ की मौजूदा लहर से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में से एक, शिवसागर में जल प्रलय में ताजा मौतों की सूचना मिली है. यह जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा है.
पांच जिलों में लगभग 1.8 लाख लोग प्रभावित
जानकारी के अनुसार, असम के चराइदेव, धेमाजी, गोलाघाट, जोरहाट और शिवसागर जिलों में कुल 1,36,200 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. शनिवार को पांच जिलों में लगभग 1.8 लाख लोग प्रभावित हुए. शिवसागर सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां 55,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए. इसके बाद चराइदेव में 40,000 और जोरहाट में 22,000 लोग प्रभावित हुए.
प्रशासन द्वारा पांच जिलों में कुल 54 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र चलाए जा रहे हैं, जो वर्तमान में 13,771 लोगों की देखभाल कर रहे हैं. प्रभावित जिलों में 15,422 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है. इंसानों के साथ-साथ पशुओं को भी काफी दिक्कतें हुई हैं. कई पशु बाढ़ की तेज धार में बह चुके हैं.
वहीं, अधिकारियों ने बताया कि धनसिरी नदी गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ में खतरे के स्तर से ऊपर बह रही है. इस बीच लोगों को हमेशा सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
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News Source: PTI
