Home Top News आकाश OUT, ईशान IN: BSP में उत्तराधिकार की नई जंग, जानें क्या है मायावती का असली मास्टरप्लान?

आकाश OUT, ईशान IN: BSP में उत्तराधिकार की नई जंग, जानें क्या है मायावती का असली मास्टरप्लान?

by Sanjay Kumar Srivastava 20 September 2026, 3:37 PM IST
20 September 2026, 3:37 PM IST
आकाश OUT, ईशान IN: BSP में उत्तराधिकार की नई जंग, जानें क्या है मायावती का असली मास्टरप्लान?

UP BSP: BSP प्रमुख मायावती ने रविवार को कहा कि उनके छोटे भाई आनंद कुमार के बच्चों में से सिर्फ़ एक, ईशान आनंद को ही पार्टी में ज़िम्मेदारी दी जाएगी. मायावती ने कहा कि आकाश आनंद, जो कुछ हफ़्ते पहले तक पार्टी के मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक थे, और उनकी बहन दीपिका को पार्टी से दूर रखा जाएगा. इस फ़ैसले में कोई बदलाव नहीं होगा. हालांकि लगभग एक हफ़्ते पहले मायावती ने कहा था कि आनंद कुमार के दोनों बेटों आकाश और ईशान में से किसी को भी बीएसपी में कोई पद नहीं दिया जाएगा. पार्टी पिछले कुछ हफ़्तों से पारिवारिक कलह की वजह से चर्चा में रही है.

आकाश आनंद के व्यवहार से नाराज थीं बहनजी

रविवार को मायावती ने कहा कि अब पार्टी के हित में आकाश आनंद और उनकी बहन (दीपिका) को पार्टी में कोई भी ज़िम्मेदारी देने से पूरी तरह दूर रखना ही उचित होगा. इस फ़ैसले में कोई बदलाव नहीं होगा. उन्होंने कहा कि अब उन दोनों की जगह आनंद कुमार के परिवार से सिर्फ़ ईशान आनंद को पार्टी में सम्मानजनक भूमिका दी जाएगी और उसे आगे बढ़ाया जाएगा. हालांकि, मायावती ने चेतावनी दी कि अगर ईशान ने पार्टी विरोधी कोई गंभीर काम किया तो उन्हें भी निकाल दिया जाएगा और ऐसी स्थिति में आनंद कुमार के परिवार के किसी भी अन्य सदस्य को पार्टी में कोई छोटी या बड़ी ज़िम्मेदारी नहीं दी जाएगी. आकाश का ज़िक्र करते हुए मायावती ने कहा कि शादी के बाद आकाश आनंद का व्यवहार और गतिविधियां हर कदम पर ऐसी रही हैं कि इस वजह से उन्हें कुछ दिन पहले ही पार्टी से फिर से अलग करना पड़ा.

आकाश को जिम्मेदारी देना पार्टी के साथ धोखा

उन्होंने कहा कि आकाश अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के जाल में पूरी तरह फंस चुके हैं और उन्हें पार्टी में वापस लाना BSP के साथ बहुत बड़ा धोखा होगा, जो मैं कभी नहीं कर सकती. मायावती ने कहा कि वह इस बात को लेकर उलझन में थीं कि आनंद कुमार के परिवार में से किसे पार्टी में आगे बढ़ाया जाए. उन्होंने कहा कि ऐसे में कुछ समय से मेरे लिए यह तय करना मुश्किल हो रहा था कि आनंद कुमार के परिवार से किसे आगे बढ़ाया जाए और किसे नहीं. इस उलझन को खत्म करते हुए मैंने हर पहलू पर गंभीरता से विचार करने के बाद यह फैसला लिया है. उन्होंने यह भी कहा कि शादी के बाद दीपिका से मदद न लेने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि अगर शादी के बाद उनका मामला भी आकाश आनंद जैसा हो गया, तो यह पार्टी के हित में नहीं होगा.

परिवारवाद पर कड़ा रुख

12 सितंबर को मायावती ने अपने फैसले को अंतिम फैसला और संकल्प बताते हुए कहा था कि मेरा अंतिम फैसला और संकल्प यह है कि आनंद कुमार के किसी भी बेटे को BSP में कोई छोटा या बड़ा पद संभालते हुए राजनीति करने का मौका नहीं दिया जाएगा. उन्होंने तब कहा था कि अगर भविष्य में आनंद कुमार को परिवार के किसी और सदस्य की मदद की ज़रूरत पड़ती है, तो वह अपनी इकलौती बेटी दीपिका आनंद से मदद ले सकते हैं, जो लॉ की पढ़ाई कर रही हैं.

कांशीराम के सिद्धांतों और पदचिह्नों का अनुसरण

मायावती ने BSP के संस्थापक कांशीराम का भी ज़िक्र किया और कहा कि राजनीति में आने के बाद उन्होंने हमेशा अपने करीबी रिश्तेदारों को राजनीतिक फायदों से दूर रखा था. उन्होंने कहा कि उनसे प्रेरित होकर मैंने भी उनके नक्शेकदम पर चलने का फ़ैसला किया और अपनी पूरी ज़िंदगी ‘बहुजन समाज’ को समर्पित कर दी. 10 सितंबर को मायावती ने घोषणा की कि उनके भतीजे आकाश आनंद, जिनकी शादी पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ की बेटी से हुई है, को BSP में उनकी ज़िम्मेदारियों से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है. मायावती के छोटे भाई आनंद कुमार पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं.

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News Source: PTI

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